
#बिश्रामपुर #पलामू #धार्मिक_आयोजन : श्री सर्वेश्वरी समूह द्वारा महानिर्वाण दिवस पर पूजा, गोष्ठी और सेवा कार्य।
पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत ग्राम लोटार में 13 जनवरी को मां मैत्रायणी योगनी जी का महानिर्वाण दिवस श्रद्धा और सामाजिक सेवा के भाव के साथ मनाया गया। श्री सर्वेश्वरी समूह प्रार्थना गृह गुरी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूजा, विचार गोष्ठी और जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरण किया गया। आयोजन का उद्देश्य आध्यात्मिक चेतना के साथ मानव सेवा और नशामुक्त समाज का संदेश देना रहा। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों और समूह सदस्यों की सहभागिता रही।
- श्री सर्वेश्वरी समूह प्रार्थना गृह गुरी द्वारा ग्राम लोटार में आयोजन।
- मां मैत्रायणी योगनी जी और अघोरेश्वर महाप्रभु जी के चित्रों की विधिवत पूजा।
- विचार गोष्ठी में मानव सेवा और नशामुक्त समाज पर जोर।
- 70 साड़ियों सहित जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरण।
- भंडारा आयोजन में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड क्षेत्र में 13 जनवरी को आध्यात्मिक आस्था और सामाजिक सरोकार का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री सर्वेश्वरी समूह प्रार्थना गृह गुरी के द्वारा ग्राम लोटार स्थित हरिजन टोला पहाड़ी तर अभियान विद्यालय परिसर में मां मैत्रायणी योगनी जी का महानिर्वाण दिवस समारोह पूरे श्रद्धा, भक्ति और सेवा भाव के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों, समूह के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही।
प्रार्थना गृह से कार्यक्रम स्थल तक श्रद्धा यात्रा
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना गृह गुरी में विधिवत पूजा-अर्चना और आरती से हुई। इसके पश्चात समूह के सदस्य सामूहिक रूप से ग्राम लोटार के लिए प्रस्थान किए। आयोजन स्थल उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय लोटार में परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु जी, मां महा मैत्रायणी योगनी जी एवं परमपूज्य गुरुदेव गुरुपद बाबा जी के चित्र विधिवत स्थापित किए गए। पूजा और आरती के बाद वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
विचार गोष्ठी में मानवता और सेवा पर जोर
पूजा-अर्चना के उपरांत एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती रश्मि राय ने की। गोष्ठी की मुख्य अतिथि श्रीमती अम्बिका सोनी जी एवं श्रेया कुमारी रहीं, जबकि मंच संचालन संजीत कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। गोष्ठी में श्री सर्वेश्वरी समूह की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने मानवता की सेवा को सर्वोपरि बताया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा: “शराब का अर्थ शत-प्रतिशत बर्बादी का रास्ता होता है, इसलिए समाज को नशामुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।”
वक्ताओं ने मां मैत्रायणी योगनी जी के जीवन और उनके त्याग, सेवा तथा करुणा के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक चेतना तभी सार्थक है जब वह समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।
नशामुक्त समाज का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प दिलाया गया। समूह के सदस्यों ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर ले जाता है। इस संकल्प के माध्यम से युवाओं और ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास किया गया कि वे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण करें।
जरूरतमंदों के बीच वस्त्र वितरण
महानिर्वाण दिवस समारोह के दौरान सामाजिक सेवा के तहत जरूरतमंद लोगों के बीच 70 साड़ियों का वितरण किया गया। इसके साथ ही कुछ लोगों को पुराने लेकिन कीटाणु मुक्त वस्त्र भी प्रदान किए गए। इस सेवा कार्य से जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। समूह के सदस्यों ने कहा कि सेवा ही सच्ची साधना है और यही मां मैत्रायणी योगनी जी के संदेश का सार है।
भंडारा और सामूहिक प्रसाद
कार्यक्रम के समापन चरण में भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी उपस्थित श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान आपसी भाईचारे और समानता का भाव देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा।
आयोजन में इन लोगों का रहा विशेष सहयोग
इस सफल आयोजन में श्री जयराम मिश्र, राम लखन पाण्डेय, हलकानी राम, राधेश्याम मिश्र, चंद्रदेव साव, जवाहिर साव, हीरा लाल गुप्ता, विनोद पाण्डेय, कमलापति वैद, बीरबल प्रजापति, साहेब राम, श्रवण कुमार, राजन गुप्ता, महेंद्र साव, राजू कुमार, दुखराज राम, अक्षय चंद्रवंशी, बबलू राम, अजय राम, जगदीश राम, वार्ड सदस्य श्रीमती शिव कुमारी देवी एवं सहिया चिंता देवी का उल्लेखनीय सहयोग रहा। सभी के सामूहिक प्रयास से यह आयोजन सफल और प्रेरणादायी बन सका।



न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण
मां मैत्रायणी योगनी जी का महानिर्वाण दिवस समारोह यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजन यदि सेवा और जागरूकता से जुड़ जाएं तो उनका सामाजिक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। श्री सर्वेश्वरी समूह का यह प्रयास नशामुक्त समाज और मानव सेवा की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक चेतना का विस्तार होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा, संकल्प और समाज निर्माण की राह
जब आस्था के साथ सेवा जुड़ती है, तब समाज को नई दिशा मिलती है। मां मैत्रायणी योगनी जी के संदेश आज भी हमें करुणा, त्याग और मानवता का मार्ग दिखाते हैं।
आप भी नशामुक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे आगे फैलाएं और सेवा के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं।





