Simdega

राष्ट्रीय युवा दिवस पर सिमडेगा में कानून और संस्कार का संदेश, युवाओं को जागरूक बनने का आह्वान

#सिमडेगा #राष्ट्रीययुवादिवस : विधिक जागरूकता शिविरों के माध्यम से युवाओं को अधिकार, कर्तव्य और नशामुक्ति का संदेश।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सिमडेगा जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से व्यापक विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। जिले के शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर युवाओं को उनके कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दी गई। मुख्य कार्यक्रम मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय सिमडेगा में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इस दौरान स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात कर जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।

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  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर सिमडेगा जिले में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन।
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से युवाओं को कानून की जानकारी दी गई।
  • नालसा के डॉन कार्यक्रम के तहत नशामुक्ति और सकारात्मक सोच पर जोर।
  • मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय सिमडेगा में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन।
  • सचिव मरियम हेमरोम ने स्वामी विवेकानंद के विचारों से युवाओं को प्रेरित किया।

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार सिमडेगा द्वारा जिले भर में विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत विभिन्न लीगल लिट्रेसी क्लब, लीगल एड क्लिनिक, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और कानून की उपयोगिता के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को यह बताया गया कि कानून की जानकारी न केवल उनके अधिकारों की रक्षा करती है, बल्कि उन्हें अपराध और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने में भी मदद करती है। विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि समाज में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ने से ही एक सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

नालसा के डॉन कार्यक्रम की दी गई जानकारी

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) द्वारा संचालित डॉन कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से युवाओं को नशे से दूर रखने, समाज को नशामुक्त बनाने और कानूनी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

डॉन कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक सोच अपनाने, आत्मनियंत्रण बनाए रखने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके भविष्य और परिवार पर भी गहरा असर डालता है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में मुख्य कार्यक्रम

जिला मुख्यालय स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय सिमडेगा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव मरियम हेमरोम ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं के लिए उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध कथन

“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए”
आज के युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक मंत्र है।

युवाओं से नशा और अपराध से दूर रहने की अपील

सचिव मरियम हेमरोम ने अपने संबोधन में कहा कि यदि युवा वर्ग जागरूक, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनेगा, तो समाज और राष्ट्र अपने आप मजबूत होंगे। उन्होंने युवाओं से नशा, अपराध और असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की।

उन्होंने कहा:

“कानून की जानकारी युवाओं को गलत रास्ते पर जाने से रोकती है और उन्हें सही निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।”

साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। छात्र-छात्राएं किसी भी प्रकार की विधिक समस्या होने पर प्राधिकार से संपर्क कर सहायता ले सकते हैं।

शिक्षकों और पीएलवी की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों और पीएलवी की भी अहम भूमिका रही। इस अवसर पर शिक्षक सत्यजीत कुमार, पीएलवी दीपक, अजित, सुरजीत सहित अन्य शिक्षकगण, पीएलवी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक रहने और अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षित और जागरूक युवा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

कानून और संस्कार के समन्वय पर जोर

पूरे कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि केवल कानून की जानकारी ही नहीं, बल्कि संस्कार और नैतिक मूल्यों का होना भी उतना ही आवश्यक है। स्वामी विवेकानंद के विचारों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जब कानून और संस्कार साथ चलते हैं, तभी एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।

न्यूज़ देखो: जागरूक युवा ही मजबूत राष्ट्र की नींव

सिमडेगा में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित यह अभियान दर्शाता है कि विधिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों का समन्वय युवाओं को सही दिशा देने में प्रभावी है। नालसा के डॉन कार्यक्रम और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पहल समाज को नशामुक्त और कानूनसम्मत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें, जिम्मेदार बनें, लक्ष्य की ओर बढ़ें

स्वामी विवेकानंद का संदेश आज भी युवाओं को प्रेरित करता है कि वे जागें, समझें और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। कानून की जानकारी को अपना हथियार बनाएं और समाज को सकारात्मक दिशा दें। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और युवाओं तक यह संदेश पहुंचाने में सहभागी बनें।

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Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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