
#Ranchi : लाभुकों को नहीं मिल रहा योजना का लाभ, सेविकाएं भी परेशान :
- सदर अंचल में मंइयां योजना के लिए अब तक 10-12 हजार फॉर्म जमा
- कई फॉर्म गुम हो गए, कुछ में गलत वॉर्ड भरने की शिकायत
- सॉफ़्टवेयर की धीमी गति और तकनीकी गड़बड़ियों से सत्यापन अटका
- प्रज्ञा केंद्रों पर उचित प्रशिक्षण व निगरानी की कमी से बढ़ी समस्याएं
- सेविकाओं को भी नहीं पता क्या करें जब फॉर्म सिस्टम में नहीं दिखता
योजना में तकनीकी और प्रशासनिक अव्यवस्था
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मंइयां योजना अपने लक्ष्य से भटकती नजर आ रही है। रांची के सदर अंचल में योजना के लिए 10 से 12 हजार फॉर्म आंगनबाड़ी सेविकाओं ने जमा किए हैं, लेकिन इनमें से कई फॉर्म गुम हो गए या सिस्टम में दिखाई ही नहीं दे रहे।
कुछ लाभार्थियों के फॉर्म में गलत वॉर्ड अंकित कर दिया गया, जिससे उन्हें लाभ नहीं मिल पा रहा है। लाभुक बार-बार अंचल कार्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा।
सेविकाओं और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
सदर अंचलाधिकारी ने स्वीकार किया कि फॉर्म अपलोडिंग और सत्यापन में तकनीकी बाधाएं आ रही हैं, खासकर सॉफ़्टवेयर की धीमी प्रक्रिया इसमें बड़ी समस्या बनी हुई है। विभाग को इस बारे में सूचित किया गया है, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बताया कि समस्या सिर्फ तकनीकी नहीं है, प्रशासनिक लापरवाही भी जिम्मेदार है। उनका आरोप है कि योजना के पहले चरण में जब फॉर्म जमा करने की जिम्मेदारी प्रज्ञा केंद्रों को दी गई थी, तब उचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया, न ही कोई निगरानी रखी गई।
“कई लाभुकों के फॉर्म गुम हो गए हैं, कुछ में गलत वॉर्ड चढ़ा है। हम खुद समझ नहीं पा रहे कि अब क्या करें। अधिकारी भी कोई जवाब नहीं दे रहे।”
— एक आंगनबाड़ी सेविका का बयान
लाभुकों की परेशानी पर ‘न्यूज़ देखो’ की खास नज़र
मंइयां योजना, जो महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, आज तकनीकी अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की वजह से सवालों के घेरे में है। जिन महिलाओं को इससे मदद मिलनी थी, वे अब भ्रम, असुविधा और नाराजगी के बीच उलझी हुई हैं। न्यूज़ देखो इस मुद्दे पर पैनी नजर रखे हुए है और आगे की हर जानकारी आप तक समय पर पहुंचाता रहेगा — “हर ख़बर पर रहेगी हमारी नजर।”