#लातेहार #जमीन_विवाद : बालूमाथ में विवाद तेज—कब्जा और मारपीट के आरोप पर न्याय की गुहार।
लातेहार के बालूमाथ प्रखंड के जाला गांव में जमीन विवाद का मामला सामने आया है। पीड़ित दशरथ यादव ने उपायुक्त को आवेदन देकर अवैध कब्जा और धमकी का आरोप लगाया है। उन्होंने सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है। मामला प्रशासनिक हस्तक्षेप का इंतजार कर रहा है।
- दशरथ यादव ने उपायुक्त से न्याय की गुहार लगाई।
- विवाद जाला गांव, बालूमाथ प्रखंड का।
- कई लोगों पर जबरन कब्जा और धमकी का आरोप।
- पीड़ित के पिता के साथ मारपीट का भी आरोप।
- प्रशासन से सुरक्षा और कार्रवाई की मांग।
लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत शेरगढ़ा पंचायत के जाला गांव में जमीन विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। गांव निवासी दशरथ यादव ने उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर अपनी पैतृक और खरीदी गई जमीन पर जबरन कब्जा, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है।
यह मामला अब प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है और पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहा है।
जमीन पर कब्जे का आरोप
दशरथ यादव के अनुसार, उनकी जमीन खाता संख्या 123 के प्लॉट नंबर 936, 941, 942 समेत करीब 28 डिसमिल क्षेत्र में स्थित है। आरोप है कि कुछ लोग इस जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
दशरथ यादव ने कहा: “हमारी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और हमें धमकाया जा रहा है।”
कई लोगों पर लगाए आरोप
पीड़ित ने महादेव महतो, बुलेश्वरी देवी, मुनेश्वर यादव, दामोदर यादव, महादेव यादव, प्रकाश यादव सहित अन्य लोगों पर कब्जा करने और धमकी देने का आरोप लगाया है।
पिता के साथ मारपीट का आरोप
दशरथ यादव ने बताया कि इस विवाद के चलते उनके पिता के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में इलाज कराना पड़ा।
खरीदी गई जमीन पर भी विवाद
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने अपने छोटे भाई के हिस्से की 5.5 डिसमिल जमीन 6 लाख रुपये में खरीदी है, जहां वे मकान निर्माण कार्य शुरू कर चुके हैं। इसके बावजूद निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है।
प्रशासनिक प्रक्रिया अधूरी
इस मामले को लेकर 26 दिसंबर 2025 को बालूमाथ अंचल कार्यालय में आवेदन दिया गया था। 21 फरवरी 2026 को सुनवाई की तारीख तय हुई थी, लेकिन विपक्षी पक्ष उपस्थित नहीं हुआ और मामला लंबित रह गया।
पीड़ित ने कहा: “मामला लंबित होने से समस्या और बढ़ती जा रही है।”
धमकी का आरोप
दशरथ यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके घर के पास जुटकर उन्हें फोन कर बुला रहे थे। उन्हें आशंका थी कि वहां जाने पर उनके साथ मारपीट हो सकती है।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
पीड़ित ने उपायुक्त से अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अवैध कब्जा रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
न्याय की उम्मीद
दशरथ यादव ने कहा कि वे शांतिपूर्वक अपने घर का निर्माण करना चाहते हैं और इसके लिए प्रशासन से जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ते विवाद
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवाद के बढ़ते मामलों को भी उजागर करता है, जहां समय पर समाधान नहीं होने से विवाद गंभीर हो जाते हैं।
न्यूज़ देखो: समय पर समाधान जरूरी
लातेहार का यह मामला दिखाता है कि जमीन विवाद समय पर सुलझाया न जाए तो बड़े विवाद का रूप ले सकता है। प्रशासन के लिए जरूरी है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अपने अधिकार के लिए जागरूक बनें
जमीन और संपत्ति से जुड़े मामले संवेदनशील होते हैं।
जरूरी है कि हम कानूनी प्रक्रिया का पालन करें।
अगर समस्या हो, तो समय रहते आवाज उठाएं।
आइए, हम सभी न्याय और अधिकार के लिए सजग बनें।
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