News dekho specials
Palamau

पांकी में शिक्षा व्यवस्था पर मंजुलता दुबे का तीखा प्रहार, सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

#पलामू #शिक्षा_व्यवस्था : भाजपा नेत्री ने परीक्षा अनियमितता पर उठाए सवाल।

पलामू जिले के पांकी क्षेत्र में भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार और संबंधित विभागों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने परीक्षा में अनियमितता, एडमिट कार्ड की गड़बड़ी और कॉलेज प्रबंधन की मनमानी पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बजट आवंटन के बावजूद जमीनी हालात चिंताजनक हैं। शीघ्र सुधार नहीं होने पर लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • मंजुलता दुबे, भाजपा नेत्री पांकी ने सरकार पर साधा निशाना।
  • परीक्षा में अनियमितता और एडमिट कार्ड गड़बड़ी का आरोप।
  • कॉलेज प्रबंधन की मनमानी से छात्रों का भविष्य प्रभावित।
  • शिक्षा बजट के बावजूद जमीनी हालात चिंताजनक बताए।
  • सुधार नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक आंदोलन की चेतावनी।

पलामू जिले के पांकी क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेत्री मंजुलता दुबे ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियां और प्रशासनिक लापरवाही आम हो गई है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है।

बजट आवंटन बनाम जमीनी हकीकत

मंजुलता दुबे ने कहा कि सरकार ने शिक्षा के लिए बजट तो आवंटित कर दिया है, लेकिन उसका असर धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा।

उनके अनुसार, कई जगहों पर परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं। एडमिट कार्ड में नाम, विषय या केंद्र से संबंधित गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिससे छात्रों को मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है।

कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल

भाजपा नेत्री ने कॉलेज प्रबंधन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संस्थानों में प्रशासनिक मनमानी के कारण छात्रों को समय पर जानकारी नहीं मिलती और समस्याओं का समाधान टाल दिया जाता है।

मंजुलता दुबे ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समुचित निगरानी और जवाबदेही तय करने की जरूरत है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

“शिक्षा कोई एहसान नहीं, यह हर छात्र का अधिकार है। भविष्य से खिलवाड़ बंद कर जवाबदेही तय की जाए।” – मंजुलता दुबे

News dekho specials

आंदोलन की चेतावनी

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो छात्र, अभिभावक और समाज के लोग लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

उनका कहना है कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। सरकार को चाहिए कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाए।

छात्रों और अभिभावकों में बढ़ती चिंता

पांकी और आसपास के क्षेत्रों में छात्रों और अभिभावकों के बीच शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता देखी जा रही है। परीक्षा परिणाम, नामांकन प्रक्रिया और प्रशासनिक गड़बड़ियों से जुड़े मुद्दे अक्सर चर्चा में रहते हैं।

ऐसे में राजनीतिक स्तर पर उठाई गई आवाज आने वाले समय में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर दबाव बढ़ा सकती है।

न्यूज़ देखो: शिक्षा के सवाल पर जवाबदेही कब?

पांकी में उठे इस मुद्दे ने शिक्षा व्यवस्था की जमीनी चुनौतियों को फिर सामने ला दिया है। बजट और घोषणाओं से आगे बढ़कर यदि ठोस निगरानी और पारदर्शिता नहीं होगी तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। अब देखना यह होगा कि विभाग इन आरोपों पर क्या कदम उठाता है और क्या छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता में रखा जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

छात्रों का भविष्य सर्वोपरि, जागरूकता है जरूरी

शिक्षा हर समाज की नींव है और छात्रों का भविष्य किसी भी तरह की लापरवाही से प्रभावित नहीं होना चाहिए। जरूरत है कि विद्यार्थी, अभिभावक और समाज सजग रहें और सकारात्मक संवाद के जरिए समाधान की मांग करें।

यदि व्यवस्था में खामियां हैं तो उन्हें सुधारने के लिए सामूहिक आवाज जरूरी है।

अपनी राय कमेंट में साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और शिक्षा के मुद्दे पर जागरूकता फैलाने में सहयोग दें।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: