आइये खुशियां बांटें अभियान की शुरुआत: जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही सहायता, 28 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम

आइये खुशियां बांटें अभियान की शुरुआत: जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही सहायता, 28 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #सहायता_अभियान : हाथी प्रभावित क्षेत्र के आदिम जनजाति परिवारों के बीच गर्म वस्त्र बांटकर अभियान का शुभारंभ किया गया
  • आइये खुशियां बांटें अभियान की औपचारिक शुरुआत गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र में हुई।
  • कार्यक्रम प्रतिदिन 28 फरवरी तक चलेगा, ज़रूरतमंदों तक सामूहिक सहायता पहुंचाई जाएगी।
  • पहले दिन गेरुआसोती गाँव में आदिम जनजाति परिवारों को ऊनी वस्त्र वितरण किया गया।
  • हाथी प्रभावित परिवार—करीब 80 लोग, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल।
  • ग्रामीणों को सुरक्षित पुनर्वास के विकल्प पर भी किया गया बातचीत।
  • कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, मुखिया एवं स्थानीय लोग अभियान में शामिल।

गढ़वा अनुमंडल क्षेत्र में आज से “आइये खुशियां बांटें” नामक विशेष सहभागी सहायता अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान फरवरी माह के अंत तक प्रतिदिन चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य समाज के सक्षम लोगों और प्रशासन के सामूहिक सहयोग से ज़रूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाना है। इस पहल की प्रेरणा पिछले सप्ताह आयोजित “कॉफी विद एसडीएम” कार्यक्रम से मिली, जहां सदर एसडीएम संजय कुमार ने स्थानीय वस्त्र व्यवसायियों और सामाजिक रूप से संवेदनशील नागरिकों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग इसके भागीदार बने।

गेरुआसोती गाँव में आदिम जनजाति परिवारों को मिला सहयोग

अभियान के प्रथम दिन ऊनी वस्त्र वितरण कार्यक्रम गेरुआसोती में आयोजित किया गया। यहां कुछ माह पूर्व हाथियों के भय से बहेरवा पहाड़ से विस्थापित आदिम जनजाति परिवार तिरपाल और प्लास्टिक की झोपड़ियों में अस्थायी रूप से रह रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए इन परिवारों को जैकेट, स्वेटर, ऊनी टोपी, मोजे और कंबल दिए गए। लगभग 80 सदस्य, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे, इस सहयोग से लाभान्वित हुए।

प्रशासन ने पुनः संवाद स्थापित करते हुए कहा कि यदि ये परिवार सहमत होते हैं तो उन्हें सुरक्षित एवं उचित स्थान पर पुनर्वास की प्रक्रिया तत्परता से शुरू की जाएगी।

समाज के सहयोग से बन रहा है बड़ा मानविक अभियान

आज के कार्यक्रम में स्थानीय मुखिया जगजीवन राम, सहायक शिक्षक और कई ग्रामीण उपस्थित हुए। उन्होंने इस सामूहिक सामाजिक प्रयास का स्वागत करते हुए अधिकाधिक लोगों से जुड़ने की अपील की। बच्चों को कपड़े मिलने के बाद उनकी खुशी देखते ही बन रही थी, वहीं महिलाओं और पुरुषों ने भी गर्म वस्त्र पाकर संतोष व्यक्त किया।

कार्यक्रम से जुड़े सामाजिक सहयोगियों कमलेश अग्रवाल और उत्तम कमलापुरी ने कहा कि इस मुहिम से जुड़कर उन्हें मन की शांति और आनंद मिला है। उन्होंने समाज के अन्य समर्थ लोगों से भी आगे आकर सहयोग करने की अपील की।

प्रशासन का संदेश: जरूरतमंदों की मदद निरंतर जारी रहेगी

एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि प्रशासन सामाजिक सहयोग के साथ मिलकर ज़रूरतमंदों तक हर प्रकार की मदद लगातार पहुँचाता रहेगा। उन्होंने अभियान को सामूहिक संवेदना का प्रतीक बताते हुए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

न्यूज़ देखो: समाज और प्रशासन की यह साझेदारी सकारात्मक बदलाव का बड़ा माध्यम

इस अभियान ने साबित किया है कि जब प्रशासन और समाज साथ खड़े हों, तो राहत और सहायता का बड़ा नेटवर्क स्वतः तैयार हो जाता है। विस्थापित व वंचित समुदाय को समय पर सहयोग मिलना मानवता का मूल रूप है। आने वाले दिनों में यह मुहिम और भी परिवारों तक राहत पहुँचाएगी।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मिलकर बदलें किसी की जिंदगी—आप भी बनें इस मुहिम का हिस्सा

जरूरतमंदों तक गर्म कपड़े, भोजन या अन्य सामग्री पहुँचाना सिर्फ दान नहीं, बल्कि मानवीय कर्तव्य है।
यदि आप भी सक्षम हैं, तो इस अभियान से जुड़कर किसी परिवार की तकलीफ कम कर सकते हैं।
कमेंट में लिखें—क्या आप भी इस पहल का हिस्सा बनना चाहेंगे?
खबर को शेयर करें और जागरूकता की यह श्रृंखला आगे बढ़ाएं।

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