
#सिमडेगा #शिष्टाचार_मुलाकात : कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी का बुके देकर स्वागत किया।
सिमडेगा जिले में झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे से शिष्टाचार मुलाकात की। जिला सचिव सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंचे शिष्टमंडल ने बुके भेंट कर उन्हें नव वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने कर्मचारियों को विभाग का अभिन्न अंग बताते हुए हर समस्या में सहयोग का आश्वासन दिया। यह मुलाकात प्रशासन और कर्मचारियों के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ जिला शाखा सिमडेगा की ओर से शिष्टाचार भेंट।
- जिला सचिव सुशील कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात।
- पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे का बुके देकर स्वागत।
- कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का खुला आश्वासन।
- प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न विभागों के कर्मचारी नेता शामिल।
सिमडेगा जिले में प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच आपसी समन्वय को लेकर एक सकारात्मक पहल देखने को मिली। झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ जिला शाखा सिमडेगा के प्रतिनिधिमंडल ने नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान न केवल उनका औपचारिक स्वागत किया गया, बल्कि नव वर्ष 2026 के अवसर पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान भी हुआ। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें संवाद और सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।
जिला सचिव के नेतृत्व में हुआ शिष्टमंडल का स्वागत
झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ की जिला शाखा की ओर से इस शिष्टाचार मुलाकात का नेतृत्व जिला सचिव सुशील कुमार सिंह ने किया। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक को बुके भेंट कर संगठन की ओर से स्वागत किया और नव वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। जिला सचिव ने महासंघ की भूमिका और कर्मचारियों की अपेक्षाओं का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए कहा कि कर्मचारी प्रशासन के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और बेहतर समन्वय से ही सुचारु कार्य संभव है।
पुलिस अधीक्षक का कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक संदेश
मुलाकात के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे ने कर्मचारियों के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए स्पष्ट संदेश दिया।
पुलिस अधीक्षक श्री श्रीकांत सुरेश राव खोत्रे ने कहा: “आप सभी कर्मचारी मेरा अंग हैं और आपके विभाग से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए मेरा दरवाजा हमेशा खुला रहेगा। आपकी प्रत्येक समस्या में मैं आपका साथ रहूंगा।”
उन्होंने सभी उपस्थित कर्मचारियों को नव वर्ष 2026 की शुभकामनाएं भी दीं और भविष्य में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने की बात कही। उनके इस बयान को कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
शिष्टमंडल में शामिल रहे कर्मचारी प्रतिनिधि
इस शिष्टाचार मुलाकात में कर्मचारी महासंघ के कई पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल में विजय उरांव, दीपक कुमार साहु, लक्ष्मी बड़ाईक, सत्येंद्र कुमार, प्रकाश बड़ाईक, संदीप कुमार महतो, प्रेमचंद विनोद टेटे, कृष्णा सिंह, मनीषा जतरमा, संगीता कुमारी, अजय कुमार चौधरी, अशोक झा और अभिषेक चौबे उपस्थित थे। सभी सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक से औपचारिक भेंट कर सकारात्मक संवाद किया।
प्रशासन और कर्मचारियों के बीच संवाद का महत्व
प्रशासनिक व्यवस्था में कर्मचारियों की भूमिका अहम होती है और पुलिस प्रशासन के साथ उनका तालमेल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तरह की शिष्टाचार मुलाकातें केवल औपचारिकता नहीं होतीं, बल्कि आपसी विश्वास और संवाद को मजबूत करने का माध्यम बनती हैं। इससे कर्मचारियों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान की दिशा में सार्थक पहल की उम्मीद बढ़ती है।
नव वर्ष में सहयोग की नई शुरुआत
नव वर्ष 2026 के अवसर पर हुई यह मुलाकात एक नई शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। कर्मचारी महासंघ और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से कार्यस्थल पर सकारात्मक वातावरण बनने की संभावना है। कर्मचारियों को यह भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और समाधान के प्रयास किए जाएंगे।
न्यूज़ देखो: संवाद से ही बनता है मजबूत प्रशासन
सिमडेगा में कर्मचारी महासंघ और पुलिस अधीक्षक के बीच हुई यह शिष्टाचार मुलाकात प्रशासनिक समन्वय की एक अच्छी मिसाल है। पुलिस अधीक्षक द्वारा कर्मचारियों को अपना अंग बताना विश्वास और सहभागिता का संकेत देता है। ऐसे संवाद से न केवल समस्याओं का समाधान आसान होता है, बल्कि कार्य संस्कृति भी मजबूत होती है। अब यह देखना अहम होगा कि भविष्य में इस सहयोग का असर जमीनी स्तर पर कितना दिखाई देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सकारात्मक संवाद से सशक्त होता है कार्य परिवेश
जब प्रशासन और कर्मचारी एक-दूसरे की बात सुनते हैं, तभी व्यवस्था मजबूत बनती है।
नव वर्ष की शुरुआत में हुआ यह संवाद भरोसे और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाता है।
ऐसे प्रयास कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के साथ बेहतर सेवा प्रणाली की नींव रखते हैं।
सशक्त संवाद से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।





