
#गिरिडीह #पंचायती_राज : ई-गवर्नेंस ToT प्रशिक्षण के लिए गिरिडीह जिले से दो पंचायत मुखियाओं का चयन किया गया।
झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा पंचायतों में डिजिटल शासन प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से ई-गवर्नेंस ToT प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के लिए गिरिडीह जिले से दो पंचायत मुखियाओं का चयन किया गया है। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 02 से 04 फरवरी 2026 तक रांची स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, हेहल में आयोजित होगा। प्रशिक्षण के बाद चयनित प्रतिभागी पंचायत स्तर पर ई-गवर्नेंस को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
- ई-गवर्नेंस ToT प्रशिक्षण के लिए गिरिडीह से दो पंचायत मुखिया चयनित।
- रांची के हेहल स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में 02 से 04 फरवरी 2026 तक आयोजन।
- खुदीसार पंचायत मुखिया किरण कुमारी और पेशम पंचायत मुखिया रागिनी सिन्हा का चयन।
- Revamped RGSA योजना के तहत Capacity Building मद से होगा प्रशिक्षण।
- राज्यभर से 100 प्रतिभागी लेंगे प्रशिक्षण में भाग।
झारखंड में पंचायत स्तर पर डिजिटल शासन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पंचायती राज विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में ई-गवर्नेंस विषय पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय Training of Trainers कार्यक्रम के लिए गिरिडीह जिले से दो पंचायत मुखियाओं का चयन किया गया है। चयन की सूचना विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी गई है। जिले में इसे पंचायत प्रतिनिधियों के लिए सम्मान और उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य स्तरीय ToT प्रशिक्षण का आयोजन
पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार द्वारा आयोजित यह ToT प्रशिक्षण कार्यक्रम 02 फरवरी 2026 से 04 फरवरी 2026 तक चलेगा। प्रशिक्षण स्थल केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान, हेहल, रांची निर्धारित किया गया है। यह कार्यक्रम राज्य स्तर का होगा, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को डिजिटल शासन से जुड़ी आधुनिक प्रक्रियाओं और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
राज्यभर से 100 प्रतिभागियों की भागीदारी
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 100 प्रतिभागी भाग लेंगे। इनमें
मुखिया मास्टर ट्रेनर,
मास्टर ट्रेनर,
DPRC (District Panchayat Resource Centre) और
BPRC (Block Panchayat Resource Centre)
से जुड़े अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को ट्रेनर के रूप में विकसित करना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों को ई-गवर्नेंस का प्रशिक्षण दे सकें।
गिरिडीह से चयनित पंचायत मुखिया
गिरिडीह जिले से जिन दो पंचायत मुखियाओं का चयन किया गया है, उनमें
पेशम पंचायत की मुखिया श्रीमती रागिनी सिन्हा और
डुमरी प्रखंड अंतर्गत खुदीसार पंचायत की मुखिया श्रीमती किरण कुमारी शामिल हैं।
दोनों को ई-गवर्नेंस ToT प्रशिक्षण के लिए रांची आमंत्रित किया गया है। उनके चयन से जिले के पंचायत प्रतिनिधियों में उत्साह का माहौल है और इसे डिजिटल पंचायत की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
Revamped RGSA योजना के तहत प्रशिक्षण
यह संपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम Revamped RGSA (Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan) योजना के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। प्रशिक्षण पर होने वाला संपूर्ण व्यय योजना के Capacity Building & Training के Specialised Training मद से वहन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों की क्षमता का विकास कर ग्राम स्वराज की अवधारणा को मजबूत करना है।
प्रशिक्षण के मुख्य उद्देश्य
ई-गवर्नेंस ToT प्रशिक्षण के माध्यम से पंचायतों में
ई-गवर्नेंस प्रणाली को सशक्त बनाना,
डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को बढ़ावा देना,
पंचायत कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना,
ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन को प्रभावी बनाना
जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी अपने क्षेत्रों में डिजिटल पंचायत व्यवस्था को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्देश
पंचायती राज विभाग, झारखंड सरकार द्वारा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों, जिला पंचायत राज पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो और इसका लाभ सीधे पंचायत स्तर तक पहुंचे।
न्यूज़ देखो: डिजिटल पंचायत की ओर बढ़ता गिरिडीह
गिरिडीह जिले से दो पंचायत मुखियाओं का राज्य स्तरीय ToT प्रशिक्षण के लिए चयन यह दर्शाता है कि जिले की पंचायतें डिजिटल शासन की दिशा में सक्रिय हो रही हैं। ई-गवर्नेंस के माध्यम से पंचायत कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशिक्षण के बाद इन योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर कितना प्रभावी ढंग से लागू हो पाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
डिजिटल पंचायत से मजबूत होगा ग्राम स्वराज
डिजिटल तकनीक के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाना समय की मांग है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम पंचायत प्रतिनिधियों को नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार करते हैं।
अगर आपके पंचायत क्षेत्र से जुड़ी डिजिटल सेवाओं या प्रशासनिक कार्यों को लेकर सुझाव या अनुभव हैं, तो उन्हें साझा करें। अपनी राय कमेंट में लिखें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और डिजिटल पंचायत की दिशा में जागरूकता फैलाएं।



