#पलामू #अवैधअफीमखेती : पांकी थाना क्षेत्र के जांजो जंगल में 2.5 एकड़ अवैध पोस्ता खेती नष्ट।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत जांजो के जंगली इलाके में वन भूमि और गैर मजरूआ भूमि पर उगाई गई अवैध अफीम व पोस्ता की खेती को 25 फरवरी 2026 को संयुक्त अभियान में नष्ट किया गया। पुलिस, ताल पिकेट और वन विभाग की टीम ने करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में लगी फसल को विनष्ट किया। मामले में संलिप्त लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
- पांकी थाना क्षेत्र के जांजो जंगल में अवैध खेती पर कार्रवाई।
- लगभग 1.5 एकड़ वन भूमि व 1 एकड़ गैर मजरूआ भूमि में पोस्ता की खेती।
- कुल करीब 2.5 एकड़ क्षेत्रफल में लगी अफीम/पोस्ता फसल विनष्ट।
- पांकी थाना पुलिस, ताल पिकेट व वन विभाग की संयुक्त टीम ने चलाया अभियान।
- संलिप्त व्यक्तियों की पहचान व सत्यापन की प्रक्रिया जारी।
पलामू जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पांकी थाना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। 25 फरवरी 2026 को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम जांजो के जंगली क्षेत्र में संचालित अवैध अफीम/पोस्ता की खेती को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वन भूमि के संरक्षण के उद्देश्य से की गई।
जांजो के जंगली क्षेत्र में चल रही थी अवैध अफीम की खेती
प्राप्त जानकारी के अनुसार पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जांजो के घने जंगली इलाके में वन भूमि तथा गैर मजरूआ जमीन पर अवैध रूप से अफीम/पोस्ता की खेती की जा रही थी। प्रशासन को इसकी गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद सत्यापन कर संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई।
जांच में पाया गया कि लगभग 1.5 एकड़ वन भूमि और करीब 1 एकड़ गैर मजरूआ भूमि पर अवैध रूप से पोस्ता के पौधे लगाए गए थे। कुल मिलाकर करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में फैली इस खेती को विधिवत नष्ट किया गया, जिससे अवैध मादक पदार्थ उत्पादन की बड़ी आशंका पर रोक लगाई जा सकी।
पुलिस, ताल पिकेट और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान को सफल बनाने में पांकी थाना पुलिस, ताल पिकेट के पदाधिकारी एवं जवानों के साथ-साथ वन विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संयुक्त टीम जंगली क्षेत्र में पहुंची और व्यवस्थित तरीके से पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध रूप से लगाए गए अफीम/पोस्ता के पौधों को उखाड़कर और नष्ट कर दिया।
अभियान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया तथा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के संकेतों की भी जांच की गई। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि पूरी खेती को पूरी तरह से नष्ट किया जाए ताकि दोबारा इसका उपयोग अवैध उद्देश्यों के लिए न हो सके।
अवैध खेती में संलिप्त लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू
कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अवैध खेती में शामिल व्यक्तियों की पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। संबंधित भूमि के स्वामित्व, उपयोग और खेती में संलिप्त लोगों के नाम-पते का सत्यापन किया जा रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार नाम-पता सत्यापन पूर्ण होने के बाद वन विभाग द्वारा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत वन वाद दायर किया जाएगा और विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इससे भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अवैध मादक पदार्थों पर प्रशासन की सख्त नजर
पलामू पुलिस द्वारा लगातार अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि जंगलों और दूरदराज क्षेत्रों में छिपकर की जाने वाली अफीम और पोस्ता की खेती समाज के लिए गंभीर खतरा है, जो युवाओं को नशे की ओर धकेल सकती है और अपराध को बढ़ावा दे सकती है।
ऐसे में इस प्रकार की खेती को समय रहते चिन्हित कर नष्ट करना कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा दोनों दृष्टि से आवश्यक है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में भी जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित छापेमारी और निगरानी अभियान जारी रहेगा।
आम जनता से सहयोग की अपील
पलामू पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध खेती या मादक पदार्थों से संबंधित गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या प्रशासन को दें। जनता की सक्रिय भागीदारी से ही इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
अधिकारियों का कहना है कि सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
न्यूज़ देखो: अवैध खेती पर कार्रवाई से नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
पांकी के जंगली क्षेत्र में अवैध अफीम और पोस्ता की खेती का विनष्ट किया जाना प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। यह कार्रवाई न केवल वन भूमि संरक्षण बल्कि मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क पर भी सख्त संदेश है। अब सवाल यह है कि संलिप्त लोगों पर कितनी तेजी से कानूनी कार्रवाई होती है और क्या ऐसे क्षेत्रों में स्थायी निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशामुक्त समाज की दिशा में जागरूक बनें और जिम्मेदारी निभाएं
अवैध मादक पदार्थों की खेती समाज और युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए बड़ा खतरा है।
जागरूक नागरिक बनकर ऐसी गतिविधियों की सूचना देना सामाजिक कर्तव्य है।
कानून और समाज दोनों की सुरक्षा में जनसहभागिता बेहद जरूरी है।
अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क नजर रखें।
सुरक्षित, नशामुक्त और जिम्मेदार समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
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