दुमका नगर परिषद उपाध्यक्ष चुनाव में कन्हाई प्रसाद साह को झटका, केवल तीन वोटों में सिमटा समर्थन

दुमका नगर परिषद उपाध्यक्ष चुनाव में कन्हाई प्रसाद साह को झटका, केवल तीन वोटों में सिमटा समर्थन

author Saroj Verma
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#दुमका #नगर_राजनीति : उपाध्यक्ष चुनाव में बहुमत नहीं जुटा सके कन्हाई साह, मनोज सिंह को मिला समर्थन।

दुमका नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कन्हाई प्रसाद साह को करारी हार का सामना करना पड़ा। वे केवल तीन वोटों तक सिमट गए, जबकि मनोज कुमार सिंह को 17 पार्षदों का समर्थन मिला। चुनाव से पहले सर्वसम्मति नहीं बन सकी और अंतिम समय तक राजनीतिक जोड़-तोड़ चलता रहा। समाहरणालय में सभी पार्षदों को शपथ भी दिलाई गई।

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  • दुमका नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के लिए हुआ चुनाव।
  • कन्हाई प्रसाद साह को मात्र 3 वोटों का समर्थन मिला।
  • मनोज कुमार सिंह को 17 पार्षदों का समर्थन प्राप्त।
  • अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया ने मनोज सिंह का किया समर्थन।
  • उपायुक्त अभिजीत कुमार सिन्हा ने दिलाई सभी पार्षदों को शपथ।
  • बासुकीनाथ नगर पंचायत में भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न।

दुमका नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के चुनाव ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी। चुनाव से पहले सर्वसम्मति बनाने की कोशिशें विफल रहीं और अंततः मतदान की स्थिति बनी। इस चुनाव में वार्ड 10 के पार्षद कन्हाई प्रसाद साह खुद को झामुमो समर्थित बताते हुए मैदान में उतरे, लेकिन उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।

मनोज कुमार सिंह के पक्ष में गया बहुमत

वार्ड 20 के पार्षद मनोज कुमार सिंह को अध्यक्ष अभिषेक चौरसिया का खुला समर्थन मिला, जिसका सीधा असर चुनाव परिणाम पर देखने को मिला। चुनाव से पहले ही 16 से अधिक पार्षद उनके पक्ष में आ गए थे।

अंततः मतदान में मनोज कुमार सिंह को कुल 17 पार्षदों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे वे उपाध्यक्ष पद के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच गए।

कन्हाई प्रसाद साह का समर्थन रहा सीमित

वहीं दूसरी ओर, कन्हाई प्रसाद साह को केवल 3 वोटों से संतोष करना पड़ा। इसमें उनका खुद का वोट, प्रस्तावक कुसुम देवी और समर्थक अरबी खातून का वोट शामिल था।

कन्हाई साह ने खुद को झामुमो समर्थित बताते हुए समर्थन जुटाने की कोशिश की थी, लेकिन वे बहुमत हासिल करने में असफल रहे और चुनाव में अलग-थलग नजर आए।

प्रस्तावक और समर्थकों की भूमिका

मनोज कुमार सिंह के प्रस्तावक महेश राम और समर्थक सपन कुमार साह रहे। दोनों ने चुनाव के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई और समर्थन जुटाने में अहम योगदान दिया।

वहीं कन्हाई प्रसाद साह के पक्ष में सीमित संख्या में ही पार्षद सामने आए, जिससे उनकी स्थिति कमजोर हो गई।

समाहरणालय में शपथ ग्रहण समारोह

चुनाव प्रक्रिया के बाद समाहरणालय सभागार में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपायुक्त अभिजीत कुमार सिन्हा ने अध्यक्ष सहित सभी 21 पार्षदों को शपथ दिलाई

कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ और सभी नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।

बासुकीनाथ में भी हुआ शपथ ग्रहण

इसी क्रम में बासुकीनाथ नगर पंचायत में भी अध्यक्ष वीणा देवी और पार्षदों को शपथ दिलाई गई। यहां भी पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ।

इससे दोनों नगर निकायों में अब नई टीम के साथ प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ देखो: स्थानीय राजनीति में समीकरणों का स्पष्ट संदेश

दुमका नगर परिषद का यह चुनाव स्थानीय राजनीति के बदलते समीकरणों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। बहुमत जुटाने की रणनीति और नेतृत्व का समर्थन चुनाव परिणाम में निर्णायक साबित हुआ। वहीं, सीमित समर्थन के कारण कन्हाई प्रसाद साह का प्रदर्शन कमजोर रहा। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई टीम किस तरह नगर विकास को आगे बढ़ाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

लोकतंत्र में संख्या का महत्व, सक्रिय भागीदारी से बनता है नेतृत्व

लोकतंत्र में केवल दावेदारी नहीं बल्कि समर्थन और विश्वास भी जरूरी होता है। ऐसे चुनाव हमें सिखाते हैं कि संगठन, संवाद और रणनीति कितनी महत्वपूर्ण होती है। नागरिकों को चाहिए कि वे अपने जनप्रतिनिधियों के कार्यों पर नजर रखें और सक्रिय भागीदारी निभाएं। अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को साझा करें और स्थानीय प्रशासन के प्रति जागरूकता फैलाएं।

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Written by

दुमका/देवघर

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