
#इसरीबाजार #किसानमजदूर_बैठक : संगठनात्मक मजबूती और मुद्दों पर चर्चा के लिए यूनियन की मासिक बैठक आयोजित।
झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की मासिक बैठक 11 जनवरी 2026, रविवार को इसरी बाजार स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो सहित केंद्रीय, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के पदाधिकारी शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में किसान और मजदूर वर्ग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। संगठनात्मक रणनीति और आगामी आंदोलनों की दिशा तय करने के लिहाज से यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- 11 जनवरी 2026, रविवार को यूनियन की मासिक बैठक।
- स्थान: झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन प्रधान कार्यालय, रेलवे गेट रागांमाटी, इसरी बाजार।
- दोपहर 12:00 बजे से बैठक का आयोजन।
- केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो सहित केंद्रीय पदाधिकारी होंगे उपस्थित।
- जिला, प्रखंड, पंचायत पदाधिकारी, किसान, मजदूर और सदस्य शामिल।
- संगठनात्मक मुद्दों और किसान-मजदूर समस्याओं पर चर्चा प्रस्तावित।
झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की ओर से संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक का आयोजन किया जा रहा है। यह बैठक 11 जनवरी 2026, रविवार को इसरी बाजार के रेलवे गेट रागांमाटी स्थित यूनियन के प्रधान कार्यालय में संपन्न होगी। बैठक का समय दोपहर 12:00 बजे निर्धारित किया गया है, जिसमें यूनियन से जुड़े विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी और सदस्य भाग लेंगे। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों से समय से दस मिनट पूर्व पहुंचने का आग्रह किया है।
बैठक का उद्देश्य और एजेंडा
इस मासिक बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना और किसान-मजदूर हित से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर सामूहिक चर्चा करना है। यूनियन नेतृत्व द्वारा जमीनी समस्याओं, मजदूरी, कृषि से जुड़े सवालों और संगठन विस्तार पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही आने वाले समय में यूनियन की रणनीति और कार्यक्रमों को लेकर भी दिशा तय की जा सकती है।
केंद्रीय नेतृत्व की उपस्थिति
बैठक में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष श्री गंगाधर महतो की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय मानी जा रही है। उनके साथ यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारी भी बैठक में शामिल होंगे। केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी से बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों को संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गंगाधर महतो ने कहा: “किसान और मजदूर की एकजुटता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है। सभी सदस्यों को अपने विचार खुलकर रखने चाहिए।”
जिला से पंचायत स्तर तक भागीदारी
इस बैठक में केवल केंद्रीय नेतृत्व ही नहीं, बल्कि जिला पदाधिकारी, प्रखंड पदाधिकारी और पंचायत पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसके अलावा बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और यूनियन के सक्रिय सदस्य भी बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह व्यापक भागीदारी संगठन के भीतर संवाद और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर फोकस
बैठक में किसानों और मजदूरों से जुड़े स्थानीय व क्षेत्रीय मुद्दों पर विशेष चर्चा होने की संभावना है। कृषि लागत, फसल मूल्य, मजदूरी, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषय एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल हो सकते हैं। यूनियन नेतृत्व का मानना है कि जमीनी स्तर से उठने वाली आवाज को संगठित मंच पर लाकर ही प्रभावी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
समयपालन और अनुशासन की अपील
यूनियन की ओर से सभी सदस्यों से बैठक में समय से पहले पहुंचने की अपील की गई है, ताकि बैठक निर्धारित समय पर शुरू हो सके और सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हो सके। आयोजकों ने कहा है कि समयपालन संगठनात्मक अनुशासन का अहम हिस्सा है और इससे बैठक को सफल बनाने में मदद मिलेगी।
संगठनात्मक मजबूती की दिशा में कदम
मासिक बैठकों को यूनियन नेतृत्व संगठन की रीढ़ मानता है। इन्हीं बैठकों के माध्यम से नीतिगत निर्णय, आंदोलन की रूपरेखा और सदस्यता विस्तार जैसे मुद्दों पर सहमति बनती है। इस बैठक से भी संगठन को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
न्यूज़ देखो: किसान-मजदूर एकता का मंच, संगठन की परीक्षा
झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की यह मासिक बैठक संगठनात्मक मजबूती के लिए एक अहम अवसर है। केंद्रीय अध्यक्ष गंगाधर महतो की मौजूदगी बैठक को खास बनाती है और जमीनी मुद्दों को सीधे नेतृत्व तक पहुंचाने का मौका देती है। अब देखना होगा कि इस बैठक से किसान और मजदूर हित में कौन से ठोस निर्णय सामने आते हैं। संगठन की एकजुटता और सक्रियता ही इसकी प्रभावशीलता तय करेगी।
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संगठित रहें, अपनी आवाज मजबूत करें
किसान और मजदूर की ताकत उनकी एकता में निहित है। ऐसी बैठकों में सक्रिय भागीदारी न केवल समस्याओं को सामने लाती है, बल्कि समाधान की राह भी खोलती है। अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझना और संगठन के मंच पर खुलकर बोलना समय की जरूरत है।
सजग बनें, बैठक में शामिल हों और अपने विचार साझा करें। इस खबर को आगे बढ़ाएं, साथियों तक पहुंचाएं और किसान-मजदूर हित की आवाज को मजबूत करने में योगदान दें।





