महुआडांड़ प्रोजेक्ट विद्यालय में कुष्ठ रोग जांच शिविर: 103 छात्रों की जांच, 11 में पाए गए संदिग्ध लक्षण

महुआडांड़ प्रोजेक्ट विद्यालय में कुष्ठ रोग जांच शिविर: 103 छात्रों की जांच, 11 में पाए गए संदिग्ध लक्षण

author Ramprawesh Gupta
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#महुआडांड़ #स्वास्थ्य_जांच : विद्यालय में आयोजित शिविर में 11 विद्यार्थियों में मिले संदिग्ध लक्षण—आगे की जांच के लिए भेजे गए
  • प्रोजेक्ट विद्यालय, महुआडांड़ में कुष्ठ रोग जांच शिविर का आयोजन।
  • कुल 103 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य जांच की गई।
  • 11 विद्यार्थियों में कुष्ठ रोग के संदिग्ध लक्षण पाए गए।
  • सभी संदिग्ध बच्चों को अतिरिक्त परीक्षण के लिए भेजा गया।
  • जांच अभियान स्वास्थ्य प्रभारी अमित खलखो के निर्देशन में संचालित।
  • कई स्वास्थ्यकर्मी और सहिया टीमें रही सक्रिय।

महुआडांड़ प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रोजेक्ट विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुष्ठ रोग की पहचान हेतु विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 103 बच्चों की जांच की गई, जिसमें 11 विद्यार्थियों में प्रारंभिक रूप से संदिग्ध लक्षण पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी छात्रों को आगे की आवश्यक जांच और संभावित उपचार के लिए रेफर कर दिया है। बच्चों की समय पर पहचान और हस्तक्षेप को लेकर स्वास्थ्यकर्मी पूरे अभियान में सक्रिय दिखाई दिए।

संदिग्ध लक्षण मिलने पर तुरंत शुरू की गई आगे की प्रक्रिया

जांच के दौरान जिन 11 बच्चों में त्वचा संबंधी बदलाव और कुष्ठ रोग से मिलते-जुलते पैच दिखे, उन्हें अलग से पंजीकृत कर अगली चिकित्सीय प्रक्रिया में भेजा गया। विभाग का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि समय पर उपचार मिलने से बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।

स्वास्थ्य टीम ने निभाई प्रमुख भूमिका

पूरे शिविर का संचालन स्वास्थ्य प्रभारी अमित खलखो के नेतृत्व में किया गया।
जांच के दौरान टीम में एमपीडब्ल्यू संजू कुमार, एएनएम मरियम, सहिया रफत जहां, अनिमा बीवी, उर्मिला देवी सहित कई स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए।
सभी ने विद्यार्थियों को रोग से जुड़े लक्षण, सावधानियां और उपचार संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी।

स्कूलों में लगातार चल रहा है विशेष अभियान

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि कुष्ठ रोग उन्मूलन के तहत प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में रोज़ाना जागरूकता और जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य है कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए और बीमारी का कोई भी मामला बिना जांच के न छूटे।
अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चों में त्वचा पर दाग, सुन्नपन या संवेदनशीलता कम होने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।

न्यूज़ देखो: बच्चों की समय पर जांच से बढ़ी स्वास्थ्य सुरक्षा

विद्यालय स्तर पर ऐसे शिविर न केवल बीमारी की पहचान को आसान बनाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता को भी मजबूत करते हैं। प्रखंड में लगातार चल रहा यह अभियान प्रशासन की सक्रियता और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यदि ऐसे प्रयास जारी रहे तो कुष्ठ जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बच्चों की सेहत के प्रति सतर्क रहें—जागरूकता ही है सुरक्षा

अपने आसपास के बच्चों, परिवार और समुदाय को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दें। छोटे लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और समय पर जांच कराएं।
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Written by

महुवाडांड, लातेहार

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