
#बरवाडीह #पर्यटन_विकास : केचकी संगम तट पर पर्यटकों की भीड़, बेहतर सुविधाओं की जरूरत महसूस।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित केचकी संगम तट पर मंगलवार को बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। पलामू और आसपास के इलाकों से आए लोगों ने परिवार संग प्राकृतिक सौंदर्य के बीच समय बिताया। बढ़ती भीड़ के बीच पर्यटकों ने बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क निर्माण की मांग उठाई। इससे क्षेत्र में पारिवारिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
- केचकी संगम तट पर मंगलवार को पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई।
- मेदिनीनगर, बरवाडीह सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैलानी।
- प्राकृतिक सौंदर्य, हरियाली और नदी का दृश्य बना आकर्षण।
- पर्यटकों ने चिल्ड्रेन पार्क निर्माण की मांग वन विभाग के समक्ष रखी।
- स्थानीय लोगों को पर्यटन विकास से रोजगार की उम्मीद।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड में स्थित केचकी संगम तट इन दिनों पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। मंगलवार को यहां बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे, जिससे पूरा संगम क्षेत्र चहल-पहल से भर गया। पलामू जिले के मेदिनीनगर, बरवाडीह और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों से आए लोग अपने परिवार के साथ संगम तट पर समय बिताते नजर आए। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह स्थल लोगों को रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर सुकून के पल देने का काम कर रहा है।
केचकी संगम तट पर नदी का शांत प्रवाह, चारों ओर फैली हरियाली और खुला वातावरण पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है। कई परिवार सुबह से लेकर दोपहर तक यहां रुके और पिकनिक का आनंद लिया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थान समान रूप से आकर्षण का केंद्र बना रहा। पर्यटकों ने बताया कि संगम तट का शांत माहौल और स्वच्छ हवा मन को शांति प्रदान करती है, जिससे तनाव से राहत मिलती है।
परिवार संग घूमने के लिए आदर्श स्थल
पर्यटकों का कहना है कि केचकी संगम तट परिवार के साथ समय बिताने के लिए एक आदर्श स्थल बन चुका है। यहां न तो अत्यधिक शोरगुल है और न ही भीड़भाड़ का दबाव, जिससे लोग सहज रूप से प्रकृति के बीच समय बिता सकते हैं। कई लोगों ने बताया कि वे पहली बार यहां आए हैं, लेकिन भविष्य में भी दोबारा आने की योजना बना रहे हैं।
एक पर्यटक ने कहा:
पर्यटक ने कहा: “केचकी संगम तट पर आकर ऐसा लगता है जैसे कुछ समय के लिए शहर की भागदौड़ से पूरी तरह दूर आ गए हों। यह जगह मानसिक शांति देती है।”
प्रचार-प्रसार और सुविधाओं की जरूरत
पर्यटकों ने यह भी महसूस किया कि केचकी संगम तट जैसी खूबसूरत जगह का अभी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया है। यदि जिला और वन विभाग द्वारा सुनियोजित तरीके से इस स्थल को पर्यटन मानचित्र पर उभारा जाए, तो यहां और भी अधिक पर्यटक आ सकते हैं। सैलानियों ने साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पीने के पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
चिल्ड्रेन पार्क निर्माण की उठी मांग
पर्यटकों की सबसे प्रमुख मांग बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क के निर्माण को लेकर सामने आई। अभिभावकों का कहना है कि परिवार के साथ घूमने आने पर यदि बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित और मनोरंजक स्थान हो, तो पर्यटन का अनुभव और बेहतर हो जाता है।
पर्यटकों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से आग्रह किया कि संगम तट के समीप एक चिल्ड्रेन पार्क का निर्माण किया जाए, जिसमें झूले, फिसलपट्टी और अन्य खेल सामग्री उपलब्ध हो। इससे बच्चों को मनोरंजन का अवसर मिलेगा और अभिभावक भी निश्चिंत होकर समय बिता सकेंगे।
एक स्थानीय अभिभावक ने कहा:
अभिभावक ने कहा: “अगर यहां बच्चों के लिए पार्क बन जाए, तो केचकी संगम तट पूरे परिवार के लिए एक परफेक्ट टूरिस्ट स्पॉट बन सकता है।”
स्थानीय लोगों में बढ़ी उम्मीदें
पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय ग्रामीणों और व्यवसायियों में भी उत्साह देखा जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि यदि केचकी संगम तट को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है, तो इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। चाय, नाश्ता, स्थानीय उत्पाद और अन्य छोटी दुकानों के माध्यम से ग्रामीणों की आमदनी बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यटन के विकास से क्षेत्र की पहचान भी मजबूत होगी और बरवाडीह प्रखंड को एक नए पर्यटन केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।
भविष्य में पर्यटन केंद्र बनने की संभावना
प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर केचकी संगम तट में पर्यटन की अपार संभावनाएं देखी जा रही हैं। नदी, हरियाली और शांत वातावरण इसे एक संपूर्ण पारिवारिक पर्यटन स्थल बनाने की क्षमता रखते हैं। यदि यहां आधारभूत ढांचे का विकास किया जाए, तो यह स्थल न केवल लातेहार बल्कि पूरे पलामू प्रमंडल के लिए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है।
न्यूज़ देखो: पर्यटन विकास की दिशा में अवसर
केचकी संगम तट पर उमड़ती भीड़ यह संकेत देती है कि लोग प्रकृति से जुड़ने वाले सुरक्षित और शांत पर्यटन स्थलों की तलाश में हैं। चिल्ड्रेन पार्क जैसी मांगें यह दर्शाती हैं कि अब पर्यटक सुविधाओं को लेकर भी सजग हैं। यदि प्रशासन और वन विभाग समय रहते कदम उठाते हैं, तो यह क्षेत्र पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय विकास का मजबूत आधार बन सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
प्रकृति के साथ विकास का संतुलन जरूरी
केचकी संगम तट जैसे स्थलों का विकास इस तरह होना चाहिए कि प्रकृति की सुंदरता बनी रहे और सुविधाएं भी बढ़ें।
आप भी अपने क्षेत्र के पर्यटन स्थलों के संरक्षण और विकास को लेकर जागरूक बनें। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने में सहभागी बनें।





