- भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने झामुमो सरकार पर लगाया बड़ा आरोप।
- मंईया सम्मान योजना में बड़े पैमाने पर महिलाओं को वादाखिलाफी का शिकार बताया।
- झामुमो पर वोट लेने के लिए फर्जी वादे करने का आरोप।
- युवाओं के बेरोजगारी भत्ते पर भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
झामुमो सरकार पर आरोप
भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने झामुमो सरकार पर महिलाओं को मंईया सम्मान योजना के नाम पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि झामुमो ने विधानसभा चुनाव में 18 से 49 वर्ष की सभी महिलाओं को मंईया सम्मान योजना के तहत 2500 रुपए प्रति माह देने का वादा किया था। लेकिन हेमंत सरकार ने बस कुछ ही महिलाओं को इसका लाभ दिया और बाकी को वंचित रखा।
महिलाओं के साथ वादाखिलाफी का आरोप
चौबे ने कहा,
“झामुमो ने वोट लेने के उद्देश्य से महिलाओं को विधानसभा चुनाव में बरगलाने का काम किया। सत्ता में आने के बाद नियम बनाकर बड़े पैमाने पर महिलाओं को योजना से हटा दिया गया।”
उन्होंने सवाल किया कि अगर सभी को लाभ नहीं देना था, तो चुनाव में वादा क्यों किया गया? इसे महिलाओं और जनभावनाओं के साथ छलावा बताया।
बेरोजगारी भत्ते पर भी निशाना
रितेश चौबे ने कहा कि झामुमो ने 2019 के विधानसभा चुनाव में युवाओं को 5000-7000 रुपए का बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन वह भी अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इसे युवाओं के साथ बड़ा धोखा करार दिया।
पेंशन योजना में अनियमितता
उन्होंने कहा कि मंईया सम्मान योजना के तहत 2500 रुपए देने की बात करने वाली झामुमो सरकार विकलांग, विधवा, और वृद्धा पेंशन धारकों को महज 1000 रुपए दे रही है। उन्होंने मांग की कि इन पेंशनों की राशि बढ़ाकर 5000 रुपए प्रति माह की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि गढ़वा जिले सहित पूरे झारखंड में पिछले चार महीनों से पेंशन की राशि रोकी गई है। इस कारण गरीब पेंशन धारकों को भोजन और दवाओं में दिक्कतें हो रही हैं।
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख लोग
इस मौके पर भाजपा नेता संजय जायसवाल, नवीन जायसवाल समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने झामुमो सरकार से जनहित में योजनाओं को सही तरीके से लागू करने की मांग की।
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