
#छत्तीसगढ़ #नक्सल_विरोध : DRG की कार्रवाई में मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए और हथियार बरामद।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम ने नक्सलियों से मुठभेड़ की। इस मुठभेड़ में कम से कम 12 नक्सली ढेर हो गए और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए। अभियान खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया था और इसे क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
- सुकमा जिले के किस्ताराम क्षेत्र में DRG ने चलाया सर्च ऑपरेशन।
- मुठभेड़ में कम से कम 12 नक्सली मारे गए।
- नक्सलियों के पास से AK-47, इंसास राइफल और अन्य ऑटोमैटिक हथियार बरामद।
- मारे गए नक्सलियों में संगठन के सक्रिय और इनामी कैडर शामिल।
- इस साल छत्तीसगढ़ में अब तक मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर हुए।
- वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों ने 285 नक्सलियों को मार गिराया।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम ने किस्ताराम इलाके के जंगलों में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों से भीषण मुठभेड़ की। इस मुठभेड़ में कम से कम 12 नक्सली ढेर हो गए। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
DRG की कार्रवाई और मुठभेड़ की जानकारी
सुकमा SP किरण चव्हाण ने बताया:
SP सुकमा किरण चव्हाण ने कहा: “DRG की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर जंगल में तलाशी अभियान चलाया, तभी नक्सलियों ने हमला किया। मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए और भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।”
मुठभेड़ में दोनों तरफ से कई घंटों तक गोलीबारी चली, जिसमें नक्सलियों की भारी क्षति हुई। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ स्थल पर किसी जवान के हताहत होने की जानकारी नहीं है और अभियान अब भी जारी है।
बरामद हथियार और नक्सली सामग्री
सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से AK-47 राइफल, इंसास राइफल सहित कई ऑटोमैटिक हथियार, गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की। यह बरामदगी नक्सल संगठन की गतिविधियों और हथियार आपूर्ति को प्रभावित करने वाली मानी जा रही है।
पिछले साल और इस साल की तुलना
अधिकारियों ने बताया कि इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में 14 नक्सली मारे गए हैं। वहीं, वर्ष 2025 में सुरक्षा बलों ने कुल 285 नक्सलियों को मार गिराया था। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज गति से चल रहा है।
न्यूज़ देखो: DRG की कार्रवाई और नक्सली खतरे पर नियंत्रण
सुकमा जिले में DRG और सुरक्षा बलों की कार्रवाई न केवल क्षेत्र में नक्सलियों के दमन को दर्शाती है, बल्कि यह स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और रणनीतिक कुशलता को भी दिखाती है। आगे यह देखना होगा कि बरामद हथियारों और नक्सली कैडर की पहचान के आधार पर आगे की कार्रवाई कैसे की जाएगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षा और सतर्कता में नागरिकों की भूमिका
नक्सल विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों की सफलता दिखाती है कि क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखना लगातार प्रयास और सतर्कता मांगता है। नागरिकों को भी चाहिए कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर प्रशासन को दें। इस खबर को साझा करें, अपने अनुभव और सुझाव कमेंट में दें, और अपने आसपास के लोगों को सतर्क रहने की प्रेरणा दें।






