झारखंड में जनजातीय भाषाओं के उत्थान के लिए ‘पलाश’ कार्यक्रम की सराहनीय पहल

झारखंड में जनजातीय भाषाओं के उत्थान के लिए ‘पलाश’ कार्यक्रम की सराहनीय पहल

author News देखो Team
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की दिशा में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने एक बड़ा कदम उठाया है। ‘पलाश’ कार्यक्रम के तहत, राज्य के बच्चों को उनकी मातृभाषा या जनजातीय भाषा में प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है।

कार्यक्रम की विशेषताएं:

  • भाषाओं का समावेश: झारखंड में पांच जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाएं शिक्षा के माध्यम के रूप में चुनी गई हैं।
  • लाभ: इससे बच्चों के मानसिक विकास में तेजी आ रही है और उनके आत्मसम्मान में भी वृद्धि हो रही है।
  • भागीदारी: इस पहल में UNICEF India और Language and Learning Foundation (LLF) का सहयोग शामिल है।
  • सांस्कृतिक जोड़: बच्चों को उनकी संस्कृति और परंपरा से जोड़ने में यह कार्यक्रम अहम भूमिका निभा रहा है।

प्रभाव और विस्तार:

वर्तमान में, ‘पलाश’ कार्यक्रम झारखंड के आठ जिलों के 1,041 स्कूलों में लागू किया गया है। यह न केवल शिक्षा में समानता लाने का प्रयास है बल्कि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए भी एक अनूठी पहल है।

शिक्षा में समान अवसर का लक्ष्य:

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देकर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और समान अवसर प्रदान करना है।

‘पलाश’ जैसे कार्यक्रम, NEP 2020 के लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं, जिससे झारखंड के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है।

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