
#पालकोट #स्वास्थ्य_शिविर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मेले से ग्रामीणों को घर के पास मिली बेहतर चिकित्सा सुविधा।
गुमला जिले के पालकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित विशाल स्वास्थ्य शिविर मेला ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का बड़ा उदाहरण बना। शिविर का उद्घाटन पालकोट प्रमुख सोनी लकड़ा ने किया, जिसमें सिविल सर्जन डॉ. शंभु नाथ चौधरी सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। इस शिविर में हजारों ग्रामीणों ने निःशुल्क जांच, दवा और परामर्श का लाभ उठाया। यह आयोजन दूरदराज के ग्रामीणों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- पालकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन।
- प्रमुख सोनी लकड़ा ने फीता काटकर किया शिविर का उद्घाटन।
- सिविल सर्जन डॉ. शंभु नाथ चौधरी और चिकित्सा प्रभारी डॉ. पूजा पल्लवी भगत रहे उपस्थित।
- महिला, बाल, टीबी, मधुमेह, नेत्र जांच सहित कई विभागों के अलग-अलग स्टॉल।
- मरीजों को निःशुल्क जांच, दवाएं और भोजन की सुविधा दी गई।
पालकोट प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक विशाल स्वास्थ्य शिविर मेला आयोजित किया गया। सुबह से ही केंद्र में ग्रामीणों की भारी भीड़ देखने को मिली। दूर-दराज के गांवों से लोग अपने परिवार के साथ पहुंचे और विशेषज्ञ डॉक्टरों से निःशुल्क जांच कराई। शिविर ने ग्रामीणों को यह भरोसा दिया कि बेहतर इलाज के लिए हमेशा शहरों की ओर भागना जरूरी नहीं है।
उद्घाटन समारोह में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता
स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन पालकोट प्रमुख सोनी लकड़ा ने फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में गुमला जिला के सिविल सर्जन डॉ. शंभु नाथ चौधरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूजा पल्लवी भगत, बीपीएम संदीप साहू, बीटीटी अंजू तिर्की सहित कई चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस मौके पर प्रमुख सोनी लकड़ा ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे शिविर गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित होते हैं।
प्रमुख सोनी लकड़ा ने कहा: “ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपने घर के पास ही बेहतर इलाज मिल पाता है।”
सरकार की मंशा हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवा
शिविर में उपस्थित सिविल सर्जन डॉ. शंभु नाथ चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी नागरिक इलाज के अभाव में परेशान न हो। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित हो सके।
सिविल सर्जन डॉ. शंभु नाथ चौधरी ने कहा: “सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें और कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।”
शिविर का उद्देश्य और चिकित्सा व्यवस्था
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूजा पल्लवी भगत ने अपने संबोधन में शिविर के उद्देश्य को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य शिविर ग्रामीणों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आयोजित किया गया है।
डॉ. पूजा पल्लवी भगत ने कहा: “हमारी पूरी टीम ने यह सुनिश्चित किया है कि यहां आने वाले प्रत्येक मरीज की सही तरीके से जांच हो और उसे जरूरी इलाज तथा दवाएं निःशुल्क मिलें। ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करानी चाहिए।”
अलग-अलग स्टॉलों पर विशेषज्ञ सेवाएं
स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न रोगों के लिए अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। इनमें सामान्य रोग, महिला रोग, बाल रोग, टीबी, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, नेत्र जांच, पोषण परामर्श सहित कई विभाग शामिल थे। प्रत्येक स्टॉल पर प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम तैनात थी, जो मरीजों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श दे रही थी।
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
शिविर में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े, इसके लिए अलग काउंटर बनाए गए थे। जांच के बाद सभी मरीजों को आवश्यक दवाएं मुफ्त में दी गईं। कुछ मरीजों को आगे के बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया गया।
इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से शिविर में आए सभी लोगों के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
ग्रामीणों ने की सराहना, नियमित आयोजन की मांग
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की इस पहल की खुलकर सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि आमतौर पर छोटी बीमारियों के लिए भी उन्हें शहर जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती है। इस शिविर के माध्यम से गांव में ही बेहतर इलाज मिलने से उन्हें काफी राहत मिली है।
ग्रामीणों ने मांग की कि इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, ताकि स्वास्थ्य जांच और जागरूकता लगातार बनी रहे।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती की मिसाल
पालकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित यह विशाल स्वास्थ्य शिविर दिखाता है कि सही योजना और समन्वय से ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकती हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिला है। यह आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ भरोसे को भी मजबूत करता है। अब जरूरत है कि ऐसी पहलें नियमित रूप से जारी रहें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ गांव ही सशक्त समाज की नींव
जब स्वास्थ्य सेवाएं गांव तक पहुंचती हैं, तब विकास सही मायनों में धरातल पर उतरता है। पालकोट का यह स्वास्थ्य शिविर बताता है कि सामूहिक प्रयास से बड़े बदलाव संभव हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।




