अधूरे हाईवे पर टोल वसूली का विरोध, मेदिनीनगर में स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

अधूरे हाईवे पर टोल वसूली का विरोध, मेदिनीनगर में स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

author News देखो Team
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#मेदिनीनगर #टोलविरोध : निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल वसूली शुरू होने से ग्रामीणों और वाहन चालकों में नाराजगी।

पलामू जिले के मेदिनीनगर सदर प्रखंड क्षेत्र में अधूरे हाईवे पर टोल टैक्स वसूली शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। रांची रोड स्थित जोरकट टोल प्लाजा पर वसूली शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया। लोगों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण पूरी तरह पूरा नहीं होता, तब तक टोल टैक्स लेना नियमों के खिलाफ है और यह आम जनता पर अनावश्यक बोझ डालने जैसा है।

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  • मेदिनीनगर के रांची रोड स्थित जोरकट टोल प्लाजा पर शुरू हुई टोल वसूली।
  • अधूरी सड़क और डायवर्जन के बीच टोल लेने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी।
  • आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह चेरो ने भी जताया विरोध।
  • दुबियाखाड़ मेला परिसर के पास फ्लाईओवर निर्माण में अनियमितता का आरोप।
  • बैठक में सहमति — टोल प्लाजा से 15 किमी तक रहने वाले स्थानीय लोगों को छूट

पलामू जिले के मेदिनीनगर सदर प्रखंड क्षेत्र में अधूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल टैक्स वसूली शुरू होने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। रांची रोड स्थित जोरकट टोल प्लाजा पर वाहनों से नियमित रूप से टोल वसूले जाने के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों और वाहन चालकों ने आवाज उठाई है।

अधूरी सड़क पर टोल वसूली से बढ़ी परेशानी

स्थानीय लोगों का कहना है कि रांची रोड के कई हिस्सों में अभी भी सड़क निर्माण कार्य अधूरा है। कई जगह सड़क कच्ची है और कई स्थानों पर डायवर्जन बनाकर वाहनों को निकाला जा रहा है। जगह-जगह गिट्टी और मिट्टी डाले जाने के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसी स्थिति में टोल टैक्स वसूली को लोगों ने गलत बताते हुए कहा कि जब तक सड़क पूरी तरह से तैयार नहीं हो जाती, तब तक टोल लेना नियमों के विरुद्ध है।

फ्लाईओवर निर्माण में अनियमितता का आरोप

मौके पर उपस्थित मेदिनीनगर-भंडरिया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी और आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अजय सिंह चेरो ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दुबियाखाड़ स्थित राजकीय आदिवासी विकास कुंभ मेला परिसर के पास बनने वाले फ्लाईओवर को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।

उनका कहना है कि पहले यहां आठ पिलर वाले फ्लाईओवर का प्रस्ताव था, लेकिन अब केवल दो पिलर पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जो भविष्य की यातायात व्यवस्था के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

मेला के दौरान बढ़ती है भीड़

अजय सिंह चेरो ने कहा कि दुबियाखाड़ में लगने वाले राजकीय आदिवासी विकास कुंभ मेले के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। उन्होंने कहा कि आठ पिलर वाला फ्लाईओवर ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हाईवे निर्माण से जुड़े लोगों ने गलत रिपोर्ट भेजकर यह दिखाया कि स्थानीय लोगों ने पाइप के माध्यम से कलवर्ट निर्माण पर सहमति दे दी है, जबकि वास्तव में ऐसी कोई सहमति नहीं बनी थी।

प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच हुई बैठक

टोल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि उन्हें उच्च स्तर से टोल वसूली शुरू करने के निर्देश मिले हैं, जिसके आधार पर ही वसूली की जा रही है। हालांकि विरोध को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच बैठक भी हुई।

इस बैठक में सदर थाना प्रभारी लालजी और टोल प्रबंधक के साथ स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि टोल प्लाजा से 15 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को टोल टैक्स से छूट दी जाएगी।

मुआवजे की भी उठी मांग

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने यह भी कहा कि जिन किसानों और ग्रामीणों की जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में गई है, उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला है। इसलिए जल्द से जल्द मुआवजे का भुगतान किया जाना चाहिए।

इस मौके पर अर्जुन सिंह, रविंद्र सिंह, उपाध्याय सिंह, आनंद कुमार, भारदुल सिंह समेत सैकड़ों स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे। सभी ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: अधूरी परियोजनाओं पर टोल वसूली बनती है विवाद का कारण

अक्सर देखा जाता है कि जब तक सड़क परियोजनाएं पूरी तरह तैयार नहीं होतीं, तब तक टोल वसूली शुरू करने से स्थानीय लोगों में असंतोष पैदा होता है। मेदिनीनगर का यह मामला भी इसी प्रकार का उदाहरण है, जहां अधूरे निर्माण के बीच टोल लेने से लोगों में नाराजगी बढ़ी है। यदि प्रशासन समय रहते संवाद और समाधान की दिशा में कदम उठाए, तो ऐसे विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाया जा सकता है।

जनता की सुविधा को प्राथमिकता देना जरूरी

किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य जनता की सुविधा बढ़ाना होता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि परियोजनाएं पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरी हों और जनता को अनावश्यक आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।

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