
#मेदिनीनगर #नगरनिगमचुनाव : मेयर प्रत्याशी मीना गुप्ता ने घर-घर पहुंचकर स्थानीय मुद्दों पर संवाद शुरू किया, पारदर्शी प्रशासन का वादा दोहराया।
मेदिनीनगर नगर निगम के मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। इसी क्रम में मेयर प्रत्याशी मीना गुप्ता ने डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान शुरू कर सीधे मतदाताओं से संवाद स्थापित करना शुरू किया है। वे वार्डों में पहुंचकर सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रही हैं।
- मीना गुप्ता ने शुरू किया डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान।
- सफाई, पेयजल संकट, स्ट्रीट लाइट और जलजमाव प्रमुख मुद्दे।
- महिलाओं से संवाद में सुरक्षा और स्व-सहायता समूह पर जोर।
- युवाओं के बीच कौशल विकास और पारदर्शी प्रशासन की बात।
- ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और मासिक जनसंवाद का आश्वासन।
मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र में मेयर चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी माहौल के बीच मेयर प्रत्याशी मीना गुप्ता ने अपने अभियान को नई दिशा देते हुए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है। वे लगातार अलग-अलग वार्डों में पहुंचकर मतदाताओं से सीधा संवाद कर रही हैं और स्थानीय समस्याओं को सुन रही हैं।
घर-घर पहुंचकर संवाद पर जोर
मीना गुप्ता का कहना है कि चुनाव केवल मंचीय भाषणों से नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से जीता जाता है। इसी सोच के साथ वे समर्थकों के साथ घर-घर जाकर लोगों से मिल रही हैं। जनसंपर्क के दौरान वे सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, स्ट्रीट लाइट की कमी और जलजमाव जैसी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर रही हैं। कई वार्डों में नागरिकों ने उन्हें स्थानीय कठिनाइयों से अवगत कराया, जिस पर उन्होंने समाधान के लिए प्रयास करने का भरोसा दिया।
महिलाओं के बीच सक्रियता
जनसंपर्क अभियान के दौरान महिलाओं के बीच उनकी सक्रियता विशेष रूप से चर्चा में रही। उन्होंने महिला सुरक्षा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर संवाद किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने उन्हें समर्थन देने की बात कही। मीना गुप्ता ने कहा कि नगर निगम स्तर पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है, ताकि निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका सुनिश्चित हो सके।
युवाओं को जोड़ने की कोशिश
युवाओं के बीच भी उनका अभियान गति पकड़ता दिखाई दे रहा है। वे कौशल विकास, रोजगार प्रशिक्षण और पारदर्शी प्रशासन की बात करते हुए युवाओं से शहर के विकास में भागीदारी की अपील कर रही हैं। उनका कहना है कि नगर निगम को आधुनिक, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाना समय की आवश्यकता है।
पारदर्शी प्रशासन का दावा
मीना गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें जनता का समर्थन मिला तो वे पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन का मॉडल प्रस्तुत करने का प्रयास करेंगी। उन्होंने ऑनलाइन शिकायत पोर्टल की व्यवस्था, समस्याओं के समयबद्ध समाधान और मासिक जनसंवाद कार्यक्रम शुरू करने की बात दोहराई। उनका कहना है कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान तय समय सीमा में होना चाहिए और इसके लिए एक स्पष्ट प्रणाली विकसित की जाएगी।
चुनावी मुकाबला दिलचस्प
जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, मेदिनीनगर में चुनावी मुकाबला रोचक होता जा रहा है। त्रिकोणीय या चतुष्कोणीय मुकाबले की संभावना के बीच विभिन्न प्रत्याशी अपनी-अपनी रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। कुछ उम्मीदवार सोशल मीडिया और छोटी सभाओं के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं, जबकि मीना गुप्ता का जोर जमीनी संपर्क पर दिखाई दे रहा है।
नगर निगम चुनावों में स्थानीय मुद्दे और प्रत्याशी की व्यक्तिगत छवि अक्सर निर्णायक साबित होती है। ऐसे में घर-घर जाकर संवाद स्थापित करना उनकी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान मतदाताओं के रुझान को किस प्रकार प्रभावित करता है।
न्यूज़ देखो: जमीनी जुड़ाव बनाम प्रचार की राजनीति
मेदिनीनगर में इस बार का चुनाव स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित होता नजर आ रहा है। मतदाता बुनियादी सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में जो प्रत्याशी जमीनी स्तर पर मजबूत संवाद स्थापित करेगा, उसे बढ़त मिल सकती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आपका वोट, आपके शहर का भविष्य
नगर निगम चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं, बल्कि शहर की दिशा तय करने का क्षण है।
सड़क, पानी, सफाई और रोशनी जैसे मुद्दे सीधे आपके जीवन से जुड़े हैं।
सोच-समझकर मतदान करें और अपने अधिकार का उपयोग जरूर करें।
स्थानीय विकास में भागीदारी ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।
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