
#चंदवा #विमान_हादसा : झामुमो नेताओं ने मृतक के परिजनों से मिलकर आर्थिक सहयोग और संवेदना व्यक्त की।
लातेहार जिले के चंदवा में विमान हादसे में मृतक के परिजनों से शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने मुलाकात की। पार्टी प्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और आर्थिक सहयोग प्रदान किया। जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री स्तर पर भी मामले की जानकारी देकर मुआवजा प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई।
- रांची से दिल्ली जा रहे विमान हादसे में मृतक के परिवार से चंदवा में झामुमो नेताओं की मुलाकात।
- जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को दिया आर्थिक सहयोग।
- प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने घर पहुंचकर जताई गहरी संवेदना।
- मामले की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी गई — मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन।
- मौके पर सितमोहन मुंडा सहित कई झामुमो पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में शुक्रवार को एक भावुक दृश्य देखने को मिला जब झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विमान हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार से मुलाकात की। पार्टी प्रतिनिधियों ने मृतक के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और परिवार को इस दुखद घड़ी में ढांढस बंधाया। इस दौरान आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया, ताकि शोक संतप्त परिवार को कठिन समय में कुछ राहत मिल सके।
झामुमो नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा जनता के सुख-दुख में साथ खड़ी रहती है और जरूरत पड़ने पर हर संभव सहयोग करती है।
पार्टी नेताओं ने परिजनों को बंधाया ढांढस
झारखंड मुक्ति मोर्चा के लातेहार जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के निर्देशानुसार पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मृतक के घर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चंदवा प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी कर रहे थे।
नेताओं ने मृतक के परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस दुखद घटना पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और इस कठिन समय में पार्टी परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
झामुमो प्रतिनिधियों ने परिवार के सदस्यों को सांत्वना देते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जरूरत पड़ने पर पार्टी हर संभव मदद करेगी।
आर्थिक सहयोग देकर दी राहत
मुलाकात के दौरान जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव की ओर से मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई। इस सहयोग का उद्देश्य परिवार को इस कठिन समय में कुछ आर्थिक राहत देना था।
झामुमो नेताओं ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए इस तरह की दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक होती है। ऐसे समय में समाज और संगठन का सहयोग ही परिवार को मानसिक और आर्थिक सहारा देता है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि मानवता के नाते हर व्यक्ति को दुख की घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना चाहिए।
मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया मामला
झामुमो नेताओं ने बताया कि इस घटना की जानकारी जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान में भी लाई गई है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस मामले की जांच के लिए कमेटी कार्य कर रही है और जल्द ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार इस घटना को गंभीरता से ले रही है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे और परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
मौके पर जिला उपाध्यक्ष सितमोहन मुंडा, प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी, अंकित तिवारी, अश्विनी मिश्रा, सौरभ श्रीवास्तव, अंकित कुमार तिवारी, अरविंद कुमार, कृपाचार्य उर्फ दारा सिंह, पवन गुप्ता, मनीष कुमार उर्फ चांदो, राजेंद्र भगत, रिंकू कुमार, सरफराज आलम, चांद खान, डॉ. सम्स राजा एवं बबलू राही सहित झारखंड मुक्ति मोर्चा के कई सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुखद समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दिया।
जनता के साथ खड़े रहने का भरोसा
कार्यक्रम के अंत में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा आम जनता के साथ खड़ी रही है और आगे भी जनता के सुख-दुख में सहभागी बनती रहेगी।
उन्होंने कहा कि समाज में संवेदनशीलता और सहयोग की भावना ही लोगों को कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने में मदद करती है।
न्यूज़ देखो: दुख की घड़ी में संवेदना और सहयोग की जरूरत
किसी भी दुर्घटना के बाद सबसे ज्यादा जरूरत पीड़ित परिवार को भावनात्मक सहारे और सामाजिक सहयोग की होती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं द्वारा पीड़ित परिवार से मिलना और आर्थिक सहयोग देना इसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा माना जा सकता है। हालांकि ऐसे मामलों में प्रशासनिक स्तर पर त्वरित मुआवजा और सहायता भी उतनी ही जरूरी होती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार द्वारा घोषित सहायता कितनी जल्दी पीड़ित परिवार तक पहुंचती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवेदनशील समाज ही कठिन समय में बनता है सहारा
दुख की घड़ी में किसी परिवार का साथ देना सबसे बड़ी मानवता है।
जब समाज, प्रशासन और संगठन मिलकर पीड़ितों का सहारा बनते हैं तो संकट की घड़ी थोड़ी आसान हो जाती है।
आइए हम भी ऐसे समय में जरूरतमंद परिवारों की मदद और समर्थन के लिए आगे आएं।
यदि आप भी मानते हैं कि समाज को एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए, तो अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें, ताकि सहयोग और संवेदना की भावना मजबूत हो सके।






