
#झारखंड #गणतंत्र_दिवस : राज्य सरकार ने जिलों में झंडोत्तोलन करने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची जारी की।
झारखंड में आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिलों में झंडोत्तोलन की जिम्मेदारी मंत्री और विधायकों को सौंपी गई है। राज्य सरकार ने जिलावार जनप्रतिनिधियों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार अलग-अलग जिलों में मंत्री और विधायक राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। गणतंत्र दिवस को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
- राज्यभर में मंत्री और विधायक करेंगे झंडोत्तोलन।
- राज्य सरकार ने जिलावार सूची की जारी।
- डालटनगंज से देवघर तक जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी।
- प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में।
- गरिमामय आयोजन के निर्देश जारी।
झारखंड में 26 जनवरी को मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस को लेकर राज्य सरकार ने सभी जिलों के लिए झंडोत्तोलन करने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची सार्वजनिक कर दी है। इस सूची के जारी होने के साथ ही जिलों में तैयारियां और तेज कर दी गई हैं। हर जिले में मुख्य समारोह स्थल पर संबंधित मंत्री या विधायक के हाथों राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस बार भी गणतंत्र दिवस समारोह को संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के मूल संदेशों के साथ भव्य और अनुशासित तरीके से आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए गए हैं।
इन जिलों में मंत्री और विधायक करेंगे झंडोत्तोलन
राज्य सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार डालटनगंज में मंत्री राधाकृष्ण किशोर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। चाईबासा में मंत्री दीपक बिरूआ, गुमला में चमरा लिंडा, पाकुड़ में संजय प्रसाद यादव और जामताड़ा में इरफान अंसारी को झंडोत्तोलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी तरह देवघर में हफीजुल हसन, गोड्डा में दीपिका पांडेय सिंह, बोकारो में योगेंद्र प्रसाद, गिरिडीह में सुदिव्य कुमार और लोहरदगा में शिल्पी नेहा तिर्की राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इन सभी जिलों में मुख्य समारोह जिला मुख्यालय में आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद रहेंगे।
प्रशासनिक तैयारियां अंतिम दौर में
गणतंत्र दिवस को लेकर सभी जिलों में प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परेड अभ्यास, मंच निर्माण, आमंत्रण पत्र वितरण और कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा स्कूलों, एनसीसी, स्काउट-गाइड और अन्य संस्थाओं को परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। समारोह स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए दिखेगी झारखंड की झलक
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में झारखंड की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी। विभिन्न जिलों में स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संविधान के मूल्यों, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जाएगा।
जिला प्रशासन की ओर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि कार्यक्रमों के दौरान स्वच्छता, अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार के निर्देश
राज्य सरकार ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गणतंत्र दिवस समारोह गरिमामय, शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाए। समारोह के दौरान संविधान की प्रस्तावना का पाठ, शहीदों को श्रद्धांजलि और विकास योजनाओं से संबंधित संदेशों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है। इसी सोच के तहत सभी कार्यक्रमों को सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने पर जोर दिया गया है।
न्यूज़ देखो: लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान
गणतंत्र दिवस पर मंत्री और विधायकों को झंडोत्तोलन की जिम्मेदारी देना लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है। इससे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता भी सामने आती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संविधान और लोकतंत्र के मूल्यों को अपनाएं
गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। इस अवसर पर संविधान के मूल्यों को समझें और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और दूसरों को भी राष्ट्रीय पर्व की महत्ता से जोड़ें।





