
#सिमडेगा #हॉकी_सम्मान : राष्ट्रीय पुरस्कार के बाद लौटे अध्यक्ष का खिलाड़ियों ने किया जोरदार अभिनंदन।
हॉकी इंडिया के जमन लाल शर्मा अमूल्य योगदान पुरस्कार 2025 से सम्मानित होकर मनोज कोनबेगी सिमडेगा लौटे। बस स्टैंड पर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनका भव्य स्वागत किया। दिल्ली में आयोजित समारोह में उन्हें उनके आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि से पूरे जिले में उत्साह और गर्व का माहौल है।
- मनोज कोनबेगी को हॉकी इंडिया का प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला।
- दिल्ली से लौटने पर सिमडेगा में भव्य स्वागत किया गया।
- ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ बस स्टैंड से जुलूस निकला।
- खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने सम्मान समारोह आयोजित किया।
- पुरस्कार मिलने पर बोले—जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
सिमडेगा जिले के लिए गर्व का क्षण उस समय बना जब हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी को हॉकी इंडिया के प्रतिष्ठित जमन लाल शर्मा अमूल्य योगदान पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह के बाद जब वे सिमडेगा लौटे, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया।
बस स्टैंड पर पहुंचते ही हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें जुलूस के रूप में हॉकी सिमडेगा कार्यालय तक ले जाया गया, जहां एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
दिल्ली में आयोजित हॉकी इंडिया के आठवें वार्षिक पुरस्कार समारोह में मनोज कोनबेगी को उनके आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा खडसे सहित कई दिग्गज हस्तियां मौजूद थीं।
इसके अलावा कार्यक्रम में दिलीप तिर्की, हरबिंदर सिंह, असलम शेर खान, जफर इकबाल, मीर रंजन नेगी, रानी रामपाल, परगट सिंह, अजीत पाल सिंह जैसे कई महान हॉकी खिलाड़ी और अधिकारी भी उपस्थित रहे।
सम्मान समारोह में मनोज कोनबेगी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया और उनके योगदान की सराहना की गई।
सिमडेगा में हुआ भव्य स्वागत
सम्मान प्राप्त कर सिमडेगा लौटने पर जिले के विभिन्न खेल छात्रावासों के खिलाड़ियों और हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। बस स्टैंड से लेकर खेल कार्यालय तक जुलूस निकाला गया।
इस दौरान खिलाड़ियों ने स्वागत गीत गाए और फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। पूरे कार्यक्रम में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
खिलाड़ियों और समर्थकों में खुशी
इस उपलब्धि से सिमडेगा के खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों ने कहा कि छोटे जिले के खिलाड़ियों और खेल प्रशासकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलना बड़ी बात है।
खेल प्रेमियों ने कहा: “यह सम्मान सिमडेगा के लिए गौरव का विषय है और इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।”
मनोज कोनबेगी का भावुक संबोधन
सम्मान समारोह में धन्यवाद देते हुए मनोज कोनबेगी ने कहा—
“यह सम्मान सिमडेगा जिले के सभी खिलाड़ियों, कोच और खेल प्रेमियों को समर्पित है।”
उन्होंने कहा कि जिले के युवा प्रतिभाशाली हैं और उन्हें केवल सही मंच और प्रोत्साहन की जरूरत है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पुरस्कार राशि का उपयोग खिलाड़ियों के विकास के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा: “इस पुरस्कार से मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है और मैं खिलाड़ियों के लिए और बेहतर काम करने का प्रयास करूंगा।”
सिमडेगा की खेल पहचान को मिली मजबूती
सिमडेगा पहले से ही हॉकी के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुका है। इस सम्मान से जिले की खेल पहचान को और मजबूती मिली है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
न्यूज़ देखो: छोटे शहर से बड़ा सम्मान
सिमडेगा जैसे छोटे जिले से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना यह दर्शाता है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र की मोहताज नहीं होती। मनोज कोनबेगी का यह सम्मान पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है। अब यह देखना होगा कि इस उपलब्धि का असर आने वाले समय में खिलाड़ियों के विकास पर कितना पड़ता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
खेल से बनता है भविष्य, बढ़ाएं कदम
खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन और मेहनत का प्रतीक है।
हर खिलाड़ी के अंदर जीतने की क्षमता होती है, बस उसे सही दिशा की जरूरत होती है।
आइए, हम भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करें और खेल संस्कृति को मजबूत बनाएं।
आपका समर्थन ही नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देता है।
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