वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह के निधन से पत्रकारिता जगत शोकाकुल, डीपीआरओ ने जताया गहरा दुख

वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह के निधन से पत्रकारिता जगत शोकाकुल, डीपीआरओ ने जताया गहरा दुख

author Tirthraj Dubey
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#पलामू #पत्रकारिता_शोक : करंट लगने से असमय निधन पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने इसे पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति बताया
  • वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार सिंह का मंगलवार को बिजली करंट लगने से निधन
  • मेदिनीनगर पलामू क्षेत्र में पत्रकारिता जगत में शोक की लहर।
  • जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) ने गहरा शोक व्यक्त किया।
  • डीपीआरओ ने इसे पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
  • शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना।

पलामू जिले में मंगलवार को पत्रकारिता जगत को गहरा आघात पहुंचा, जब वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार सिंह के असमय निधन की खबर सामने आई। उनके आकस्मिक निधन से न केवल पत्रकार समुदाय, बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में भी शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि श्री सिंह का निधन बिजली करंट लगने की वजह से हुआ, जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया।

वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े हुए थे और अपने निष्पक्ष लेखन, जमीनी रिपोर्टिंग तथा सामाजिक सरोकारों को मुखरता से उठाने के लिए पहचाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले भर के पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने जताया गहरा शोक

पलामू जिला के जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने मंगलवार को एक शोक संदेश जारी कर वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार सिंह के निधन पर गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि अरुण सिंह का असमय जाना पत्रकारिता जगत के लिए एक ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है।

जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने कहा: “वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार सिंह का असमय निधन अत्यंत दुखद है। उनका इस तरह अचानक चला जाना पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।”

डीपीआरओ ने दिवंगत पत्रकार के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में संबल और शक्ति प्रदान करें।

करंट लगने से हुई दुखद मौत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को किसी कार्य के दौरान बिजली करंट की चपेट में आने से अरुण कुमार सिंह का निधन हो गया। घटना की सूचना जैसे ही फैली, पत्रकार साथियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। कई लोगों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से भी सुरक्षा और सतर्कता को लेकर ध्यान देने की अपील की।

अरुण सिंह का जाना इसलिए भी अधिक पीड़ादायक माना जा रहा है क्योंकि वे अपने पेशे में सक्रिय थे और लगातार सामाजिक मुद्दों, जनसमस्याओं तथा प्रशासनिक गतिविधियों पर लेखन और रिपोर्टिंग कर रहे थे।

पत्रकारिता जगत में शोक, साथी पत्रकारों ने दी श्रद्धांजलि

वरिष्ठ पत्रकार अरुण कुमार सिंह के निधन पर जिले के कई पत्रकारों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि वे एक निर्भीक, ईमानदार और कर्मठ पत्रकार थे। उन्होंने हमेशा सच्चाई को प्राथमिकता दी और बिना किसी दबाव के अपनी लेखनी के माध्यम से जनहित के मुद्दों को सामने रखा।

पत्रकार साथियों का कहना है कि अरुण सिंह नए पत्रकारों के लिए भी प्रेरणास्रोत थे। वे अपने अनुभव साझा कर युवा पत्रकारों का मार्गदर्शन करते थे और उन्हें जिम्मेदारी के साथ पत्रकारिता करने की सीख देते थे।

सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही पत्रकारिता

अरुण कुमार सिंह की पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे सामाजिक सरोकारों से गहराई से जुड़े हुए थे। ग्रामीण समस्याएं, आम जनता की आवाज, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे विषयों पर उनका लेखन हमेशा चर्चा में रहता था।

उनके निधन से पत्रकारिता जगत में एक ऐसा शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा। जिले के कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

परिजनों के प्रति संवेदना

डीपीआरओ ने अपने शोक संदेश में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा जिला प्रशासन शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने ईश्वर से यह भी कामना की कि परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति मिले।

पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति

अरुण कुमार सिंह का निधन केवल एक व्यक्ति का जाना नहीं, बल्कि पत्रकारिता के एक अनुभवी स्तंभ का खो जाना है। ऐसे समय में जब निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, उनका असमय जाना सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है।

न्यूज़ देखो: पत्रकारिता ने खोया एक सशक्त स्वर

वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह का निधन यह दर्शाता है कि पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक जिम्मेदारी है, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा से निभाया। उनका योगदान पलामू की पत्रकारिता के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। प्रशासन द्वारा संवेदना प्रकट करना सम्मानजनक है, लेकिन ऐसे अनुभवी पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पर निरंतर ध्यान देना भी आवश्यक है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्मृति में संकल्प

अरुण सिंह जैसे पत्रकार हमें यह सिखाते हैं कि सच्चाई और ईमानदारी के साथ किया गया लेखन ही पत्रकारिता की आत्मा है।
आज जरूरत है कि हम उनके आदर्शों को अपनाएं और जिम्मेदार पत्रकारिता को आगे बढ़ाएं।
इस खबर को साझा करें, अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करें और पत्रकारों के योगदान के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करें।

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Written by

पांडु, पलामू

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