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टापूडेगा पंडरीपानी शिव मंदिर में सामूहिक मकर संक्रांति उत्सव, भजन सत्संग से गूंजा गांव

#सिमडेगा #मकरसंक्रांति : शिव मंदिर परिसर में ग्रामीणों ने सामूहिक पूजा भजन सत्संग के साथ पर्व मनाया।

सिमडेगा जिले के टापूडेगा पंडरीपानी स्थित शिव मंदिर परिसर में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मकर संक्रांति का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया। इस अवसर पर महिला, पुरुष और बच्चों ने मिलकर पूजा, भजन और सत्संग में भाग लिया। भगवान शिव और बजरंगबली से ग्राम सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम ने गांव में सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत किया।

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  • शिव मंदिर परिसर में सामूहिक मकर संक्रांति आयोजन।
  • ग्रामीणों ने भजन सत्संग और पूजा में लिया भाग।
  • बच्चों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया।
  • अतिथियों ने आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया।
  • आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

सिमडेगा जिले के टापूडेगा पंडरीपानी शिव मंदिर में गुरुवार को ग्रामीणों द्वारा सामूहिक मकर संक्रांति का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। मंदिर परिसर में सुबह से ही महिला, पुरुष और बच्चों की सहभागिता के साथ पूजा-अर्चना शुरू हुई।

ग्रामीणों ने भगवान शिव एवं बजरंगबली को तिल, चूड़ा और गुड़ का भोग अर्पित कर गांव की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया गया।

भजन सत्संग और बच्चों की प्रस्तुति

कार्यक्रम के दौरान सुंदर-सुंदर भजनों की प्रस्तुति हुई, जिसमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत हनुमान चालीसा पाठ ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। उनकी भक्ति भावना और आत्मविश्वास को देखते हुए उपस्थित लोगों ने जमकर सराहना की।

हनुमान चालीसा पाठ करने वाले बच्चों बबली कुमारी, तृप्ति महतो, दीपिका कुमारी, गीता कुमारी, रौनक महतो, बबलू महतो और अनुभव महतो को प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित भी किया गया।

आध्यात्मिक उन्नति पर दिया गया संदेश

कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष कौशल राज सिंह देव विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ग्रामीणों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

कौशल राज सिंह देव ने कहा:
“अपने भीतर के स्वरूप को पहचानना और चेतना का विस्तार करना ही सच्ची आध्यात्मिक उन्नति है। धैर्य, शांति और संतोष के साथ जीवन जीने से परिवार और समाज में सहयोग और सौहार्द बना रहता है।”

उन्होंने कहा कि जब समाज में सहयोग की भावना मजबूत होती है, तब समाज निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता है और आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी सुरक्षित होता है।

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आयोजन में रहा ग्रामीणों का सहयोग

इस सामूहिक आयोजन को सफल बनाने में सुबोध महतो, अघनु बड़ाईक, सुकरा महतो, कुलदीप प्रसाद, जनका मांझी, जयप्रकाश गुप्ता, लालचंद, संतोष, विकास, रिखीमुनि देवी, रेखा देवी और सुनीता देवी सहित कई ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह के आयोजन से गांव में आपसी भाईचारा, सहयोग और सांस्कृतिक परंपराएं मजबूत होती हैं।

न्यूज़ देखो: गांवों में परंपरा और एकता की मिसाल

टापूडेगा का यह सामूहिक मकर संक्रांति आयोजन दिखाता है कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं आज भी गांवों को जोड़ने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को सशक्त बनाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

परंपरा से जुड़े रहकर ही मजबूत बनता है समाज

सामूहिक पर्व आयोजन समाज में भाईचारा और सकारात्मक सोच को बढ़ाते हैं।
यदि आपके गांव या क्षेत्र में भी ऐसे आयोजन हो रहे हैं, तो उनमें सक्रिय भागीदारी निभाएं।
अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और सामाजिक एकता के संदेश को फैलाएं।
जुड़ाव ही सशक्त समाज की पहचान है।

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Birendra Tiwari

सिमडेगा

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