#चतरा #बिरसामुंडापुण्यतिथि : श्रद्धांजलि कार्यक्रम में संघर्ष और बलिदान को याद किया गया।
चतरा में भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए उनके संघर्ष को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान भी किया गया।
- चतरा सदर थाना के समीप स्थित जेएमएम कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- राहुल यादव और रूपेश यादव ने भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण किया।
- जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष को याद किया गया।
- पार्टी कार्यकर्ताओं ने बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
- कार्यक्रम में कई झामुमो पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- वक्ताओं ने युवाओं से समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
चतरा में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। मंगलवार को सदर थाना के सामने स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान उनके संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए किए गए ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने संघर्षों के माध्यम से शोषण और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाई तथा समाज को संगठित करने का कार्य किया।
श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया नमन
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ हुई। युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल यादव और झामुमो छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष रूपेश यादव ने सबसे पहले श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अपने अल्प जीवनकाल में जो संघर्ष किया, वह भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। उनका जीवन अन्याय और शोषण के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक है।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा के महानायक
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष राहुल यादव ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया था।
राहुल यादव ने कहा: “भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणास्रोत है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी बिरसा मुंडा के विचार और संघर्ष प्रासंगिक हैं तथा युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
संघर्ष और बलिदान को किया गया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी शासन और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ जनजागरण का अभियान चलाया था। उन्होंने समाज को अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
नेताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का आंदोलन केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं था, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण का भी एक बड़ा अभियान था। उनके संघर्ष ने समाज में आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति चेतना पैदा की।
आदर्शों को आत्मसात करने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर ही सामाजिक न्याय, समानता और विकास के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही युवाओं से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए आगे आने की अपील की गई।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे कार्यकर्ता
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रखंड अध्यक्ष सदर उपेंद्र राम, सचिव बबलू पासवान, युवा प्रखंड अध्यक्ष लावालौंग राजन पासवान, युवा नेता अल्तमस परवेज, संतराज यादव, रामा पाण्डेय, राहुल केशरी, सिंटू यादव, चंदन यादव, प्रदीप यादव, राकेश भोक्ता, धीरेन्द्र भारती सहित कई झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभी ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं भगवान बिरसा मुंडा
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन युवाओं को साहस, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने समुदाय और समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
उनका जीवन यह सिखाता है कि संगठित प्रयास और दृढ़ संकल्प से किसी भी अन्यायपूर्ण व्यवस्था को चुनौती दी जा सकती है। यही कारण है कि आज भी उन्हें करोड़ों लोग प्रेरणा स्रोत के रूप में याद करते हैं।
न्यूज़ देखो: विरासत को संजोने का संदेश
भगवान बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी बनने चाहिए। जल, जंगल और जमीन की रक्षा, सामाजिक न्याय और स्वाभिमान का उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है। समाज को उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारने की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने का समय
महापुरुषों की स्मृति तभी सार्थक होती है जब उनके विचार हमारे व्यवहार का हिस्सा बनें। भगवान बिरसा मुंडा ने समाज को एकजुटता, संघर्ष और आत्मसम्मान का मार्ग दिखाया था।
आइए उनकी पुण्यतिथि पर यह संकल्प लें कि सामाजिक न्याय, समानता और विकास के मूल्यों को मजबूत करेंगे। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
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