
#बोलबा #अंतरराष्ट्रीयमहिलादिवस : प्रखंड परिसर में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका और सम्मान पर दिया गया जोर।
सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक प्रेरक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सुषमा आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। विभिन्न जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने महिलाओं की भूमिका और उनके सम्मान पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान समाज में महिलाओं के योगदान और उनके सशक्तिकरण की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
- बोलबा प्रखंड परिसर, सिमडेगा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन।
- कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सुषमा आनंद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
- मुखिया सुरजन बड़ाइक, मुखिया स्नेहलता केरकेट्टा और जिप सदस्य अनीता सोरेंग ने महिलाओं के सम्मान और अधिकारों पर विचार रखे।
- कार्यक्रम से पहले अतिथियों का पारंपरिक नृत्य और फूल-माला पहनाकर स्वागत किया गया।
- महिला पर्यवेक्षिका सुनीता बारला ने सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए महिलाओं को समाज के विकास में आगे आने का आह्वान किया।
बोलबा प्रखंड परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका, सम्मान और सशक्तिकरण पर विशेष चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की उपस्थिति ने इसे एक महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन बना दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना और समाज में उनके योगदान को रेखांकित करना था। वक्ताओं ने महिलाओं को शिक्षा, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने महिलाओं के सम्मान को बताया समाज की आधारशिला
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सुषमा आनंद ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के बिना समाज की कल्पना अधूरी है और उनका सम्मान समाज की समृद्धि का आधार है।
डॉ. सुषमा आनंद ने कहा: “महिला दिवस हम सभी के लिए गर्व का दिन है। जहां नारियों का सम्मान होता है, वहां देवताओं का निवास माना जाता है और जहां ईश्वर का वास होता है, वहां खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है।”
उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के लिए आगे आने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
समाज के विकास में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुखिया सुरजन बड़ाइक ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र का वास्तविक विकास तभी संभव है जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि नारी केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि समाज की प्रेरणा भी है।
सुरजन बड़ाइक ने कहा: “समाज और राष्ट्र का वास्तविक विकास तभी संभव है जब महिलाओं को सम्मान और समान अवसर मिले। नारी मां, बहन और पत्नी के रूप में समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
उन्होंने समाज से अपील की कि महिलाओं की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए।
पारिवारिक सम्मान और समझ से ही मजबूत होता है समाज
इस अवसर पर मुखिया स्नेहलता केरकेट्टा ने अपने संबोधन में परिवार में आपसी सम्मान और समझ को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पति और पत्नी के बीच परस्पर सम्मान और सहयोग से ही परिवार मजबूत बनता है।
स्नेहलता केरकेट्टा ने कहा: “परिवार की सफलता पति और पत्नी के आपसी सम्मान और समझ पर निर्भर करती है। यदि दोनों एक-दूसरे का सम्मान करें, तभी परिवार और समाज आगे बढ़ सकता है।”
उन्होंने महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ समाज में आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को पहचानने की सलाह दी।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं महिलाएं
कार्यक्रम में जिप सदस्य अनीता सोरेंग ने कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने शिक्षा को महिलाओं के सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताया।
अनीता सोरेंग ने कहा: “आज महिलाएं नौकरी, खेल और विज्ञान सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। हमें लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें।”
उन्होंने समाज से आग्रह किया कि बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।
पारंपरिक नृत्य के साथ हुआ अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक संस्कृति की झलक के साथ हुई। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत पारंपरिक नृत्य के साथ मंच तक लाकर किया गया। इसके बाद सभी अतिथियों को फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
इस दौरान महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और प्रेरणा से भरा रहा।
कार्यक्रम के अंत में महिला पर्यवेक्षिका सुनीता बारला ने सभी महिलाओं और उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि महिलाओं को समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सुनीता बारला ने कहा: “कार्यक्रम में सुंदर प्रस्तुति देने के लिए सभी महिलाओं का धन्यवाद। हमें समाज के विकास के लिए आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”
इस अवसर पर विवेक प्रसाद, चंदन कुमार, सीई सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम की सफलता में अपनी सहभागिता निभाई।
न्यूज़ देखो: महिला सम्मान और समान अवसर ही सशक्त समाज की पहचान
बोलबा प्रखंड परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को समझने और सम्मान देने का महत्वपूर्ण संदेश भी है। वक्ताओं के विचार यह स्पष्ट करते हैं कि महिलाओं के बिना समाज का विकास संभव नहीं है। यदि शिक्षा, अवसर और सम्मान के द्वार महिलाओं के लिए समान रूप से खुले हों, तो समाज और राष्ट्र दोनों तेजी से प्रगति कर सकते हैं। यह भी जरूरी है कि ऐसे कार्यक्रम केवल एक दिन तक सीमित न रहें, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं।
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बदलते समाज में महिलाओं के सम्मान को बनाएं अपनी जिम्मेदारी
महिलाएं केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की शक्ति हैं। उनके सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही एक मजबूत और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करे।
यदि हम सच में बदलाव चाहते हैं, तो बेटियों की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए आगे आना होगा। छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।






