झारखंड के 480 स्कूलों में बनेंगी साइंस लैब, छात्र सीखेंगे इनोवेशन

#रांची : सरकारी हाई स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण को मिली मंजूरी

सरकारी स्कूलों में मिलेंगी अत्याधुनिक साइंस लैब

झारखंड के सरकारी हाई स्कूलों और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए राज्य सरकार ने 480 स्कूलों में साइंस लैब बनाने की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर कुल 34.80 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रत्येक स्कूल में लैब निर्माण पर 7.25 लाख रुपए की लागत आएगी।

राज्य सरकार द्वारा 2024 में 600 लैब असिस्टेंट की नियुक्ति की गई थी, जिन्हें ट्रेनिंग देकर स्कूलों में पोस्टिंग भी दी गई थी। लेकिन लैब के अभाव में प्रैक्टिकल क्लास नहीं हो पा रही थी, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब सरकार ने जल्द से जल्द लैब निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत साइंस लैब अनिवार्य

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत सभी हाई स्कूलों में गणित और विज्ञान प्रयोगशाला का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा मिलेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है।

“सरकारी स्कूलों में प्रयोगशाला की कमी के कारण छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब साइंस लैब बनने से उनकी प्रैक्टिकल नॉलेज बढ़ेगी।” – रामदास सोरेन, स्कूली शिक्षा मंत्री

किन जिलों के कितने स्कूलों में बनेंगी साइंस लैब?

सरकार ने राज्य के सभी जिलों में 480 स्कूलों को इस योजना में शामिल किया है। प्रमुख जिलों में साइंस लैब की संख्या इस प्रकार होगी:

जिलास्कूलों की संख्या
पलामू34
गुमला19
गिरिडीह32
हजारीबाग24
प. सिंहभूम29
जामताड़ा13
रांची27
खूंटी10
पू सिंहभूम27
कोडरमा11
गोड्डा27
लातेहार15
बोकारो20
लोहरदगा9
चतरा19
पाकुड़12
देवघर25
रामगढ़16
धनबाद23
साहिबगंज18
दुमका23
सरायकेला17
गढ़वा20
सिमडेगा10

कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगी टेंडर प्रक्रिया

कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्कूली शिक्षा विभाग ई-टेंडर जारी करेगा और एजेंसियों का चयन किया जाएगा। ये एजेंसियां निर्धारित समय-सीमा में लैब निर्माण करेंगी। इसके अलावा, एजेंसियों को अगले 5 वर्षों तक वन-साइड सर्विस सपोर्ट देना अनिवार्य होगा

परियोजना की समीक्षा थर्ड-पार्टी एजेंसी द्वारा की जाएगी। यदि इस योजना के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं, तो इसे अन्य सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा। योजना का संचालन माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के तहत किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: शिक्षा में नवाचार पर रहेगी हमारी नजर

झारखंड सरकार के इस निर्णय से सरकारी स्कूलों में विज्ञान शिक्षा को नया आयाम मिलेगा। इससे छात्रों को प्रयोगात्मक शिक्षा से लाभ होगा और वे नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने में सक्षम बनेंगे। ‘न्यूज़ देखो’ इस योजना की प्रगति पर नजर बनाए रखेगा। जुड़े रहें – “हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।”

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