GarhwaHealth

लापरवाही का दर्द: 48 घंटे बाद जागा स्वास्थ्य विभाग

गढ़वा सदर अस्पताल, गढ़वा में इलाज के लिए आए रानू अगरिया को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का शिकार होना पड़ा। मंगलवार को गंभीर उम्मीदों के साथ अस्पताल पहुंचे रानू को प्राथमिक उपचार के नाम पर केवल एक ड्रेसिंग और इंजेक्शन दिया गया। बुधवार को दोपहर एक इंजेक्शन और लगाया गया, लेकिन पैर में दर्द और खराब स्थिति के बावजूद कोई एक्स-रे नहीं किया गया।

रानू का कहना है कि उसे चिंता सताने लगी कि कहीं वह अपने पैरों से चलने में असमर्थ न हो जाए। गुरुवार सुबह जब यह मामला अखबार और सोशल मीडिया में उजागर हुआ, तब स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सुबह 7 बजे से उसका इलाज शुरू किया गया और दोपहर 11 बजे पैर का एक्स-रे किया गया।

मीडिया ने जगाई विभाग की नींद

हालांकि, 48 घंटे की देरी ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया। इस दौरान डॉक्टर और अधिकारी कागजी औपचारिकताओं में जुटे रहे और मरीज उचित इलाज के लिए परेशान होता रहा। रानू ने कहा कि अगर खबर मीडिया में नहीं आती, तो शायद उसका इलाज अब तक भी शुरू नहीं हो पाता।

लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की इस तरह की कार्यशैली से उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। लापरवाही और सुस्ती की यह कहानी विभाग की जमीनी हकीकत को बयां करती है।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

IMG-20250723-WA0070
IMG-20251223-WA0009
आगे पढ़िए...

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Sonu Kumar

गढ़वा

Related News

Back to top button
error: