
#कोलेबिरा #विदाई_समारोह : बीडीओ वीरेंद्र किंडो को सम्मानपूर्वक दी गई विदाई।
कोलेबिरा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी वीरेंद्र किंडो के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य फिरोज अली और भाजपा एसटी मोर्चा के जिला महामंत्री मुनेश्वर तिर्की ने उन्हें बुके देकर सम्मानित किया। दोनों नेताओं ने उनके कार्यकाल की निष्पक्षता और जनहित में तत्परता को याद किया। समारोह में जनप्रतिनिधियों ने उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना की।
- वीरेंद्र किंडो, प्रखंड विकास पदाधिकारी, कोलेबिरा, सेवानिवृत्त हुए।
- विदाई समारोह में फिरोज अली और मुनेश्वर तिर्की रहे उपस्थित।
- जनहित योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन की हुई सराहना।
- बिना भेदभाव विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का उल्लेख।
- सेवानिवृत्ति के बाद स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना।
कोलेबिरा प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ। वर्षों तक प्रखंड विकास पदाधिकारी के रूप में सेवा देने वाले वीरेंद्र किंडो के सेवानिवृत्त होने पर विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य फिरोज अली और भाजपा एसटी मोर्चा के जिला महामंत्री मुनेश्वर तिर्की ने उन्हें बुके प्रदान कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम के दौरान कई क्षण ऐसे भी आए जब उनके साथ बिताए कार्यदिवसों की स्मृतियाँ ताजा हो गईं और वातावरण भावुक हो उठा।
जनप्रतिनिधियों ने साझा की कार्यकाल की यादें
कार्यक्रम में उपस्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य फिरोज अली ने अपने संबोधन में कहा कि वीरेंद्र किंडो का कार्यकाल जनहित के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने कहा:
फिरोज अली ने कहा: “प्रदेश सरकार की किसी भी प्रकार की जनता के हित में लाई गई योजना को बिना बिलम्ब किये जनता के बीच में उतारने का हमेशा प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रयास करते थे। जनता का कोई भी कार्य मेरे द्वारा उठाया जाता था, उसे तुरन्त संज्ञान में लेते थे।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बावजूद किंडो ने जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुँच सका।
निष्पक्षता और संवेदनशीलता रही पहचान
भाजपा एसटी मोर्चा के जिला महामंत्री मुनेश्वर तिर्की ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि ऐसे पदाधिकारी के रहते हुए जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं के समाधान में मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा:
मुनेश्वर तिर्की ने कहा: “इस प्रकार के पदाधिकारी के रहने से हमलोगों को जनता का किसी प्रकार का कार्य करने का बल मिलता है। बिना किसी भेदभाव के जो भी कार्य जनता के लिए या विकास कार्य को संज्ञान में लेकर पहल करवाते थे, कभी यह महसूस नहीं हुआ कि हम कोई कार्य एक पदाधिकारी के पास लेकर जा रहे हैं।”
उनके अनुसार, वीरेंद्र किंडो ने कभी राजनीतिक या व्यक्तिगत भेदभाव को कार्य में आड़े नहीं आने दिया। यही कारण रहा कि विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि भी उनके कार्यशैली की प्रशंसा करते रहे।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय
कोलेबिरा प्रखंड में उनके कार्यकाल के दौरान कई विकास योजनाओं को गति मिली। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता में रहा। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर त्वरित संज्ञान लेना और समाधान की दिशा में पहल करना उनकी प्रशासनिक शैली का हिस्सा रहा।
समारोह में मौजूद लोगों ने बताया कि आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने और समाधान के लिए तत्पर रहने की वजह से वे लोगों के बीच लोकप्रिय रहे। उनके कार्यालय का दरवाजा आम जनता के लिए खुला रहता था, जिससे लोगों को भरोसा मिलता था कि उनकी बात सुनी जाएगी।
भावनात्मक माहौल में दी गई शुभकामनाएँ
विदाई समारोह के अंत में फिरोज अली और मुनेश्वर तिर्की ने संयुक्त रूप से वीरेंद्र किंडो के स्वस्थ, निरोग और दीर्घायु जीवन की कामना की। दोनों नेताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने परिवार के साथ जीवन के सुनहरे पल बिताएं और समाज को अपने अनुभवों से मार्गदर्शन देते रहें।
समारोह में उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्हें सम्मानित किया। यह अवसर न केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की सेवानिवृत्ति का था, बल्कि उनके साथ जुड़े भावनात्मक रिश्तों की अभिव्यक्ति का भी था।
न्यूज़ देखो: निष्पक्ष प्रशासन की मिसाल बने वीरेंद्र किंडो
कोलेबिरा प्रखंड में वीरेंद्र किंडो का कार्यकाल यह दर्शाता है कि जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर कार्य करते हैं तो विकास की रफ्तार तेज होती है। विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के नेताओं का एक साथ आकर सम्मान देना उनकी निष्पक्षता का प्रमाण है। ऐसे अवसर यह भी संकेत देते हैं कि जनहित सर्वोपरि रखने वाले अधिकारियों की समाज में विशेष पहचान बनती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में प्रखंड प्रशासन उसी पारदर्शिता और तत्परता को किस तरह आगे बढ़ाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जिम्मेदार प्रशासन से ही सशक्त होता है समाज
किसी भी क्षेत्र का विकास केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की प्रतिबद्धता से होता है। जब अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर जनता के हित को प्राथमिकता देते हैं, तभी भरोसे की नींव मजबूत होती है। कोलेबिरा की यह विदाई हमें याद दिलाती है कि निष्पक्षता और संवेदनशीलता प्रशासन की सबसे बड़ी ताकत है।






