#चतरा #मादकपदार्थकार्रवाई : गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अफीम डोडा और नगद बरामद किया।
चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम और डोडा-पोस्ता के संगठित कारोबार का खुलासा किया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरिया शुभम कुमार खंडेलवाल के नेतृत्व में छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और लाखों रुपये नगद बरामद किए गए। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर विभिन्न गांवों में एक साथ की गई। मामले में कई आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है।
- लावालौंग (चतरा) में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की।
- एसडीपीओ शुभम कुमार खंडेलवाल के नेतृत्व में छापेमारी अभियान चलाया गया।
- कुल 16.950 किग्रा अफीम, 296.950 किग्रा डोडा, 76.700 किग्रा पोस्ता दाना बरामद।
- मौके से 3.11 लाख रुपये नगद और एक स्प्लेंडर प्लस बाइक जब्त।
- कई आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज।
- पुलिस टीम में शमी अंसारी, चंदन कुमार, विधायक प्रसाद यादव सहित कई जवान शामिल।
चतरा जिले के लावालौंग क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर अफीम, डोडा और अन्य नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय नशा कारोबारियों के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है और पुलिस ने इस पर सख्ती से कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना से खुला बड़ा नेटवर्क
पुलिस को सूचना मिली थी कि मनोज गंझू, बबलू गंझू, कमलेश गंझू (पिता राजदेव गंझू, ग्राम बुढ़ी), विपिन कुमार यादव (पिता तारो यादव, ग्राम सीलदाग) तथा राकेश गंझू (पिता राजन गंझू, ग्राम सौरु नवाडीह) अपने घरों और झोपड़ियों में अवैध रूप से अफीम और डोडा-पोस्ता जमा कर अन्य व्यापारियों को बेचते हैं।
इसके अलावा जानकारी मिली कि कैलू गंझू के दामाद द्वारा मादक पदार्थों की आपूर्ति गोदगोदिया गांव के अजय गंझू सहित अन्य कारोबारियों को की जा रही है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया।
एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरिया शुभम कुमार खंडेलवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ग्राम बुढ़ी सहित कई संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान आरोपितों के ठिकानों की गहन तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ बरामद हुए। इस दौरान पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए, जो इस नेटवर्क के बड़े होने की ओर संकेत करते हैं।
भारी मात्रा में मादक पदार्थ और नगद बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
- 16.950 किलोग्राम गीला अफीम
- 296.950 किलोग्राम डोडा
- 76.700 किलोग्राम पोस्ता दाना
- 50 ग्राम गांजा
- 3 लाख 11 हजार 600 रुपये नगद
- स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल
- आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक सहित कई दस्तावेज
बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब सवा करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिससे इस अवैध कारोबार के बड़े पैमाने पर संचालित होने की पुष्टि होती है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ लावालौंग थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 17, 18, 20(b)(2)(B) एवं 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शुभम कुमार खंडेलवाल ने कहा: “अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और इस धंधे में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
छापेमारी टीम में शामिल रहे अधिकारी
इस पूरे अभियान में कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल रहे। टीम में प्रमुख रूप से:
- अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरिया शुभम कुमार खंडेलवाल
- एनडीपीएस चतरा थाना के अवर निरीक्षक शमी अंसारी
- लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार
- पुलिस अवर निरीक्षक विधायक प्रसाद यादव
- लावालौंग थाना के सशस्त्र बल के जवान
इन सभी की संयुक्त कार्रवाई से यह सफलता हासिल हुई है।
जांच जारी, अन्य आरोपितों की तलाश तेज
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मादक पदार्थों के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
न्यूज़ देखो: नशे के कारोबार पर करारा प्रहार लेकिन क्या जड़ तक पहुंचेगी कार्रवाई
लावालौंग में हुई यह बड़ी कार्रवाई बताती है कि पुलिस अब मादक पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए गंभीर है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम और डोडा की बरामदगी यह संकेत देती है कि यह सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। सवाल यह है कि क्या इस कार्रवाई के बाद पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचा जाएगा और युवाओं को इस जाल से बचाया जा सकेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशा मुक्त समाज के लिए जागरूक बनें और आगे आएं
नशा सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए खतरा है।
ऐसे अवैध कारोबार को रोकने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है।
यदि आपके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो उसे नजरअंदाज न करें।

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