
#बिहार #ध्वनि_प्रदूषण : राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने रात में शोर पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नियमों के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और जन संबोधन प्रणाली के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर भारी आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है। पटना शहरी क्षेत्र में इसके अनुपालन के लिए विशेष अनुश्रवण कोषांग गठित किया गया है।
- रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर व जन संबोधन प्रणाली पर पूर्ण प्रतिबंध।
- प्रतिबंध ध्वनि प्रदूषण नियमावली 2000 के नियम 08 के तहत लागू।
- उल्लंघन पर ₹10,000 से ₹15,00,000 तक जुर्माने का प्रावधान।
- पटना शहरी क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण अनुश्रवण कोषांग का गठन।
- आम नागरिक जियो टैग्ड फोटो व वीडियो व्हाट्सएप से भेज सकते हैं।
- शिकायत के लिए मोबाइल नंबर 9122056318 जारी।
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पटना द्वारा आम नागरिकों को सूचित किया गया है कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमावली, 2000 के तहत रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक किसी भी प्रकार के शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों का उपयोग प्रतिबंधित है। इसमें लाउडस्पीकर, जन संबोधन प्रणाली और अन्य ध्वनि जनन उपकरण शामिल हैं। हालांकि, बंद परिसर जैसे ऑडिटोरियम और कॉन्फ्रेंस कक्ष को इस प्रतिबंध से अलग रखा गया है।
ध्वनि प्रदूषण पर कानून और दंड का प्रावधान
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के अंतर्गत, जिसे जन विश्वास संशोधन अधिनियम 2023 द्वारा संशोधित किया गया है, उल्लंघन करने वालों पर न्यूनतम ₹10,000 और अधिकतम ₹15 लाख तक के अर्थदंड का प्रावधान किया गया है। यह कदम नागरिकों के स्वास्थ्य, नींद और पर्यावरण संतुलन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पटना में विशेष निगरानी व्यवस्था
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए सबसे पहले पटना शहरी क्षेत्र में ‘ध्वनि प्रदूषण अनुश्रवण कोषांग’ का गठन किया है। यह कोषांग तत्काल प्रभाव से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक होने वाले उल्लंघनों की निगरानी कर रहा है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध यथोचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता की भागीदारी भी जरूरी
पर्षद ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित समय में लाउडस्पीकर या अन्य शोर उत्पन्न करने वाले उपकरणों का उपयोग करता पाया जाता है, तो उसकी जानकारी जियो टैग्ड फोटो या वीडियो के साथ व्हाट्सएप नंबर 9122056318 पर भेजी जा सकती है। इससे निगरानी व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
न्यूज़ देखो: शांति और स्वास्थ्य की दिशा में सख्त कदम
रात के समय ध्वनि प्रदूषण पर सख्ती आम लोगों की सेहत और शांति के लिए बेहद जरूरी है। बिहार सरकार और प्रदूषण नियंत्रण पर्षद का यह कदम कानून के पालन के साथ नागरिक सहभागिता को भी मजबूत करता है। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शांति के लिए जिम्मेदारी साझा करें
ध्वनि प्रदूषण से मुक्त वातावरण हम सभी का अधिकार है। नियमों का पालन करें, दूसरों को भी जागरूक करें और उल्लंघन दिखे तो जिम्मेदारी से सूचना साझा करें। अपनी राय कमेंट करें, खबर को आगे बढ़ाएं और स्वस्थ समाज निर्माण में भागीदार बनें।





