Jharkhand

फरवरी में होंगे झारखंड नगर निकाय चुनाव, राज्यपाल की सहमति के बाद प्रक्रिया तेज

#झारखंड #नगरनिकायचुनाव : हाईकोर्ट के आदेश के बाद फरवरी में मतदान की तैयारी, 27 जनवरी को अधिसूचना संभावित।

झारखंड में लंबे समय से लंबित नगर निकाय चुनाव अब फरवरी 2026 में कराए जाएंगे। राज्यपाल ने नगर निकाय चुनाव कार्यक्रम पर सहमति दे दी है, जिसके बाद प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की योजना के अनुसार 27 जनवरी को चुनाव अधिसूचना जारी हो सकती है और 28 फरवरी तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने का लक्ष्य है। हाईकोर्ट के 31 मार्च से पहले चुनाव कराने के निर्देश के बाद यह फैसला राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से अहम माना जा रहा है।

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  • राज्यपाल की सहमति के बाद नगर निकाय चुनाव का रास्ता साफ।
  • 27 जनवरी को अधिसूचना जारी होने की संभावना।
  • 24 या 25 फरवरी को मतदान संभावित।
  • 28 फरवरी तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य।
  • राज्य के 48 नगर निकायों में वर्षों से लंबित है चुनाव।

झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब समाप्ति की ओर है। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कराने की दिशा में तेजी दिखाई है। जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम का प्रस्ताव पहले ही सरकार को भेज दिया था, जिसे कैबिनेट की स्वीकृति के बाद राज्यपाल के पास भेजा गया। सोमवार को राज्यपाल ने बजट सत्र के साथ-साथ नगर निकाय चुनाव कार्यक्रम पर भी अपनी सहमति प्रदान कर दी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी रफ्तार

नगर निकाय चुनाव को लेकर मामला लंबे समय से अदालत में लंबित था। ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट को लेकर चुनाव प्रक्रिया बार-बार उलझती रही। अंततः पिछली सुनवाई में झारखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग हर हाल में 31 मार्च 2026 से पहले नगर निकाय चुनाव कराएं। इसी आदेश के अनुपालन में अब प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए गए हैं।

27 जनवरी को अधिसूचना, फरवरी में मतदान

राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की जा सकती है। इसके बाद सात कार्य दिवसों तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच और दो दिनों तक नामांकन वापसी की अवधि निर्धारित की जाएगी।

संभावना जताई जा रही है कि 10 फरवरी तक चुनाव चिन्हों का आवंटन कर दिया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवारों को करीब 14–15 दिनों का प्रचार समय मिलेगा। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 24 या 25 फरवरी को मतदान कराए जाने की संभावना है, जबकि 28 फरवरी तक पूरी चुनावी प्रक्रिया समाप्त कर ली जाएगी।

कैबिनेट और राज्यपाल की भूमिका

जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम से संबंधित प्रस्ताव को सीलबंद लिफाफे में कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा था। कैबिनेट ने इस पर सहमति जताने के बाद प्रस्ताव को राज्यपाल के पास अग्रसारित किया। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब राज्य सरकार इसे औपचारिक रूप से राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगी, जिसके बाद आयोग चुनाव कराने की प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा।

48 नगर निकायों में वर्षों से लंबित है चुनाव

राज्य के कुल 48 नगर निकायों में लंबे समय से चुनाव नहीं हो पाए हैं। इनमें 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। इनमें से आधे से अधिक निकायों में 2020 से ही चुनाव लंबित हैं। उस समय कोरोना महामारी के कारण सरकार ने निकाय चुनाव स्थगित कर दिए थे। इसके बाद एक साथ सभी निकायों में चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट के कारण मामला फिर उलझ गया।

इन नगर निगमों में होने हैं चुनाव

नगर निगमों की सूची इस प्रकार है:
रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो।

नगर परिषदों में चुनाव की तैयारी

नगर परिषदों में गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी-तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम शामिल हैं।

नगर पंचायतों की लंबी सूची

नगर पंचायत स्तर पर बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, घनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, खूंटी, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुढ़मू, सरायकेला और चाकुलिया में चुनाव प्रस्तावित हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व

नगर निकाय चुनाव स्थानीय लोकतंत्र की बुनियाद माने जाते हैं। लंबे समय से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अभाव में कई निकायों का संचालन प्रशासकों के भरोसे चल रहा था। अब चुनाव होने से स्थानीय विकास, नागरिक सुविधाओं और जनभागीदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ देखो: लोकतंत्र की जड़ें होंगी मजबूत

नगर निकाय चुनाव पर लगी अनिश्चितता अब समाप्त होती दिख रही है। हाईकोर्ट के आदेश और राज्यपाल की सहमति ने स्थानीय लोकतंत्र को मजबूती देने का रास्ता खोला है। यह देखना अहम होगा कि चुनाव प्रक्रिया कितनी पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्थानीय लोकतंत्र में भागीदारी का समय

नगर निकाय चुनाव आम नागरिकों को अपने शहर और कस्बे की दिशा तय करने का अवसर देते हैं। जागरूक मतदाता बनें, मुद्दों को समझें और जिम्मेदारी से मतदान करें। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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