
#रांची #झारखंडबारकाउंसिल #चुनाव : 10 दिनों तक चल सकती है मतगणना, दुमका के गोपेश्वर प्रसाद झा भी उम्मीदवार।
झारखंड स्टेट बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के लिए मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब 20 मार्च से मतगणना शुरू होगी। इस चुनाव में दुमका के वरीय अधिवक्ता गोपेश्वर प्रसाद झा सहित कुल 100 उम्मीदवार मैदान में हैं।
- 20 मार्च सुबह 11 बजे से रांची में मतगणना शुरू।
- सभी जिलों से बैलेट बॉक्स मंगाकर काउंसिल भवन में सुरक्षित रखे गए।
- कुल 100 उम्मीदवार चुनाव मैदान में, जिनमें 75 पुरुष और 25 महिला शामिल।
- 25 सदस्यीय काउंसिल में 23 पदों पर चुनाव, 2 महिला सदस्य मनोनीत होंगी।
- मतगणना में 10 दिनों से अधिक समय लगने की संभावना।
झारखंड स्टेट बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर चुनाव प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। मतदान संपन्न होने के बाद अब 20 मार्च को सुबह 11 बजे से रांची स्थित काउंसिल भवन में मतगणना शुरू होगी।
रांची में होगी मतगणना
मतदान के बाद राज्य के विभिन्न जिलों से बैलेट बॉक्स रांची मंगा लिए गए हैं और उन्हें सुरक्षित रखा गया है। मतगणना की पूरी प्रक्रिया काउंसिल भवन में ही संपन्न कराई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने के कारण मतगणना प्रक्रिया लंबी चल सकती है और इसमें 10 दिनों से अधिक समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
100 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
इस चुनाव में कुल 100 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 75 पुरुष और 25 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। दुमका के वरीय अधिवक्ता गोपेश्वर प्रसाद झा भी इस चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
कई अनुभवी और नए चेहरों के बीच मुकाबला रोचक माना जा रहा है।
23 पदों पर चुनाव, 2 का होगा मनोनयन
बार काउंसिल के कुल 25 सदस्यीय ढांचे में से 23 पदों पर चुनाव कराया गया है। इनमें 18 पुरुष और 5 महिला सदस्य मतदान के जरिए चुने जाएंगे।
इसके अलावा 2 महिला सदस्यों का चयन मनोनयन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे काउंसिल में महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
नतीजों पर टिकी सबकी नजर
मतगणना शुरू होने के साथ ही उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की नजर परिणामों पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो जाएगा कि नई कार्यकारिणी में किन चेहरों को जगह मिलती है।
न्यूज़ देखो: लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा
बार काउंसिल चुनाव अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अहम निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाती है।
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लंबी मतगणना, बड़ी जिम्मेदारी
उम्मीदवारों की बड़ी संख्या को देखते हुए मतगणना प्रक्रिया लंबी होना स्वाभाविक है। ऐसे में निष्पक्षता और सटीकता बनाए रखना चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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