News dekho specials
Simdega

सिमडेगा में गणतंत्र दिवस पर प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी बना खेल और शिक्षा का केंद्र, 36 विद्यार्थी हुए सम्मानित

#सिमडेगा #गणतंत्रदिवस : प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी में खेलकूद प्रतियोगिता के साथ प्रेरक गणतंत्र दिवस समारोह आयोजित हुआ।

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी में 26 जनवरी 2026 को 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और प्रेरणा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने ध्वजारोहण किया। बच्चों द्वारा परेड, झांकी और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 36 विद्यार्थियों को शैक्षणिक पुस्तकों से सम्मानित किया गया, जिससे शिक्षा और खेल के समन्वय का संदेश मिला।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 26 जनवरी 2026 को प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी में गणतंत्र दिवस समारोह।
  • हॉकी सिमडेगा अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने किया ध्वजारोहण।
  • विद्यार्थियों द्वारा परेड और झांकी की प्रस्तुति।
  • खेलकूद प्रतियोगिता में 36 विद्यार्थियों को पुरस्कार।
  • पुरस्कार स्वरूप इंग्लिश सीखने की किताबें वितरित।
  • वर्ष 2005 से लगातार खेलकूद आयोजन की परंपरा।

सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी में 77वें गणतंत्र दिवस का आयोजन इस वर्ष विशेष रूप से यादगार रहा। विद्यालय परिसर में सुबह से ही बच्चों, अभिभावकों और ग्रामीणों की उपस्थिति ने उत्सव का माहौल बना दिया। राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ ही संविधान, अनुशासन और देशभक्ति के मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल औपचारिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित गतिविधियां भी शामिल रहीं।

ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ समारोह

कार्यक्रम की शुरुआत हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने से हुई। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान गाया गया, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ उपस्थित ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी सहभागिता की। तिरंगे के सम्मान में पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में रंग गया।

मनोज कोनबेगी ने बच्चों को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा:

“गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शिक्षा, अनुशासन और समान अवसर ही देश को आगे बढ़ाते हैं। बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों से भी जुड़ना चाहिए।”

बच्चों की परेड और झांकी ने मोहा मन

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक परेड और झांकी प्रस्तुत की गई। बच्चों ने अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया। झांकियों के माध्यम से संविधान, शिक्षा, स्वच्छता और खेलों के महत्व को दर्शाया गया, जिसे देखकर उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ बच्चों का उत्साह बढ़ाया।

खेलकूद प्रतियोगिता बनी मुख्य आकर्षण

गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान बच्चों के लिए विशेष खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विभिन्न आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं ने दौड़, सामान्य खेल और सामूहिक गतिविधियों में भाग लिया। प्रतियोगिता में बच्चों का उत्साह और खेल भावना देखने योग्य थी।

प्रतियोगिता के अंत में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 36 विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार स्वरूप बच्चों को इंग्लिश सीखने की किताबें प्रदान की गईं, जिससे शिक्षा के प्रति उनकी रुचि और अधिक बढ़े।

News dekho specials

21 वर्षों से जारी है प्रेरक पहल

बताया गया कि मनोज कोनबेगी द्वारा वर्ष 2005 से लगातार स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। बीते 21 वर्षों में अब तक 1500 से अधिक विद्यार्थियों को पुस्तकें भेंट की जा चुकी हैं। यह पहल न केवल बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती है, बल्कि उनमें प्रतिस्पर्धा, आत्मविश्वास और अनुशासन की भावना भी विकसित करती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की निरंतर पहल ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

शिक्षकों और ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रभा टोप्पो, शिक्षक संजय एक्का, शांति बड़ा सहित विद्यालय परिवार की अहम भूमिका रही। इनके साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और अभिभावक भी उपस्थित थे, जिन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

प्रधानाचार्य प्रभा टोप्पो ने कहा:

“खेल और शिक्षा का संतुलन बच्चों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सीखने के लिए प्रेरित होते हैं।”

ग्रामीण शिक्षा के लिए बना उदाहरण

प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह यह दर्शाता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि उद्देश्य स्पष्ट हो, तो ग्रामीण विद्यालय भी प्रेरणादायक उदाहरण बन सकते हैं। खेलकूद और शिक्षा को जोड़कर बच्चों को सम्मानित करने की यह पहल अन्य विद्यालयों के लिए भी अनुकरणीय मानी जा रही है।

न्यूज़ देखो: शिक्षा और खेल का संतुलित मॉडल

प्राथमिक विद्यालय कोनबेगी का यह आयोजन बताता है कि राष्ट्रीय पर्व केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होने चाहिए। खेलकूद प्रतियोगिता और शैक्षणिक पुरस्कारों के माध्यम से बच्चों को प्रेरित करना एक सकारात्मक और दूरगामी सोच को दर्शाता है। मनोज कोनबेगी की वर्षों से जारी पहल यह साबित करती है कि व्यक्तिगत प्रयास भी शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। सवाल यह है कि क्या ऐसी पहलों को प्रशासनिक स्तर पर भी समर्थन देकर और व्यापक बनाया जाएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों के भविष्य में निवेश ही राष्ट्र निर्माण की नींव

गणतंत्र दिवस का असली अर्थ तभी सार्थक होता है जब हम आने वाली पीढ़ी को मजबूत बनाएं।
शिक्षा के साथ खेलों को बढ़ावा देना बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है।
ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान और अवसर मिलता है।
यदि समाज और अभिभावक मिलकर बच्चों का साथ दें, तो बदलाव निश्चित है।
इस प्रेरक खबर पर अपनी राय साझा करें, लेख को आगे बढ़ाएं और शिक्षा व खेल के महत्व को लोगों तक पहुंचाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

Related News

Back to top button
🔔

Notification Preferences

error: