News dekho specials
Simdega

राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस पर पाकरटांड़ में विधिक जागरूकता शिविर, बाल विवाह रोकथाम व कुष्ठ उन्मूलन पर जोर

#सिमडेगा #विधिक_जागरूकता : राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस पर ग्रामीणों को कानून, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों के प्रति किया गया जागरूक।

राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ पंचायत भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को कुष्ठ रोग से जुड़ी भ्रांतियों, निःशुल्क विधिक सहायता और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य कानूनी जागरूकता के साथ स्वास्थ्य और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देना रहा। इस दौरान आगामी कुष्ठ जागरूकता एवं रोगी खोज अभियानों की भी जानकारी साझा की गई।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • पाकरटांड़ पंचायत भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का जागरूकता शिविर।
  • राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस के अवसर पर विधिक व स्वास्थ्य विषयों पर चर्चा।
  • ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की दी गई जानकारी।
  • बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 पर विस्तृत प्रकाश।
  • स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान व रोगी खोज अभियान की जानकारी साझा।
  • पारा लीगल वोलेंटियर और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी।

राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ प्रखंड में सामाजिक और विधिक जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। शुक्रवार को पाकरटांड़ पंचायत भवन सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित इस शिविर में ग्रामीण महिला-पुरुषों को कानून, स्वास्थ्य और सामाजिक कुरीतियों से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और समाज के कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।

विधिक जागरूकता पर विशेष जोर

शिविर के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यों, उद्देश्यों और दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह संस्था समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को न्याय दिलाने के लिए कार्य करती है।

ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसमें वकील की सहायता, कानूनी परामर्श और न्यायालयीन प्रक्रियाओं में सहयोग शामिल है।

कुष्ठ रोग को लेकर फैली भ्रांतियों पर चर्चा

राष्ट्रीय कुष्ठ दिवस के अवसर पर शिविर में कुष्ठ रोग से संबंधित सामाजिक भ्रांतियों और भेदभाव पर भी खुलकर चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि कुष्ठ रोग पूरी तरह से उपचार योग्य है और समय पर पहचान व इलाज से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

ग्रामीणों से अपील की गई कि वे कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में सहयोग करें। जागरूकता के माध्यम से ही कुष्ठ उन्मूलन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

बाल विवाह निषेध अधिनियम पर जानकारी

कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इसके गंभीर सामाजिक, शारीरिक और मानसिक दुष्परिणाम होते हैं।

ग्रामीणों को समझाया गया कि बाल विवाह से बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है और समाज में असमानता व कुप्रथाओं को बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने की अपील की गई।

News dekho specials

बाल विवाह रोकथाम की शपथ

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी ग्रामीणों को बाल विवाह की रोकथाम हेतु शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से यह संकल्प लिया गया कि वे न केवल स्वयं बाल विवाह से दूर रहेंगे, बल्कि अपने आसपास के क्षेत्रों में भी इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे और प्रशासन को सहयोग करेंगे।

कुष्ठ उन्मूलन अभियानों की जानकारी

शिविर में यह भी जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सिमडेगा जिले में दो महत्वपूर्ण अभियान चलाए जाएंगे।

बताया गया कि 30 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा, जिसके तहत लोगों को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार और रोकथाम के बारे में जागरूक किया जाएगा। वहीं 09 मार्च से 23 मार्च 2026 तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान करेंगे, ताकि समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी

इस विधिक जागरूकता शिविर में पारा लीगल वोलेंटियर लालचंद नायक और योगेंद्र पंडा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने जागरूकता कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए सवाल भी पूछे और कानूनी सहायता से संबंधित जानकारियां प्राप्त कीं।

न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही संभव है सामाजिक बदलाव

पाकरटांड़ में आयोजित यह शिविर दिखाता है कि कानून और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव रख सकती है। कुष्ठ उन्मूलन और बाल विवाह रोकथाम जैसे विषयों पर एक साथ संवाद सकारात्मक पहल है। अब जरूरत है कि ऐसी जागरूकता गांव-गांव तक निरंतर पहुंचे और इसका असर जमीनी स्तर पर दिखे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें, जिम्मेदारी निभाएं

समाज की प्रगति तभी संभव है जब हर नागरिक अपने अधिकार और कर्तव्यों को समझे। कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभाव और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और स्वस्थ व न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: