#महुआडांड़ #साप्ताहिकहाटबाजार : होली की खरीदारी को लेकर बाजार में दिनभर रही चहल-पहल।
महुआडांड़ प्रखंड में होली पर्व से पूर्व सोमवार को साप्ताहिक हाट बाजार पूरी तरह त्योहार के रंग में रंगा नजर आया। सुबह से ही बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी और अबीर-गुलाल, पिचकारी व होली के पकवानों की सामग्री की जमकर खरीदारी हुई।
- सोमवार को साप्ताहिक हाट में रही जबरदस्त भीड़।
- अबीर-गुलाल 120 से 150 रुपये तक बिके।
- बच्चों में रंग-बिरंगी पिचकारियों को लेकर उत्साह।
- खोवा, मैदा, चीनी व सूजी की बिक्री में तेजी।
- दूर-दराज गांवों से भी पहुंचे बड़ी संख्या में खरीदार।
महुआडांड़ प्रखंड में होली पर्व को लेकर सोमवार का साप्ताहिक हाट बाजार पूरी तरह उत्साह और उमंग से भरा रहा। सुबह से ही बाजार में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी और दिन चढ़ते-चढ़ते पूरा बाजार खरीदारों से गुलजार हो गया। त्योहार से पहले का यह अंतिम बाजार होने के कारण लोगों ने जमकर खरीदारी की।
रंग और पिचकारियों की बढ़ी मांग
बाजार में रंग-बिरंगे अबीर-गुलाल की दुकानों ने खास आकर्षण पैदा किया। सड़क किनारे फुटपाथ पर अस्थायी दुकानदारों ने तरह-तरह के रंग और आकर्षक पिचकारियों से सजी दुकानें लगाई थीं। अबीर-गुलाल 120 से 150 रुपये तक बिके। बच्चों में कार्टून चित्रों और चमकीले डिजाइनों वाली पिचकारियों को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
सस्ती और छोटे आकार की पिचकारियों की मांग सबसे अधिक रही, जबकि कुछ दुकानों पर बड़ी और आकर्षक पिचकारियों को भी लोग खरीदते नजर आए। बाजार का हर कोना रंगों से सजा हुआ था और माहौल पूरी तरह होलीमय दिख रहा था।
पकवानों की तैयारी में जुटे लोग
होली पर घरों में बनने वाले पारंपरिक व्यंजनों के लिए भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। किराना दुकानों पर खोवा, मैदा, चीनी, सूजी और अन्य आवश्यक सामग्री की बिक्री दिनभर जारी रही। कई दुकानों पर ग्राहकों की कतारें देखी गईं।
इसके अलावा सब्जी बाजार में भी चहल-पहल रही। कटहल 50 से 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बेचा गया। लोग त्योहार के लिए खास सब्जियों और अन्य खाद्य सामग्री की खरीदारी करते नजर आए।
दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीण
साप्ताहिक हाट होने के कारण आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचे। सुबह 11 बजे से ही भीड़ बढ़ने लगी थी। दोपहर के बाद बाजार में खरीदारों की संख्या और अधिक हो गई, जबकि शाम के समय स्थानीय ग्राहकों की मौजूदगी से बाजार पूरी तरह भर गया।
दुकानदार रवि और नाडू ने बताया कि सामान्य दिनों की तुलना में सोमवार को ग्राहकों की संख्या काफी अधिक रही। उन्होंने कहा कि होली से पहले का अंतिम बाजार होने के कारण लोगों ने एक साथ कई जरूरतों की खरीदारी की।
उत्साह और उमंग से भरा बाजार
पूरे दिन बाजार में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। रंगों की खुशबू, बच्चों की मुस्कान और दुकानदारों की आवाजों से बाजार जीवंत नजर आया। महुआडांड़ का साप्ताहिक हाट बाजार होली के उल्लास का प्रतीक बन गया।
न्यूज़ देखो: बाजार की रौनक में दिखा त्योहार का उत्साह
त्योहारों के मौके पर स्थानीय बाजारों की रौनक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। महुआडांड़ का सोमवार हाट इस बात का उदाहरण है कि परंपरा और व्यापार साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खुशियों के रंग, अपनापन के संग
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश है।
स्थानीय बाजारों से खरीदारी कर अपने क्षेत्रीय व्यापारियों का उत्साह बढ़ाएं।
आपकी होली कैसी तैयार हो रही है, हमें कमेंट में बताएं और खबर को अपने मित्रों के साथ साझा करें।