
#विश्रामपुर #नगरनिकायचुनाव : नामांकन पत्रों की त्रुटि और आयु संबंधी कमी के कारण कार्रवाई।
पलामू जिले के विश्रामपुर नगर परिषद में नगरपालिका चुनाव 2026 के तहत नामांकन पत्रों की जांच गुरुवार को पूरी की गई। जांच के दौरान अपूर्ण और नियमों के अनुरूप न पाए गए नामांकन पत्रों पर निर्वाची पदाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। इस प्रक्रिया में अध्यक्ष पद के दो और पार्षद पद के एक अभ्यर्थी का नामांकन रद्द कर दिया गया। यह कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- अध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों का नामांकन रद्द।
- प्रमिला पांडेय और माला कुमारी का पर्चा अमान्य।
- पार्षद पद के एक अभ्यर्थी का नामांकन भी रद्द।
- 22 अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों का नामांकन वैध पाया गया।
- 20 वार्डों के लिए कुल 140 अभ्यर्थियों को मिली चुनाव लड़ने की अनुमति।
विश्रामपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर गुरुवार को नामांकन पत्रों की गहन जांच की गई। यह प्रक्रिया निर्वाची पदाधिकारी सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीसीओ) प्रीति किस्कू की देखरेख में संपन्न हुई। जांच के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सभी प्रत्याशियों के नामांकन पत्र निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हों।
अध्यक्ष पद के दो प्रत्याशियों का नामांकन रद्द
जांच के क्रम में अध्यक्ष पद की प्रत्याशी प्रमिला पांडेय और माला कुमारी का नामांकन रद्द कर दिया गया। निर्वाची पदाधिकारी ने बताया कि प्रमिला पांडेय के नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्न शपथ पत्र पर हस्ताक्षर नहीं थे, जो कि एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसी कारण उनका नामांकन अमान्य घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रमिला पांडेय नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय की पत्नी हैं, जिससे यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
वहीं दूसरी प्रत्याशी माला कुमारी का नामांकन निर्धारित न्यूनतम आयु से कम होने के कारण रद्द किया गया। निर्वाचन नियमों के अनुसार प्रत्याशी की आयु संबंधी शर्तों का पालन अनिवार्य है।
पार्षद पद के एक प्रत्याशी का भी पर्चा रद्द
नामांकन जांच के दौरान पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एक अभ्यर्थी का भी पर्चा त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर रद्द कर दिया गया। हालांकि, शेष अभ्यर्थियों के दस्तावेज सही पाए गए।
22 अध्यक्ष पद और 140 पार्षद प्रत्याशी वैध
जांच के बाद अध्यक्ष पद के लिए कुल 22 प्रत्याशियों का नामांकन सही पाया गया, जिन्हें चुनाव लड़ने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी तरह नगर परिषद के 20 वार्डों के लिए कुल 140 अभ्यर्थियों का नामांकन वैध घोषित किया गया है। ये सभी प्रत्याशी अब पार्षद पद के लिए चुनावी मैदान में बने रहेंगे।
नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया
निर्वाची पदाधिकारी प्रीति किस्कू ने जानकारी दी कि सभी वैध नामांकन वाले प्रत्याशियों को शुक्रवार को नाम वापसी का अवसर दिया जाएगा। नाम वापसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। इसके साथ ही नगर परिषद चुनाव प्रचार का औपचारिक आगाज हो जाएगा।
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में प्रशासन सख्त
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुरूप संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की त्रुटि या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।
न्यूज़ देखो: चुनावी प्रक्रिया में नियमों की कसौटी
विश्रामपुर नगर परिषद में नामांकन रद्द होने की यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि प्रशासन चुनावी नियमों को लेकर कोई समझौता नहीं कर रहा है। छोटे से छोटे दस्तावेजी दोष पर भी प्रत्याशियों को अयोग्य ठहराया जा रहा है। आने वाले दिनों में नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज होंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
लोकतंत्र की मजबूती नियमों के पालन से
चुनाव केवल मतदान का दिन नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता से लोकतंत्र मजबूत होता है। प्रत्याशियों को चाहिए कि वे सभी नियमों और औपचारिकताओं का गंभीरता से पालन करें। आपकी राय क्या है, क्या चुनावी नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है? कमेंट करें, खबर साझा करें और स्थानीय लोकतंत्र की इस अहम प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाएं।







