#दुमका #शिक्षा_विकास : प्रबंध समिति बैठक के साथ अटल टिंकरिंग लैब, स्किल लैब और तीरंदाजी केंद्र की शुरुआत
दुमका जिले के हंसडीहा स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में गुरुवार को विद्यालय प्रबंध समिति की महत्वपूर्ण बैठक के साथ शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की उपस्थिति में विद्यार्थियों को तकनीकी, खेल और नवाचार गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
- उपायुक्त अभिजीत सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में हुए शामिल।
- विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक के साथ कई शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- अटल टिंकरिंग लैब, संकल्प स्किल लैब और आर्चरी सेंटर का शुभारंभ।
- जिला स्तरीय प्रेरणा उत्सव एवं फीफा फुटबॉल वितरण कार्यक्रम आयोजित।
- विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ कौशल, नवाचार और खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा।
दुमका। हंसडीहा स्थित पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में गुरुवार को विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक भव्य रूप से आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक, नवाचार और कौशल विकास कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सह उपायुक्त अभिजीत सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिसर में शैक्षणिक उन्नयन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा।
एक साथ कई शैक्षणिक व कौशल विकास कार्यक्रमों की शुरुआत
कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय प्रेरणा उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को मंच प्रदान किया गया। साथ ही अटल टिंकरिंग लैब का उद्घाटन कर नवाचार और विज्ञान आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
इसके अतिरिक्त संकल्प स्किल लैब का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक कौशल से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए तैयार हो सकें।
विद्यालय में आर्चरी (तीरंदाजी) सेंटर की शुरुआत भी की गई, जो विशेष रूप से ग्रामीण प्रतिभाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में अहम पहल मानी जा रही है। वहीं फीफा द्वारा फुटबॉल वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिससे विद्यार्थियों में खेल के प्रति रुचि और उत्साह देखने को मिला।
उपायुक्त ने कौशल और नवाचार पर दिया विशेष जोर
मुख्य अतिथि उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि कौशल विकास भी उतना ही आवश्यक है।
“आज के समय में शिक्षा के साथ कौशल और नवाचार को अपनाना बेहद जरूरी है, तभी विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों का सामना कर पाएंगे।”
उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता, नवाचार और खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त ने विशेष रूप से छात्राओं को तीरंदाजी जैसे खेलों में आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को उचित मंच मिलने पर वे राष्ट्रीय स्तर तक पहचान बना सकती हैं।
विद्यार्थियों के नवाचार की हुई सराहना
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र रोहन एवं उनकी टीम द्वारा तैयार नवाचार मॉडल की विशेष सराहना की गई। उपायुक्त ने इसे विद्यार्थियों की सृजनात्मक सोच और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हैं और उन्हें नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय परिवार ने भी इस आयोजन को विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शिक्षकों ने कहा कि नवाचार, कौशल और खेल गतिविधियों से विद्यार्थियों का व्यक्तित्व विकास तेजी से होता है।
कई अधिकारी और शिक्षाविद रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी भूतनाथ रजवार, अंचलाधिकारी सह बीडीओ सरैयाहाट राहुल कुमार शानू, प्रभारी प्राचार्य कमल नयन पांडेय, नवोदय विद्यालय बांका के प्राचार्य संजय पांडेय सहित शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने विद्यालय की पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा और कौशल विकास के समन्वित मॉडल के रूप में सराहा।
न्यूज़ देखो: शिक्षा के साथ कौशल विकास की नई दिशा
नवोदय विद्यालय हंसडीहा में आयोजित यह कार्यक्रम स्पष्ट संकेत देता है कि अब शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि नवाचार, कौशल और खेल के माध्यम से समग्र विकास की ओर बढ़ रही है। अटल टिंकरिंग लैब और स्किल लैब जैसी पहल ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शिक्षा, कौशल और खेल से ही बनेगा उज्ज्वल भविष्य
जब शिक्षा के साथ कौशल और नवाचार जुड़ते हैं, तब सफलता के नए द्वार खुलते हैं।
विद्यार्थियों को अवसर और मंच मिलना बेहद जरूरी है।
ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचान दिलाना समाज की जिम्मेदारी है।
आइए, बच्चों को शिक्षा, तकनीक और खेल से जोड़कर उनका भविष्य मजबूत बनाएं।
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