
#सिमडेगा #शिक्षा_तकनीक : एम कॉम विद्यार्थियों ने निःशुल्क ऑनलाइन एआई पाठ्यक्रम के जरिए डिजिटल भविष्य की ओर कदम बढ़ाया।
सिमडेगा स्थित संत जेवियर महाविद्यालय के एम कॉम सत्र 2024–26 के विद्यार्थियों ने भारत सरकार की युवा एआई फॉर ऑल निःशुल्क ऑनलाइन पाठ्यक्रम योजना में नामांकन किया है। यह पहल युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रति जागरूक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। फ्यूचरस्किल्स प्राइम पोर्टल के माध्यम से विद्यार्थियों ने पंजीकरण किया। इस कार्यक्रम का समन्वयन वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता द्वारा किया गया।
- संत जेवियर महाविद्यालय सिमडेगा के एम कॉम विद्यार्थियों का नामांकन।
- भारत सरकार की ‘युवा एआई फॉर ऑल’ निःशुल्क पहल में सहभागिता।
- फ्यूचरस्किल्स प्राइम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण।
- वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता का मार्गदर्शन।
- डिजिटल कौशल और भविष्य की तैयारी पर केंद्रित पाठ्यक्रम।
संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि वह विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक और भविष्य उन्मुख कौशल से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। एम कॉम सत्र 2024–26 के विद्यार्थियों द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘युवा एआई फॉर ऑल’ में नामांकन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पाठ्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है और देशभर के युवाओं के लिए समान अवसर उपलब्ध कराता है।
क्या है ‘युवा एआई फॉर ऑल’ पहल
‘युवा एआई फॉर ऑल’ भारत सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसी उभरती तकनीक से परिचित कराना और उन्हें डिजिटल युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है। इस कार्यक्रम को ‘Free Course for All’ की अवधारणा के तहत विकसित किया गया है, ताकि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी भी विद्यार्थी की तकनीकी सीखने की राह में बाधा न बने। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से एआई के बुनियादी सिद्धांतों, उपयोग और संभावनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाती है।
फ्यूचरस्किल्स प्राइम पोर्टल से हुआ पंजीकरण
एम कॉम विद्यार्थियों ने इस पाठ्यक्रम में futureskillsprime.in पोर्टल के माध्यम से नामांकन किया। यह पोर्टल भारत सरकार की आधिकारिक डिजिटल लर्निंग पहल है, जिसे युवाओं को भविष्य के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों को उद्योग और शिक्षा जगत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक और प्रासंगिक ज्ञान प्राप्त हो सके।
डॉ. अमित कुमार गुप्ता का मार्गदर्शन और समन्वयन
इस पूरे कार्यक्रम का मार्गदर्शन एवं समन्वयन डॉ. अमित कुमार गुप्ता, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य विभाग, संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा द्वारा किया गया। उनके नेतृत्व में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के उद्देश्य, प्रक्रिया और लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि:
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा: “यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने का अवसर देता है और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाता है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी समझ और डिजिटल दक्षता भी उतनी ही आवश्यक है।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया और उत्साह
एम कॉम विद्यार्थियों ने ‘युवा एआई फॉर ऑल’ पाठ्यक्रम को लेकर उत्साह व्यक्त किया। विद्यार्थियों का कहना है कि यह पाठ्यक्रम ज्ञानवर्धक, सरल और अत्यंत उपयोगी है। इससे उन्हें न केवल कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बुनियादी समझ मिलेगी, बल्कि वे यह भी जान पाएंगे कि एआई का उपयोग व्यवसाय, शिक्षा, वित्त और अन्य क्षेत्रों में कैसे किया जा सकता है। विद्यार्थियों ने माना कि यह पाठ्यक्रम उनके आत्म-विकास और करियर निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।
वाणिज्य छात्रों के लिए एआई का महत्व
आज के समय में एआई केवल तकनीकी छात्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि वाणिज्य और प्रबंधन के क्षेत्र में भी इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय पूर्वानुमान, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राहक व्यवहार विश्लेषण जैसे अनेक क्षेत्रों में एआई की भूमिका बढ़ती जा रही है। ऐसे में एम कॉम विद्यार्थियों का इस पाठ्यक्रम से जुड़ना उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए अधिक सक्षम बनाता है। यह पहल उन्हें पारंपरिक वाणिज्य ज्ञान के साथ तकनीकी दृष्टि से भी मजबूत करती है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में एक कदम
‘युवा एआई फॉर ऑल’ जैसी पहलें डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सशक्त बनाती हैं। जब छोटे शहरों और जिलों के विद्यार्थी भी इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल पाठ्यक्रमों से जुड़ते हैं, तो यह देश में समान अवसर और समावेशी विकास का उदाहरण प्रस्तुत करता है। संत जेवियर महाविद्यालय, सिमडेगा का यह प्रयास दर्शाता है कि स्थानीय शैक्षणिक संस्थान भी राष्ट्रीय डिजिटल अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
महाविद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि
संत जेवियर महाविद्यालय पहले भी शैक्षणिक नवाचारों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जाना जाता रहा है। इस प्रकार के ऑनलाइन और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों से जुड़कर महाविद्यालय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि वह विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल महाविद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि और दूरदर्शिता को भी दर्शाती है।

न्यूज़ देखो: डिजिटल कौशल की ओर बढ़ते छोटे शहरों के छात्र
संत जेवियर महाविद्यालय सिमडेगा के एम कॉम विद्यार्थियों का ‘युवा एआई फॉर ऑल’ पाठ्यक्रम में नामांकन यह दिखाता है कि डिजिटल शिक्षा अब महानगरों तक सीमित नहीं रही। भारत सरकार की निःशुल्क पहल और महाविद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन से छोटे जिलों के विद्यार्थी भी वैश्विक तकनीकी ज्ञान से जुड़ रहे हैं। यह प्रयास युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और डिजिटल खाई को पाटने की दिशा में महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में ऐसे पाठ्यक्रमों का प्रभाव छात्रों के करियर और स्थानीय विकास पर कैसे पड़ता है, यह देखने योग्य होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
तकनीक से सशक्त युवा ही मजबूत भविष्य की नींव
आज के युग में तकनीकी ज्ञान और डिजिटल कौशल किसी भी क्षेत्र में सफलता की कुंजी बन चुके हैं। ‘युवा एआई फॉर ऑल’ जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को नई सोच, आत्मविश्वास और भविष्य की तैयारी का अवसर देते हैं। शैक्षणिक संस्थानों और विद्यार्थियों को चाहिए कि वे ऐसी पहलों का अधिकतम लाभ उठाएं और स्वयं को समय के साथ अपडेट रखें।
आपकी राय क्या है क्या डिजिटल और एआई आधारित शिक्षा से युवाओं का भविष्य और मजबूत होगा इस खबर को साझा करें अपनी सोच कमेंट में रखें और तकनीकी जागरूकता को समाज तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।







