
#उंटारीरोड #आगजनी : शॉर्ट सर्किट से प्रखंड कार्यालय में आग, उपकरण जले।
पलामू के उंटारी रोड स्थित प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में बुधवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। घटना के समय अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे, जिससे जनहानि टल गई। कर्मचारियों की तत्परता से आग पर काबू पाया गया। इस घटना ने सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- उंटारी रोड प्रखंड-अंचल कार्यालय में बुधवार दोपहर लगी भीषण आग।
- आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया, लाखों की संपत्ति जलकर राख।
- अंचलाधिकारी की कुर्सी समेत कई उपकरण पूरी तरह नष्ट हुए।
- कर्मचारियों की सूझबूझ से बड़ी जनहानि टली, समय रहते आग बुझाई गई।
- घटना के समय बीडीओ और सीओ कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
उंटारी रोड प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में बुधवार दोपहर अचानक लगी आग ने पूरे परिसर में अफरा-तफरी मचा दी। शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई यह आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैल गई और कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण उपकरणों को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि कर्मचारियों की तत्परता के कारण आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे किसी बड़ी जनहानि से बचाव हो सका।
अचानक भड़की आग, मच गई अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक कार्यालय के एक हिस्से से धुआं उठता देखा गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी अपनी जान बचाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण दस्तावेजों और सामान को सुरक्षित निकालने में जुट गए।
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही समय में कार्यालय का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। आसपास मौजूद लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में सहयोग किया।
कर्मचारियों की तत्परता से टली बड़ी घटना
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए पानी और उपलब्ध संसाधनों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। उनकी सूझबूझ और साहस के कारण आग को फैलने से रोका जा सका।
अगर समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो आग पूरे भवन को अपनी चपेट में ले सकती थी और नुकसान कई गुना अधिक हो सकता था। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, जो एक राहत की बात है।
लाखों की संपत्ति जलकर राख
इस आगजनी की घटना में कार्यालय के कई महत्वपूर्ण उपकरण जलकर नष्ट हो गए। खासकर अंचलाधिकारी की कुर्सी पूरी तरह जलकर राख हो गई। इसके अलावा झारनेट से जुड़े उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संसाधन भी आग की भेंट चढ़ गए।
प्राथमिक आकलन के अनुसार, इस घटना में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि, विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक नुकसान का आंकड़ा सामने आ सकेगा।
अधिकारी नहीं थे मौजूद, टली जनहानि
घटना के समय प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) कार्यालय में मौजूद नहीं थे। यह एक तरह से राहत की बात रही, क्योंकि यदि उस समय अधिक लोग मौजूद होते तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमित जांच और रखरखाव की कमी ऐसे हादसों को जन्म देती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय-समय पर वायरिंग और उपकरणों की जांच की जाए, तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
न्यूज़ देखो: छोटी चिंगारी, बड़ा सबक
उंटारी रोड की यह घटना सिर्फ एक आगजनी नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही का संकेत भी है। जब सरकारी कार्यालय ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या संबंधित विभाग इस घटना से सबक लेकर सुरक्षा मानकों को सख्त करेंगे? या फिर अगली घटना का इंतजार किया जाएगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक बनें, सुरक्षा को प्राथमिकता दें
ऐसी घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि सुरक्षा केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्राथमिकता होनी चाहिए।
हर संस्थान, हर कार्यालय और हर नागरिक को सतर्क रहना होगा, तभी ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
अगर आप अपने आसपास किसी भी तरह की लापरवाही देखते हैं, तो उसे नजरअंदाज न करें—आवाज उठाएं।
आपकी एक पहल कई जिंदगियों को सुरक्षित बना सकती है।
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