लातेहार जेल निरीक्षण में बंदियों के अधिकारों पर विशेष जोर, किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा स्वीकार

लातेहार जेल निरीक्षण में बंदियों के अधिकारों पर विशेष जोर, किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा स्वीकार

author Ravikant Kumar Thakur
1 Views Download E-Paper (0)
#लातेहार #जेल_निरीक्षण : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नेतृत्व में व्यवस्थाओं की समीक्षा और बंदियों से संवाद।

सुप्रीम कोर्ट और झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर लातेहार जेल का निरीक्षण किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह, उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता और बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने बंदियों से सीधे संवाद कर सुविधाओं और अधिकारों की स्थिति जानी। निरीक्षण में भेदभाव न होने की पुष्टि हुई और सुधारात्मक निर्देश दिए गए।

Join WhatsApp
  • प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह ने किया जेल निरीक्षण।
  • उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता सहित बोर्ड ऑफ विजिटर्स रहे उपस्थित।
  • बंदियों से सीधे संवाद कर भेदभाव और सुविधाओं की ली जानकारी।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन एवं अधिवक्ता उपलब्धता की समीक्षा।
  • वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और जेल मैनुअल अनुपालन पर दिए निर्देश।

सुप्रीम कोर्ट एवं झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश के आलोक में लातेहार जेल का व्यापक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दल का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष शेष नाथ सिंह ने किया। इस दौरान उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता सहित बोर्ड ऑफ विजिटर्स के सदस्य उपस्थित रहे।

निरीक्षण के क्रम में बोर्ड ने जेल परिसर के विभिन्न बैरकों का दौरा कर बंदियों से सीधा संवाद स्थापित किया। बंदियों से यह जानने का प्रयास किया गया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का जातिगत या अन्य प्रकार का भेदभाव तो नहीं हो रहा है। बंदियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है।

स्वास्थ्य, भोजन और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा

निरीक्षण टीम ने जेल के प्रत्येक बैरक में जाकर बंदियों के स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इलाज की उपलब्धता, नियमित स्वास्थ्य जांच, पेयजल की व्यवस्था, नाश्ता एवं भोजन की गुणवत्ता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

साथ ही मुकदमों में पैरवी के लिए अधिवक्ता की उपलब्धता की स्थिति की भी समीक्षा की गई। यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि प्रत्येक बंदी को विधिक सहायता समय पर और प्रभावी ढंग से मिले।

शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं पर जोर

प्रधान न्यायाधीश शेष नाथ सिंह ने उन बंदियों के लिए समुचित शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सुधारात्मक व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंड नहीं, बल्कि पुनर्वास भी है।

उन्होंने जेल में स्कैनर के प्रभावी उपयोग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बंदियों की न्यायालय में पेशी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहेगी।

शेष नाथ सिंह ने कहा: “जेल मैनुअल के तहत बंदियों को मिलने वाली सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि नियमों के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध हों और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।

विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित

निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेमब्रम, सिविल सर्जन डॉ. राज मोहन खलखो, पीडब्ल्यूडी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर कमलेश कुमार, लातेहार एसडीपीओ अरविंद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने अपने-अपने विभाग से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी और आवश्यक सुझाव प्राप्त किए।

निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की समग्र समीक्षा की गई तथा जहां आवश्यकता महसूस हुई, वहां सुधारात्मक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

न्यूज़ देखो: निरीक्षण से जवाबदेही की मजबूत पहल

जेल निरीक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की संवेदनशीलता का संकेत है। बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं की नियमित समीक्षा पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करती है। प्रशासनिक सतर्कता और न्यायिक निगरानी से ही सुधारात्मक व्यवस्था प्रभावी बन सकती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय के साथ मानवीय गरिमा भी जरूरी

कानून का शासन तभी मजबूत होता है जब हर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा हो।
जेल में बंद व्यक्ति भी सम्मान और सुविधा का अधिकारी है।
प्रशासन की सजगता और समाज की संवेदनशीलता मिलकर ही न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाती है।

आप भी जागरूक नागरिक बनें, अधिकारों और कर्तव्यों दोनों को समझें।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट में साझा करें और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति मजबूत हो सके।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

चंदवा, लातेहार

🔔

Notification Preferences

error: