
#गुमला #हिंदूनववर्ष : मांझाटोली दुर्गा मंदिर में बैठक, कलश यात्रा और अखंड हरिकीर्तन की तैयारी।
गुमला के मांझाटोली स्थित दुर्गा मंदिर शंख मोड़ परिसर में हिंदू नव वर्ष के आयोजन को लेकर सनातन धर्मावलंबियों की बैठक हुई। बैठक में आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। निर्णय लिया गया कि 19 मार्च को शंख नदी से कलश जल यात्रा निकाली जाएगी और 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन भी आयोजित किया जाएगा।
- 19 मार्च को शंख नदी से दुर्गा मंदिर मांझाटोली तक निकलेगी भव्य कलश जल यात्रा।
- महिलाओं की भागीदारी से सुबह 8 बजे शुरू होगा धार्मिक कार्यक्रम।
- दोपहर 2 बजे से 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
- अगले दिन संत-महात्माओं के धार्मिक प्रवचन और भंडारा का कार्यक्रम।
- आयोजन दुर्गा पूजा समिति शंख मोड़ मांझाटोली के तत्वावधान में होगा।
गुमला जिले के मांझाटोली स्थित दुर्गा मंदिर शंख मोड़ परिसर में हिंदू नव वर्ष के आयोजन को लेकर शनिवार की शाम सनातन धर्मावलंबियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारियों और आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सभी लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी हिंदू नव वर्ष उत्सव को श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जाएगा।
बैठक में आयोजन की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों की तारीख और समय निर्धारित किया गया। साथ ही आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां भी तय की गईं।
19 मार्च को निकलेगी भव्य कलश जल यात्रा
बैठक में तय कार्यक्रम के अनुसार 19 मार्च की सुबह 8 बजे मांझाटोली क्षेत्र में भव्य कलश जल यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शंख नदी से प्रारंभ होकर दुर्गा मंदिर परिसर तक पहुंचेगी।
कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होंगी और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पवित्र जल लेकर मंदिर परिसर तक आएंगी। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण और उत्साह का माहौल बनाएगा।
दोपहर से शुरू होगा अखंड हरिकीर्तन
कलश यात्रा के बाद उसी दिन अपराह्न 2 बजे से 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन प्रारंभ होगा। इस दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर भक्ति गीतों और कीर्तन के माध्यम से भगवान का स्मरण करेंगे।
आयोजन समिति के अनुसार अखंड हरिकीर्तन में क्षेत्र के कई भजन मंडलियों और श्रद्धालुओं की भागीदारी होगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बनेगा और भक्तजन भक्ति रस में सराबोर होंगे।
संतों के प्रवचन और भंडारा का आयोजन
कार्यक्रम के दूसरे दिन अखंड हरिकीर्तन की पूर्णाहुति के बाद संत-महात्माओं द्वारा धार्मिक प्रवचन दिया जाएगा। प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई जाएंगी।
इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र के लोग और भक्तजन महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देगा।
आयोजन को सफल बनाने के लिए सौंपी गई जिम्मेदारियां
बैठक में कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। आयोजन समिति के सदस्यों ने कहा कि सभी लोग मिलकर इस धार्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कार्य करेंगे।
इस अवसर पर कमलेश कुमार झा, विनोद कुमार गुप्ता, अर्जुन मल्लाह, शुंभ प्रसाद, गोविंद रजक, सुमित प्रसाद, सूरज कुमार सिंह, विजय राय, रोहित मेहता, नीलेश कुमार झा, सुधा प्रसाद, विपुल कुमार गुप्ता, संतोष दास, उत्तम प्रसाद, शुभम प्रसाद, भूपेश प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग और सनातन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।
बैठक में सभी ने हिंदू नव वर्ष के इस धार्मिक आयोजन को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: धार्मिक आयोजनों से बढ़ती सामाजिक एकता
हिंदू नव वर्ष जैसे धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों में आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होती है। मांझाटोली में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम भी क्षेत्र के लोगों को एक मंच पर लाने का अवसर बनेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक समाज की दिशा में एक कदम
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे की भावना को बढ़ाते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग एक साथ मिलकर परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं और समाज में सहयोग की भावना मजबूत होती है।
जरूरी है कि हम सभी अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए ऐसे आयोजनों में अनुशासन और सहयोग के साथ भाग लें। इससे समाज में सद्भाव और एकता का वातावरण बनता है।
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