
#सिमडेगा #स्वास्थ्य_व्यवस्था : विधायक की फटकार के बाद ठप पड़ी 108 एम्बुलेंस सेवा दोबारा शुरू।
कुरडेग प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 16 दिनों से बंद पड़ी 108 एम्बुलेंस सेवा आखिरकार बहाल कर दी गई। यह सेवा लंबे समय से तकनीकी कारणों का हवाला देकर बंद रखी गई थी, जिससे क्षेत्र के मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। मामला जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और मीडिया के माध्यम से विधायक भुषण बाड़ा तक पहुंचा, तो उनके सख्त निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है।
- कुरडेग सीएचसी में 16 दिसंबर से बंद थी 108 एम्बुलेंस सेवा।
- जीवन रक्षक सेवा ठप रहने से गरीब व जरूरतमंद मरीज हुए प्रभावित।
- मीडिया प्रभारी शमीम अंसारी ने विभाग से मांगा जवाब।
- विधायक भुषण बाड़ा की सख्ती के बाद हरकत में आया विभाग।
- नया टायर लगाकर 108 एम्बुलेंस सेवा बहाल की गई।
कुरडेग प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 108 एम्बुलेंस सेवा का 16 दिसंबर से ठप रहना स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। यह एम्बुलेंस क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए जीवन रक्षक सेवा मानी जाती है, लेकिन इसके बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी संकट का सामना करना पड़ा।
16 दिन तक ठप रही जीवन रक्षक सेवा
स्थानीय लोगों के अनुसार, 108 एम्बुलेंस में तकनीकी खराबी बताकर सेवा को बंद कर दिया गया था। हैरानी की बात यह रही कि इतने दिनों तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने इसे दुरुस्त कराने की गंभीर पहल नहीं की। आपात स्थिति में मरीजों को निजी वाहनों या महंगे साधनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ा।
मीडिया और जनप्रतिनिधियों ने उठाया मुद्दा
जब इस लापरवाही की जानकारी कुरडेग मीडिया प्रभारी शमीम अंसारी को मिली, तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर जवाब मांगा। हालांकि विभाग की ओर से हर बार गोलमोल और गैर-जिम्मेदाराना जवाब दिया गया।
इसके बाद प्रखंड अध्यक्ष तुलसी खलखो और अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष जिशान खान ने इसे महज तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि जनता के जीवन-मरण का सवाल बताया और उच्च स्तर पर मामला उठाने की पहल की।
विधायक भुषण बाड़ा का सख्त रुख
मामला जैसे ही सिमडेगा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सह विधायक भुषण बाड़ा और महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष जोशीमा खाखा के संज्ञान में आया, विधायक ने स्वास्थ्य विभाग पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने वरीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा—
विधायक भुषण बाड़ा ने कहा:
“यदि दो दिनों के भीतर 108 एम्बुलेंस सेवा बहाल नहीं हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तय मानी जाएगी।”
दबाव में आया स्वास्थ्य विभाग
विधायक की फटकार और लगातार फोन कॉल के दबाव के बाद स्वास्थ्य विभाग को मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी। वर्षों से उपेक्षित पड़ी 108 एम्बुलेंस में नया टायर लगवाकर अंततः सेवा बहाल कर दी गई। सेवा शुरू होते ही क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली।
जनता में उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुरडेग की जनता सवाल पूछ रही है कि यदि विधायक हस्तक्षेप नहीं करते, तो क्या 108 एम्बुलेंस यूं ही बंद पड़ी रहती? क्या स्वास्थ्य विभाग को हर बार जनप्रतिनिधियों के दबाव का इंतजार करना चाहिए?
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि विधायक भुषण बाड़ा का यह कदम स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर करारा तमाचा है।
न्यूज़ देखो: जवाबदेही के बिना नहीं सुधरेगी व्यवस्था
यह मामला दर्शाता है कि जब तक जनप्रतिनिधि सख्ती नहीं दिखाते, तब तक कई विभाग जनता की बुनियादी जरूरतों को गंभीरता से नहीं लेते। 108 जैसी जीवन रक्षक सेवा का लंबे समय तक बंद रहना सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराता है या नहीं।
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