पुलवामा हमले के 42 शहीदों को मनोहरपुर में भावभीनी श्रद्धांजलि, स्कूली छात्रों संग निकला मोमबत्ती जुलूस

पुलवामा हमले के 42 शहीदों को मनोहरपुर में भावभीनी श्रद्धांजलि, स्कूली छात्रों संग निकला मोमबत्ती जुलूस

author Pramod Mishra
1 Views Download E-Paper (0)
#मनोहरपुर #पुलवामा_श्रद्धांजलि : संत नरसिंह आश्रम से शहर तक निकला भावनात्मक कैंडल मार्च।

पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड स्थित संत नरसिंह आश्रम में पुलवामा आतंकी हमले के 42 शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा के बाद स्कूली छात्रों और देशभक्त नागरिकों ने मोमबत्ती जुलूस निकाला, जो शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होकर गुजरा। सभा में जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजित यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शहीदों की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा गया।

Join WhatsApp
  • संत नरसिंह आश्रम, मनोहरपुर में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा।
  • 42 शहीद जवानों को पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि।
  • सभा के बाद निकला मोमबत्ती जुलूस, शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा।
  • जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजित यादव सहित कई गणमान्य रहे उपस्थित।
  • स्कूली छात्रों और नागरिकों ने लगाए देशभक्ति के नारे।

पश्चिम सिंहभूम जिला के मनोहरपुर प्रखंड में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 42 जवानों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। संत नरसिंह आश्रम परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं, स्थानीय नागरिकों तथा गणमान्य लोगों ने भाग लिया। श्रद्धांजलि सभा के बाद भावनात्मक माहौल में मोमबत्ती जुलूस निकाला गया, जो मनोहरपुर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। कार्यक्रम के दौरान शहीदों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्रभक्ति के स्वर गूंजते रहे।

संत नरसिंह आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा

कार्यक्रम की शुरुआत संत नरसिंह आश्रम में शहीद जवानों की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर वीर जवानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा में वक्ताओं ने पुलवामा हमले को देश के इतिहास की एक पीड़ादायक घटना बताते हुए शहीदों के बलिदान को नमन किया।

श्रद्धांजलि सभा में जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजित यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा:

“पुलवामा के वीर जवानों का बलिदान देश कभी नहीं भूल सकता। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के मार्ग पर चलना चाहिए।”

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देशभक्ति की भावना को अपने जीवन में उतारें और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनें।

मोमबत्ती जुलूस में उमड़ा जनसैलाब

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत स्कूली छात्रों और देशभक्त नागरिकों द्वारा मोमबत्ती जुलूस निकाला गया। यह जुलूस संत नरसिंह आश्रम से शुरू होकर शहरी क्षेत्र, रेलवे क्षेत्र, एनएच 320 डी होते हुए लाइन पार पूजा पंडाल तक पहुंचा और वहीं संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने शहीदों के सम्मान में देशभक्ति के नारे लगाए।

जुलूस में शामिल छात्र-छात्राओं के हाथों में मोमबत्तियां थीं और वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नजर आया। स्थानीय लोगों ने भी रास्ते में खड़े होकर जुलूस में शामिल लोगों का समर्थन किया और शहीदों को नमन किया।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति

कार्यक्रम में आरटीसी पब्लिक इंटर कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल राजधन महतो, गुरविंदर सिंह भाटिया, अश्विनी बघेल, प्रदीप मिश्रा, अमरेश विश्वकर्मा, सीमा मुंडारी, शिवनाथ महतो, यशवंत कटियार, प्राचार्य रविन्द्र सिंह, संजय सिंह, सुशांत नायक, पारस सिंह समेत बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और देशभक्त नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुलवामा हमले की स्मृति

ज्ञात हो कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतिपूरा के पास सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन को ले जा रही बस पर आतंकी हमला हुआ था। विस्फोटक से भरी कार द्वारा बस को टक्कर मार दी गई, जिसमें 42 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी और आज भी नागरिकों के मन में गहरी छाप छोड़े हुए है।

मनोहरपुर में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम उसी बलिदान की स्मृति को जीवित रखने का एक प्रयास था, जिसमें नई पीढ़ी को शहीदों के साहस और त्याग से परिचित कराया गया।

न्यूज़ देखो: स्मृति से संकल्प तक की यात्रा

मनोहरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम बताता है कि शहीदों की याद केवल एक तिथि तक सीमित नहीं है, बल्कि जनमानस में जीवित है। जब स्कूली छात्र और नागरिक एक साथ कैंडल मार्च निकालते हैं, तो यह नई पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम के संस्कारों का संकेत देता है। यह भी जरूरी है कि ऐसे आयोजनों के साथ युवाओं को देश की सुरक्षा और जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूक किया जाए। क्या आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्वरूप मिलेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शहादत को याद रखें, राष्ट्र निर्माण में निभाएं भूमिका

शहीदों का बलिदान हमें केवल भावुक नहीं करता, बल्कि जिम्मेदारी का एहसास भी कराता है। राष्ट्रप्रेम केवल नारों तक सीमित न रहे, बल्कि आचरण में दिखे — यही सच्ची श्रद्धांजलि है। युवाओं को चाहिए कि वे देश के इतिहास और बलिदानों से सीख लेकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें।

अपने शहर और गांव में होने वाले ऐसे आयोजनों में भाग लें। नई पीढ़ी को शहीदों की कहानियां सुनाएं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

आनंदपुर, पश्चिम सिंहभूम

🔔

Notification Preferences

error: