News dekho specials
Palamau

राजकीयकृत प्लस टू कल्याण उच्च विद्यालय पांडू में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई मैट्रिक हिंदी परीक्षा

#पांडू #मैट्रिक_परीक्षा : हिंदी ए और हिंदी बी विषय की परीक्षा में 433 परीक्षार्थी हुए शामिल।

पलामू जिले के पांडू प्रखंड स्थित राजकीयकृत प्लस टू कल्याण उच्च विद्यालय में मैट्रिक परीक्षा के तहत हिंदी ए और हिंदी बी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। 4 फरवरी 2026 को संपन्न हुई इस परीक्षा में कुल 435 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 433 उपस्थित रहे, जबकि 2 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। परीक्षा केंद्र पर कड़ी निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दंडाधिकारी, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्राधीक्षक लगातार सक्रिय रहे।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • 04 फरवरी 2026 को आयोजित हुई मैट्रिक हिंदी ए और हिंदी बी की परीक्षा।
  • कुल परीक्षार्थी 435, जिनमें 433 उपस्थित और 2 अनुपस्थित रहे।
  • परीक्षा केंद्र रहा राजकीयकृत प्लस टू कल्याण उच्च विद्यालय, पांडू
  • स्टेटिक मजिस्ट्रेट अमरकांत कुमार और दंडाधिकारी जय पाल सिंह रहे तैनात।
  • केंद्राधीक्षक देवेश कुमार पाल की निगरानी में संपन्न हुई परीक्षा।

पलामू जिले के पांडू प्रखंड में मैट्रिक परीक्षा को लेकर सुबह से ही परीक्षा केंद्र पर चहल-पहल देखने को मिली। राजकीयकृत प्लस टू कल्याण उच्च विद्यालय पांडू को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जहां हिंदी ए और हिंदी बी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और परीक्षा निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके।

परीक्षा केंद्र पर प्रशासनिक व्यवस्था

परीक्षा केंद्र पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट अमरकांत कुमार और दंडाधिकारी जय पाल सिंह की तैनाती की गई थी। दोनों अधिकारियों ने परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र का निरीक्षण किया और सुरक्षा एवं अनुशासन व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। परीक्षा केंद्र के आसपास किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि को रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया गया।

केंद्र के मुख्य द्वार से लेकर परीक्षा कक्ष तक परीक्षार्थियों की जांच की गई, ताकि नकल या किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके। प्रशासन की सतर्कता का असर यह रहा कि परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई।

उपस्थिति का आंकड़ा

इस परीक्षा में कुल 435 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 433 परीक्षार्थी उपस्थित पाए गए, जबकि 2 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। उपस्थिति प्रतिशत संतोषजनक रहा, जिससे यह संकेत मिलता है कि छात्र परीक्षा को लेकर गंभीर और जागरूक हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले ही अधिकांश परीक्षार्थी केंद्र पर पहुंच गए थे और समय पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश किया।

केंद्राधीक्षक की भूमिका

परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक देवेश कुमार पाल ने पूरी परीक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। उन्होंने परीक्षा से पूर्व सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए और परीक्षा के दौरान हर गतिविधि पर नजर रखी। केंद्राधीक्षक द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि प्रश्न पत्र वितरण से लेकर उत्तर पुस्तिकाओं के संग्रह तक की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार हो।

केंद्राधीक्षक देवेश कुमार पाल ने कहा: “परीक्षा की निष्पक्षता और शांति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है, और सभी शिक्षक व कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।”

शिक्षकों और कर्मचारियों का योगदान

परीक्षा को सफल बनाने में केंद्र पर तैनात शिक्षकों की भूमिका भी अहम रही। इस परीक्षा में करन बास्के, अरविंद कुमार, नेपाली राम, पंकज कुमार, मासुक अंसारी, मनोज कुमार, प्रियंका कुमारी, रफी अहमद, नगेन्द्र कुमार, अरुण कुमार, चन्दन कुमार, सादिक अंसारी, रानी खातून, साजिद जमा ताज और शिवम तिवारी ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

News dekho specials

इन शिक्षकों ने परीक्षा कक्षों में अनुशासन बनाए रखा और परीक्षार्थियों को शांत वातावरण उपलब्ध कराया। शिक्षकों की सतर्कता और सहयोग से परीक्षा प्रक्रिया बिना किसी बाधा के आगे बढ़ती रही।

परीक्षार्थियों में दिखा आत्मविश्वास

परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय कई परीक्षार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास झलक रहा था। छात्रों ने बताया कि प्रश्न पत्र पाठ्यक्रम के अनुरूप था और तैयारी करने वाले छात्रों के लिए कठिन नहीं था। हिंदी ए और हिंदी बी दोनों विषयों में संतुलित प्रश्न पूछे गए, जिससे छात्रों को अपनी तैयारी दिखाने का अवसर मिला।

अभिभावकों ने भी प्रशासन और विद्यालय प्रबंधन की व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना था कि कड़ी निगरानी और शांत माहौल से छात्रों को बिना किसी तनाव के परीक्षा देने में मदद मिली।

शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन का महत्व

मैट्रिक जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में अनुशासन और पारदर्शिता बेहद जरूरी होती है। पांडू प्रखंड के इस परीक्षा केंद्र पर जिस तरह से प्रशासन, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन ने मिलकर जिम्मेदारी निभाई, वह अन्य केंद्रों के लिए भी एक उदाहरण है। परीक्षा के सफल आयोजन से छात्रों और अभिभावकों दोनों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर बना रहता है।

न्यूज़ देखो: परीक्षा व्यवस्था की सख्ती ने बढ़ाया भरोसा

पांडू में आयोजित मैट्रिक हिंदी परीक्षा यह दर्शाती है कि सही योजना और निगरानी से परीक्षाएं निष्पक्ष ढंग से कराई जा सकती हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षकों की सक्रिय भूमिका ने परीक्षा को शांतिपूर्ण बनाया। यह व्यवस्था छात्रों के भविष्य से जुड़े भरोसे को मजबूत करती है। आने वाली परीक्षाओं में भी इसी तरह की सख्ती और पारदर्शिता की उम्मीद रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा के साथ अनुशासन ही उज्ज्वल भविष्य की कुंजी

परीक्षा केवल मूल्यांकन का माध्यम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का भी पाठ पढ़ाती है।
जब प्रशासन, शिक्षक और छात्र मिलकर नियमों का पालन करते हैं, तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत बनती है।
इस खबर को साझा करें, अपने विचार कमेंट में रखें और शिक्षा से जुड़ी सकारात्मक खबरों को आगे बढ़ाएं, ताकि जागरूक समाज का निर्माण हो सके।

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Tirthraj Dubey

पांडु, पलामू

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: