दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, अब राज्य के युवा बन सकेंगे पायलट

दुमका में झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, अब राज्य के युवा बन सकेंगे पायलट

author Saroj Verma
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#दुमका #विकास_उद्घाटन : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एयरपोर्ट परिसर में फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का लोकार्पण कर युवाओं के लिए खोला नया अवसर
  • सिदो-कान्हू एयरपोर्ट, दुमका में फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का शुभारंभ।
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन–शिलान्यास किया।
  • 30 युवाओं का चयन प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।
  • 15 आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को 100% स्कॉलरशिप मिलेगी।
  • युवाओं को पायलट प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर खोलने की योजना।

दुमका के सिदो-कान्हू एयरपोर्ट परिसर में सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का विधिवत उद्घाटन करते हुए राज्य के युवाओं के लिए एक नई दिशा का द्वार खोला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया, साथ ही नियुक्ति पत्र और परिसंपत्तियों का वितरण भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और युवाओं की बड़ी उपस्थिति देखने को मिली।

झारखंड में पायलट प्रशिक्षण का नया अध्याय

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अब झारखंड का युवा केवल हवाई जहाज में चढ़ेगा ही नहीं, बल्कि उड़ाएगा भी। यह संस्थान उन युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि है, जो पायलट बनने का सपना देखते हैं। उन्होंने बताया कि पायलट प्रशिक्षण के लिए 30 युवाओं का चयन प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता आधारित रहेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि आरक्षित वर्ग के 15 युवाओं को यह प्रशिक्षण पूरी तरह से शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप पर उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक बाधाओं के कारण किसी प्रतिभावान युवा का भविष्य प्रभावित न हो।

युवाओं के लिए रोजगार और संभावनाओं का विस्तार

राज्य सरकार का मानना है कि झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट न केवल युवाओं को नए कौशल से सशक्त करेगा बल्कि रोजगार के बड़े अवसर भी प्रदान करेगा। अब राज्य के युवाओं को पायलट प्रशिक्षण के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उद्योग और विमानन क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम झारखंड की नई उड़ान का प्रतीक माना जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को हर संभव मंच देने के लिए कटिबद्ध है। चाहे शिक्षा हो, कौशल विकास हो या तकनीकी प्रशिक्षण – राज्य अपने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार पहल कर रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन: “अब यहां का युवा हवाई जहाज में चढ़ेगा और हवाई जहाज भी उड़ाएगा। युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर पायलट बन सकेंगे। 30 युवाओं का चयन प्रतियोगिता परीक्षा से होगा और 15 आरक्षित वर्ग के युवाओं को पूरी स्कॉलरशिप दी जाएगी।”

विकास योजनाओं का लाभ जनता तक

इस कार्यक्रम में अन्य विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। साथ ही पात्र लाभुकों के बीच नियुक्ति पत्र और परिसंपत्तियों का वितरण किया गया, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास का लाभ तेजी से पहुंच सके।

न्यूज़ देखो: झारखंड की नई उड़ान – कौशल और रोजगार को मिला पंख

फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का शुभारंभ झारखंड के युवाओं के भविष्य में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक है। यह संस्थान न सिर्फ कौशल विकास बल्कि राज्य की आर्थिक और तकनीकी प्रगति का भी संकेत है। यदि शासन इसी गति से युवा-केंद्रित फैसले लेता रहा, तो झारखंड आने वाले वर्षों में विमानन और तकनीकी क्षेत्रों में मजबूत स्थान बना सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

नई ऊंचाइयों की ओर झारखंड की उड़ान

यह पहल साबित करती है कि अवसर मिलते ही युवा नई ऊंचाइयों को छू सकते हैं। आइए, इस सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें। अपनी राय साझा करें और इस खबर को आगे भेजें ताकि अधिक से अधिक युवा इस जानकारी का लाभ उठा सकें।

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Written by

दुमका/देवघर

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