झामुमो के 54वें स्थापना दिवस पर धनबाद में जुटी शक्ति, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिलाया एकजुटता का संदेश

झामुमो के 54वें स्थापना दिवस पर धनबाद में जुटी शक्ति, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिलाया एकजुटता का संदेश

author Saroj Verma
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#धनबाद #झामुमोस्थापनादिवस : गोल्फ ग्राउंड में आयोजित समारोह में हजारों कार्यकर्ताओं की रही भागीदारी।

धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 54वें स्थापना दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। कार्यक्रम में संगठन की एकजुटता, संघर्ष की विरासत और झारखंड के विकास के संकल्प को दोहराया गया। बड़ी संख्या में मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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  • धनबाद के गोल्फ ग्राउंड में मनाया गया झामुमो का 54वां स्थापना दिवस।
  • कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
  • दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष और विचारों को किया गया स्मरण।
  • मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता रहे उपस्थित।
  • संगठन को मजबूत करने और झारखंड के विकास का लिया गया संकल्प।

झारखंड की राजनीति में एक अहम अध्याय माने जाने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा के 54वें स्थापना दिवस के अवसर पर धनबाद में भव्य आयोजन हुआ। धनबाद स्थित गोल्फ ग्राउंड में आयोजित इस कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन विशेष रूप से शामिल हुए। समारोह में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आयोजन को ऐतिहासिक रूप दे दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड आंदोलन के शहीदों को नमन और श्रद्धांजलि के साथ हुई। मंच से वक्ताओं ने झामुमो के संघर्ष, उसकी विचारधारा और राज्य निर्माण में निभाई गई भूमिका को याद किया।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन के संघर्ष को किया गया स्मरण

स्थापना दिवस समारोह के दौरान झारखंड निर्माता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को विशेष रूप से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भले ही दिशोम गुरु आज सशरीर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, उनकी विचारधारा और उनका सपना आज भी झारखंड के नवनिर्माण में मार्गदर्शक बना हुआ है।

नेताओं ने कहा कि झारखंड की पहचान, अधिकार और स्वाभिमान की लड़ाई में दिशोम गुरु शिबू सोरेन का योगदान अमिट है। उनके द्वारा दिखाया गया रास्ता आज भी पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के लिए पथप्रदर्शक है।

संगठन ही सबसे बड़ी ताकत

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश बार-बार दोहराया गया कि संगठन की मजबूती ही झामुमो की सबसे बड़ी ताकत है। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे आपसी एकजुटता बनाए रखें और जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को मजबूती से पहुंचाएं।

नेताओं ने कहा कि झामुमो की ताकत उसकी जमीनी पकड़ और आम जनता से जुड़े रहने की परंपरा रही है। इसी ताकत के बल पर पार्टी ने झारखंड के निर्माण से लेकर शासन तक की जिम्मेदारी निभाई है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व पर जताया भरोसा

समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा गया कि उनके कुशल नेतृत्व में झारखंड ने विकास की नई राह पकड़ी है। सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक न्याय और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य को मजबूत और समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे सरकार की नीतियों और योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाएं, ताकि आम जनता को उनका वास्तविक लाभ मिल सके।

झारखंड के भविष्य को लेकर संकल्प

स्थापना दिवस समारोह के दौरान उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने झारखंड को एक मजबूत, समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया। मंच से यह कहा गया कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन के विचार, जनता के प्रति उनकी निष्ठा और संघर्ष की भावना ही झामुमो की असली पूंजी है।

कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में संगठन को और अधिक मजबूत करते हुए जनता के विश्वास को और पक्का किया जाएगा।

भारी जनसमर्थन से दिखी संगठन की ताकत

समारोह में कई मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, पार्टी के वरिष्ठ नेता और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। विशाल जनसमूह ने यह संकेत दिया कि झामुमो आज भी झारखंड की राजनीति में एक मजबूत और प्रभावशाली शक्ति बनी हुई है।

कार्यक्रम के दौरान झारखंड आंदोलन से जुड़े नारों और शहीदों के सम्मान में लगाए गए जयघोष से पूरा मैदान गूंज उठा।

न्यूज़ देखो: संघर्ष की विरासत और भविष्य का संकल्प

झामुमो का 54वां स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन की विरासत और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर बना। संगठन की एकजुटता और नेतृत्व के प्रति भरोसा यह दर्शाता है कि पार्टी आने वाले समय में भी झारखंड की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। अब देखना होगा कि यह संकल्प जमीन पर किस तरह साकार होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संगठन की ताकत से आगे बढ़ेगा झारखंड

झारखंड का इतिहास संघर्ष, बलिदान और एकजुटता से लिखा गया है। आज जरूरत है कि उसी भावना के साथ राज्य के विकास में भागीदारी निभाई जाए। इस खबर को साझा करें, अपनी राय रखें और झारखंड के भविष्य को लेकर सकारात्मक संवाद को आगे बढ़ाएं। संगठन मजबूत होगा, तभी झारखंड सशक्त बनेगा।

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Written by

दुमका/देवघर

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