
#सिमडेगा #सहकारिता_सम्मान : राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रतिनिधि को रायपुर में विशेष सम्मान मिला।
सहकारिता क्षेत्र में झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए सिमडेगा के मनीष कुमार साहु ने पाँच दिवसीय एक्सपोज़र विजिट में उल्लेखनीय भागीदारी निभाई। सिद्धू–कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा आयोजित इस भ्रमण में उन्होंने छत्तीसगढ़ की सहकारी व्यवस्थाओं का अध्ययन किया। कार्यक्रम के समापन पर रायपुर में उन्हें विशेष सम्मान से नवाजा गया। यह उपलब्धि सिमडेगा जिले और झारखंड राज्य दोनों के लिए गौरव का विषय बनी।
- पाँच दिवसीय एक्सपोज़र विजिट में झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व।
- मनीष कुमार साहु, सीईओ एमपीसीएस, हुरदा लैंप्स का चयन।
- छत्तीसगढ़ के सहकारी संस्थानों और प्रसंस्करण इकाइयों का अध्ययन।
- रायपुर में आयोजित विदाई समारोह में विशेष सम्मान।
- राज्य मंत्री सह अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता ने किया सम्मानित।
- सिमडेगा के सहकारिता कर्मियों और लैंप्स सदस्यों में खुशी की लहर।
सहकारिता क्षेत्र में झारखंड राज्य का नाम रोशन करते हुए सिमडेगा जिले के मनीष कुमार साहु ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व किया। सिद्धू–कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय एक्सपोज़र विजिट में उनका चयन सिमडेगा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस भ्रमण का उद्देश्य सहकारिता, कृषि विपणन और वनोपज आधारित आजीविका से जुड़े सफल मॉडलों को नजदीक से समझना रहा। कार्यक्रम के अंत में उन्हें रायपुर में सम्मानित किया गया, जिससे जिले में उत्साह का माहौल बना।
एक्सपोज़र विजिट का उद्देश्य और महत्व
यह पाँच दिवसीय एक्सपोज़र विजिट सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसमें प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि अन्य राज्यों में सहकारी संस्थाएं किस प्रकार संगठित होकर किसानों, वनवासी समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। इस शैक्षणिक एवं व्यावहारिक भ्रमण के माध्यम से सहकारिता के आधुनिक मॉडल, विपणन तंत्र और मूल्य संवर्धन की प्रक्रियाओं का अध्ययन कराया गया।
छत्तीसगढ़ में सहकारी संस्थानों का अध्ययन
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न सहकारी संस्थानों, कृषि आधारित संगठनों और वनोपज प्रसंस्करण इकाइयों का दौरा किया। यहाँ की कार्यप्रणाली, प्रबंधन व्यवस्था और नवाचारों ने प्रतिभागियों को प्रभावित किया। खास तौर पर वनोपज संग्रहण, भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच की व्यवस्थाओं को समझा गया, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
मनीष कुमार साहु का अनुभव
एक्सपोज़र विजिट को लेकर मनीष कुमार साहु, सीईओ एमपीसीएस, हुरदा लैंप्स ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा:
मनीष कुमार साहु ने कहा: “इस एक्सपोज़र विजिट से सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई उपयोगी अनुभव और नई जानकारियाँ मिली हैं, जिन्हें सिमडेगा जिले में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि सहकारिता के माध्यम से किसानों और वनोपज संग्रहकर्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ के मॉडल काफी प्रेरणादायक हैं।
रायपुर में सम्मान समारोह
कार्यक्रम के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के राज्य मंत्री सह अपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता ने मनीष कुमार साहु को अपने कर-कमलों द्वारा विशेष सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान उनके कार्यों, सहभागिता और झारखंड राज्य के प्रभावी प्रतिनिधित्व के लिए दिया गया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और प्रतिनिधि
सम्मान समारोह के दौरान दोनों राज्यों के सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सिद्धू–कान्हू कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लिमिटेड के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। सभी ने मनीष कुमार साहु की सहभागिता की सराहना करते हुए इसे झारखंड के सहकारिता आंदोलन के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया।
सिमडेगा में खुशी और गर्व का माहौल
इस उपलब्धि की जानकारी मिलते ही सिमडेगा जिले के सहकारिता कर्मियों, लैंप्स सदस्यों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने मनीष कुमार साहु को बधाई दी और इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह का सम्मान जिले के अन्य सहकारिता कर्मियों को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
झारखंड के सहकारिता आंदोलन को नई पहचान
मनीष कुमार साहु को मिला यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह झारखंड राज्य के सहकारिता आंदोलन की बढ़ती पहचान को भी दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि झारखंड के सहकारी संस्थान अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं और अन्य राज्यों के लिए उदाहरण बन सकते हैं।
न्यूज़ देखो: सिमडेगा से राष्ट्रीय मंच तक सहकारिता की गूंज
यह खबर बताती है कि सहकारिता के क्षेत्र में सिमडेगा जैसे जिलों की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। एक्सपोज़र विजिट और सम्मान समारोह से यह संकेत मिलता है कि अनुभव साझा करने से स्थानीय संस्थाओं को नई दिशा मिल सकती है। अब चुनौती यह है कि इन अनुभवों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। यदि ऐसा हुआ, तो सहकारिता आंदोलन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बना सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अनुभव से विकास की ओर सिमडेगा का कदम
जब स्थानीय प्रतिभा राष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाती है, तो पूरे जिले का आत्मविश्वास बढ़ता है। सहकारिता के क्षेत्र में मिले अनुभव आने वाले समय में किसानों और ग्रामीण समुदायों के जीवन में बदलाव ला सकते हैं। यह उपलब्धि बताती है कि सीखने और नवाचार से विकास का रास्ता खुलता है।







