#गांडेय #जिलाकमिटीबैठक : संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान तेज करने पर व्यापक चर्चा हुई।
गिरिडीह और गांडेय विधानसभा की माले जिला कमिटी की संयुक्त बैठक गांडेय के कारी पहरी फूलजोरी में आयोजित हुई। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगामी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रमुख नेताओं की उपस्थिति में जोनवार जिम्मेदारियां तय की गईं और मजदूर दिवस की तैयारी पर भी रणनीति बनी। यह बैठक आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संगठन मजबूती के लिए अहम मानी जा रही है।
- गांडेय के कारी पहरी फूलजोरी में जिला कमिटी की संयुक्त बैठक आयोजित।
- अशोक पासवान, उस्मान अंसारी, पूरन महतो सहित कई नेता रहे मौजूद।
- प्रखंड को उत्तरी, मध्य और दक्षिणी जोन में विभाजित किया गया।
- 15 अप्रैल को गिरिडीह शहरी क्षेत्र में जीबी बैठक का निर्णय।
- 1 मई मजदूर दिवस की तैयारी और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार पर जोर।
गिरिडीह और गांडेय विधानसभा क्षेत्रों की माले जिला कमिटी की संयुक्त बैठक गांडेय प्रखंड के कारी पहरी फूलजोरी में संपन्न हुई। इस बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, सदस्यता अभियान को तेज करने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने संगठन के विस्तार को लेकर अपने विचार रखे।
बैठक में नेताओं की सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में माले के जिला सचिव अशोक पासवान, गांडेय विधानसभा प्रभारी उस्मान अंसारी और वरिष्ठ नेता पूरन महतो मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला कमिटी के सदस्य राजेश सिन्हा, मेहताब अली मिर्जा, कन्हाई पांडेय, शंकर पांडेय, अजीत राय सहित अन्य कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
बैठक में सभी नेताओं ने संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने पर जोर दिया और विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने के उपाय सुझाए।
गांडेय प्रखंड को तीन जोन में बांटा गया
संगठन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए गांडेय प्रखंड को तीन जोन में विभाजित करने का निर्णय लिया गया। इसमें:
- मध्य जोन की जिम्मेदारी मेहताब अली मिर्जा को सौंपी गई
- उत्तरी जोन की जिम्मेदारी सलामत अंसारी को दी गई
- दक्षिणी जोन की जिम्मेदारी नवीन पांडेय को दी गई
इन सभी जोनों के समग्र पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी उस्मान अंसारी को सौंपी गई है। इस व्यवस्था से संगठनात्मक कार्यों में तेजी आने और बेहतर समन्वय बनने की उम्मीद जताई गई।
सदस्यता अभियान और संगठन विस्तार पर विशेष जोर
बैठक में सदस्यता अभियान को तेज करने, पुराने सदस्यों के नवीनीकरण और नए लोगों को जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि 21 अप्रैल तक सदस्यता नवीनीकरण का कार्य पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। यह कदम संगठन को व्यवस्थित और सक्रिय बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
आगामी बैठकों और कार्यक्रमों की रूपरेखा
बैठक में आने वाले दिनों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की योजना बनाई गई। इसमें:
- 15 अप्रैल को गिरिडीह शहरी क्षेत्र में जीबी बैठक आयोजित करने का निर्णय
- अप्रैल माह के अंत तक सभी क्षेत्रों में जीबी बैठक सुनिश्चित करने की योजना
- मुफ्फसिल और ग्रामीण इलाकों में बैठकों की संख्या बढ़ाने पर जोर
इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन को हर क्षेत्र में सक्रिय बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मजदूर दिवस और ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस
बैठक में 1 मई मजदूर दिवस की तैयारी को लेकर भी विस्तृत रणनीति बनाई गई। इसके तहत असंगठित मजदूरों को जोड़ने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी।
साथ ही पीरटांड़ और मधुबन क्षेत्रों में संगठनात्मक कार्यों को तेज करने का निर्णय लिया गया। नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत करना बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक के दौरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि पार्टी को जनहित के मुद्दों पर लगातार संघर्ष करना होगा और आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी होगी।
अशोक पासवान ने कहा: “दोनों विधानसभा क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास जरूरी है और हर बूथ तक संगठन को सक्रिय बनाना होगा।”
पूरन महतो ने कहा: “जन मुद्दों को लेकर आंदोलनात्मक भूमिका निभाना पार्टी की प्राथमिकता होगी और इसके लिए कार्यकर्ताओं को तैयार रहना होगा।”
न्यूज़ देखो: संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की पहल
यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि माले अब अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। जोनवार जिम्मेदारियों का निर्धारण और सदस्यता अभियान पर जोर संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा है। अब देखना होगा कि तय समयसीमा में इन योजनाओं का कितना प्रभावी क्रियान्वयन हो पाता है और ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ कितनी मजबूत होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सक्रिय संगठन ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान
राजनीतिक भागीदारी केवल चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग की आवाज को मजबूत करना भी जरूरी है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियां लोकतंत्र को मजबूती देती हैं और जनहित के मुद्दों को सामने लाती हैं।
यदि आप अपने क्षेत्र में बदलाव देखना चाहते हैं, तो सक्रिय भूमिका निभाना जरूरी है। बैठकों में भाग लें, जन मुद्दों को उठाएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें।
आपकी एक छोटी पहल बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकती है। अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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