चेन्नई में काम के दौरान 30 मीटर ऊंचाई से गिरकर लावालौंग के मजदूर नितेश गंझू की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

चेन्नई में काम के दौरान 30 मीटर ऊंचाई से गिरकर लावालौंग के मजदूर नितेश गंझू की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

author Binod Kumar
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#लावालौंग #चतरा #मजदूर_मौत : चेन्नई में काम के दौरान ऊंचाई से गिरने से युवक की मौत हुई।

चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के सिलदाग पंचायत अंतर्गत दुनु गांव निवासी मजदूर नितेश गंझू की चेन्नई में काम के दौरान गिरकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह सरिया सेटिंग का काम करते समय करीब 30 मीटर ऊंचाई से गिर गए। घटना की सूचना रात में परिजनों को फोन से मिली। इस हादसे से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

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  • मृतक की पहचान नितेश गंझू उर्फ सोहरा गंझू, निवासी दुनु गांव, सिलदाग पंचायत
  • मजदूरी के लिए कुछ महीने पहले गए थे चेन्नई सरिया सेटिंग कार्य हेतु।
  • काम के दौरान करीब 30 मीटर ऊंचाई से गिरने की सूचना।
  • रात लगभग 9:00 बजे फोन से परिजनों को मिली घटना की खबर
  • पीछे रह गई पत्नी और दो मासूम बच्चियां, गांव में शोक का माहौल।

लावालौंग थाना क्षेत्र के सिलदाग पंचायत अंतर्गत दुनु गांव से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां मजदूरी करने चेन्नई गए युवक की काम के दौरान गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान कल्टू गंझू के पुत्र नितेश गंझू उर्फ सोहरा गंझू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बताया जा रहा है कि युवक अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए कुछ महीने पहले ही बाहर कमाने गया था।

मजदूरी के दौरान हुआ हादसा, 30 मीटर ऊंचाई से गिरने की सूचना

प्राप्त जानकारी के अनुसार नितेश गंझू अपने साला के साथ कुछ महीने पूर्व चेन्नई में सरिया सेटिंग का काम करने के लिए गया था। काम के दौरान अचानक वह करीब 30 मीटर ऊंचाई से नीचे गिर गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई होने की सूचना मिली है।

यह घटना रात लगभग 9:00 बजे की बताई जा रही है, जिसकी जानकारी फोन के माध्यम से परिजनों तक पहुंची। अचानक मिली इस खबर से परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

सूचना मिलते ही बड़ा भाई चेन्नई के लिए रवाना

घटना की जानकारी मिलते ही नितेश गंझू के बड़े भाई तुरंत चेन्नई के लिए घर से रवाना हो गए हैं, ताकि वहां की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके। खबर लिखे जाने तक शव गांव नहीं पहुंचा था, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार परिवार लगातार संपर्क में बना हुआ है और शव को जल्द गांव लाने की तैयारी की जा रही है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पत्नी और दो बच्चियां बेसहारा

नितेश गंझू अपने परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था। उसके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में पत्नी के अलावा उसकी दो मासूम बच्चियां हैं, जिनका भविष्य अब अनिश्चितता में दिखाई दे रहा है।

गांव के लोगों का कहना है कि नितेश मेहनती और सरल स्वभाव का युवक था, जो परिवार की बेहतर जिंदगी के लिए बाहर मजदूरी करने गया था।

ठेकेदार की लापरवाही की आशंका, सेफ्टी इंतजाम पर उठे सवाल

स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर ठेकेदार की लापरवाही की आशंका जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कार्य के दौरान उचित सुरक्षा व्यवस्था और सेफ्टी बेल्ट का उपयोग कराया जाता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।

ग्रामीणों के अनुसार ऊंचाई पर काम कराने के बावजूद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जो गंभीर जांच का विषय है। हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन ग्रामीणों ने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

गांव में पसरा मातम, शोक में डूबे ग्रामीण

इस दुखद घटना की खबर मिलते ही दुनु गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। गांव के लोग मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि रोजी-रोटी के लिए बाहर जाने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर ठोस व्यवस्था की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

न्यूज़ देखो: प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

चेन्नई में काम के दौरान हुई यह दर्दनाक मौत प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऊंचाई पर काम कराने के बावजूद यदि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, तो यह बेहद चिंताजनक है। प्रशासन और श्रम विभाग को ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

श्रमिकों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी, अब जागरूकता जरूरी

रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले मजदूर हमारे समाज की रीढ़ हैं।
उनकी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
ऐसी घटनाएं हमें सुरक्षा मानकों और श्रमिक अधिकारों पर गंभीर सोचने को मजबूर करती हैं।
जरूरी है कि हर कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य उपयोग हो।
प्रवासी मजदूरों के जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बननी चाहिए।
अपनी राय कमेंट करें, खबर को शेयर करें और मजदूर सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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Written by

लावालोंग, चतरा

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